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Charkhi Dadri News: हाई कोर्ट के आदेश के बाद पिचौपा कलां में खनन क्षेत्र को किया सील, अधिकारी पहुंचे मौके पर

Wed, 04 Feb 2026 01:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Wed, 04 Feb 2026 01:28 AM IST
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Following a High Court order, the mining area in Pichopa Kalan was sealed; officials arrived at the scene
गांव पिचौपा कलां में पहुंचे उपायुक्त व अन्य अधिकारी।  - फोटो : 1
बाढड़ा। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के आदेशों के बाद दादरी जिला प्रशासन ने गांव पिचौपा कलां में स्थित खनन क्षेत्र को सील कर दिया है। उपायुक्त ने अधिकारियों के साथ सोमवार रात को गांव पिचौपा कलां पहुंच कर सीलिंग की प्रक्रिया शुरू की थी। वहीं मंगलवार को भी उपायुक्त के नेतृत्व में अधिकारी गांव में पहुंचे और खनन क्षेत्र को पूरी तरह से सील कर दिया है। वहीं, सील के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न हो। इसके लिए पुलिसकर्मियों को भी तैनात कर दिया गया है।
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मंगलवार को उपायुक्त डॉ. मुनीष नागपाल, सीईओ जिला परिषद डॉ. विरेंद्र सिंह, खनन अधिकारी सांची तलवार, जिला राजस्व अधिकारी राजकुमार भौरिया, बाढड़ा डीएसपी सुभाष चंद्र गांव पिचौपा कलां में खनन क्षेत्र में पहुंचे। प्रशासन द्वारा हाई कोर्ट के आदेशानुसार खसरा नंबर 109 व 110 की माइनिंग क्षेत्र के मुख्य रास्ताें को जेसीबी की सहायता से गड्ढे खुदवा कर सील कर दिया गया। ताकि खनन क्षेत्र में अगले आदेशों तक यथास्थिति बनी रह सके।
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ग्रामीणाें ने कंपनी पर लगाए अवैध खनन के आरोप
प्रशासन के खनन क्षेत्र में आने की सूचना के बाद गांव पिचौपा कलां के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीण संजय, राजेश, भीम सिंह आदि ने बताया कि खसरा नंबर 109 व 110 के पहाड़ी क्षेत्र में ही खनन हाेना था, जिसमें कुल 11 हेक्टेयर रकबा है, लेकिन माइनिंग कंपनी ने निर्धारित क्षेत्र से अधिक रकबे में अवैध रूप से खनन कर दिया। जिस पर हाई कोर्ट ने कड़ा संज्ञान लिया है।
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ये है मामला
गांव पिचौपा कलां में धर्मपाल स्टोन क्रशर के संचालक व अन्य की तरफ से हाई कोर्ट में दायर की गई याचिका में लीजधारक दादा दाेहला स्टाेन माइंस पर आरोप लगाया था कि कंपनी ने खसरा नंबर 109 व 110 में स्वीकृत क्षेत्र से कहीं अधिक खनन किया है। मामले में अधिवक्ता कंवल गोयल को लोकल कमिश्नर नियुक्त किया गया। जिनकी रिपोर्ट में सामने आया कि नौ में से केवल छह सीमा स्तंभ मौजूद हैं, जबकि तीन पूरी तरह गायब हैं। हाई कोर्ट ने इसे प्राकृतिक संसाधनों की लूट व पर्यावरण की तबाही करार दिया। हाई कोर्ट ने सुनवाई के बाद दादरी उपायुक्त को 48 घंटे में पूरा क्षेत्र सील कर वीडियोग्राफी करवाने व पर्यावरण मंत्रालय काे पक्षकार बनाकर सुधारात्मक कदम के बारे में निर्देश दिए हैं।

कष्ट निवारण समिति की बैठक में उठ चुका मुद्दा
बता दें कि गांव पिचौपा कलां के ग्रामीण पिछले काफी समय से यहां अवैध खनन को लेकर आवाज उठा रहे हैं। दादरी में आयोजित जिला कष्ट निवारण समिति की बैठकों में भी यह मुद्दा कई बार उठ चुका है। शिकायतकर्ताओं की ओर से यहां अवैध खनन, अवैध भूजल दोहन, माइनिंग कंपनियों से नियमानुसार मुआवजा दिलवाने, गांव पिचौपा से शीशवाला तक रास्ता पक्का करवाने, अवरूद्ध हुए रास्ते को दोबारा बनवाने आदि से संबंधित मांग उठाई जा रही थी।
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