फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Charkhi Dadri News ›   flesh was not of banned animal

Charkhi Dadri News: झुग्गियों से बरामद मांस की आई जांच रिपोर्ट, नहीं मिला संरक्षित पशु का मांस

Thu, 24 Oct 2024 11:01 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Thu, 24 Oct 2024 11:01 PM IST
विज्ञापन
flesh was not of banned animal
- संरक्षित पशु का मांस खाने के संदेह पर पीटकर की गई थी पश्चिम बंगाल निवासी युवक की हत्या, हंसावास खुर्द के समीप मिला था शव
विज्ञापन

फरीदाबाद लैब से आई मांस के लिए गए नमूने की रिपोर्ट

संवाद न्यूज एजेंसी

बाढड़ा/चरखी दादरी। संरक्षित पशु का मांस होने के अंदेशे पर करीब दो माह पहले हंसावास खुर्द की झुग्गियों से लिए गए नमूने की रिपोर्ट आ गई है। फरीदाबाद लैब से बाढड़ा पुलिस के पास पहुंची रिपोर्ट में इसे संरक्षित पशु का मांस नहीं बताया गया है। इसकी पुष्टि थाना प्रभारी तेजपाल सोनी ने की है।
संरक्षित पशु का मांस पकाने के अंदेशे में 27 अगस्त को बाढड़ा में पश्चिम बंगाल निवासी युवक साबिर मलिक की हत्या की गई थी। उसका शव हंसावास खुर्द के समीप बरामद हुआ था। हालांकि, मामले के तूल पकड़ने पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्यारोपियों को काबू किया था। इसके अलावा हंसावास खुर्द के समीप बनी प्रवासी श्रमिकों की झुग्गियों के बर्तनों से बरामद मांस के नमूने लेने के लिए भी एक टीम पहुंची थी। तत्कालीन थाना प्रभारी जयबीर की मौजूदगी में मांस के नमूने लेकर जांच के लिए फरीदाबाद लैब में भेजा गया था। उक्त नमूने की रिपोर्ट आ गई है। इसमें बर्तनों में मिले मांस को संरक्षित पशु का नहीं बताया गया है।
विज्ञापन


- 9 आरोपियों को भेजा गया था जेल
साबिर मलिक हत्याकांड में दादरी पुलिस ने 9 आरोपियों को काबू कर न्यायालय में प्रस्तुत किया था, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया था। उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। फुटेज व वीडियो की जांच के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


- जेएनयू से पहुंची थी टीम
जेएनयू छात्र संघ व कम्युनिस्ट प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने 15 सितंबर को तीन घंटे तक कस्बे व साथ लगते गांव हंसावास खुर्द की झुग्गियों का दौरा कर 27 अगस्त के प्रकरण की जानकारी हासिल की थी। जेएनयू टीम ने निरीक्षण के दौरान हत्याकांड की विस्तृत रिपोर्ट भी तैयार की थी।


वर्सन:
27 अगस्त को बाढड़ा व हंसावास में संरक्षित पशु का मांस का सेवन करने के अंदेशे पर प्रवासी श्रमिकों पर हमला किया गया था। इसमें एक श्रमिक की मौत हुई थी। बाढड़ा थाना पुलिस ने नौ आरोपियों को काबू किया था। वहीं, लैब में भेजे गए नमूने की रिपोर्ट आ गई है। इसमें झुग्गियों से बरामद मांस संरक्षित पशु का नहीं है।
-तेजपाल सोनी, एसएचओ, बाढड़ा थाना
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed