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निराश्रित बच्चों को दी जा रही है प्रतिमाह 2,100 रुपये की वित्तीय सहायता : मुनीश शर्मा
Tue, 07 Jan 2025 09:26 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 07 Jan 2025 09:26 PM IST
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चरखी दादरी। सामाजिक न्याय एवं कल्याण विभाग की ओर से निराश्रित बच्चों के लिए वित्तीय सहायता योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत पात्र बच्चों को प्रति माह 2,100 रुपये की पेंशन दी जा रही है, जो कि एक परिवार में अधिकतम दो बच्चों तक सीमित है।
उपायुक्त मुनीश शर्मा ने बताया कि योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक के पास बेसहारा होने का प्रमाणपत्र, बच्चों का स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी जन्म प्रमाणपत्र और हरियाणा में पांच वर्ष या उससे अधिक की अवधि का निवास प्रमाण की स्वयं सत्यापित प्रति व परिवार पहचान पत्र होना अनिवार्य है। यदि किसी आवेदक के पास ये दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, तो वह हरियाणा में पांच वर्षों से अधिक की अवधि की रिहाइश का हलफनामा अन्य प्रमाण के साथ दे सकता है।
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत वे बच्चे पात्र माने जाएंगे जिनके माता-पिता की मृत्यु हो गई हो और वो पिता के घर से पिछले दो वर्षों से अनुपस्थित हों। इसके अलावा माता-पिता को एक वर्ष से अधिक की लंबी सजा हुई हो या माता-पिता मानसिक या शारीरिक रूप से अक्षम हों। साथ ही, बच्चों के माता-पिता या अभिभावक की कुल वार्षिक आय दो लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
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उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन बच्चों के माता-पिता या अभिभावक किसी अन्य सरकारी योजना के तहत पारिवारिक पेंशन प्राप्त कर रहे हैं, वे इस योजना का लाभ नहीं ले सकेंगे। योजना का लाभ लेने के इच्छुक व्यक्ति अपने नजदीकी अंत्योदय सरल केंद्र, अटल सेवा केंद्र या सीएससी केंद्र पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
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उपायुक्त मुनीश शर्मा ने बताया कि योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक के पास बेसहारा होने का प्रमाणपत्र, बच्चों का स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी जन्म प्रमाणपत्र और हरियाणा में पांच वर्ष या उससे अधिक की अवधि का निवास प्रमाण की स्वयं सत्यापित प्रति व परिवार पहचान पत्र होना अनिवार्य है। यदि किसी आवेदक के पास ये दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, तो वह हरियाणा में पांच वर्षों से अधिक की अवधि की रिहाइश का हलफनामा अन्य प्रमाण के साथ दे सकता है।
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उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत वे बच्चे पात्र माने जाएंगे जिनके माता-पिता की मृत्यु हो गई हो और वो पिता के घर से पिछले दो वर्षों से अनुपस्थित हों। इसके अलावा माता-पिता को एक वर्ष से अधिक की लंबी सजा हुई हो या माता-पिता मानसिक या शारीरिक रूप से अक्षम हों। साथ ही, बच्चों के माता-पिता या अभिभावक की कुल वार्षिक आय दो लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
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उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन बच्चों के माता-पिता या अभिभावक किसी अन्य सरकारी योजना के तहत पारिवारिक पेंशन प्राप्त कर रहे हैं, वे इस योजना का लाभ नहीं ले सकेंगे। योजना का लाभ लेने के इच्छुक व्यक्ति अपने नजदीकी अंत्योदय सरल केंद्र, अटल सेवा केंद्र या सीएससी केंद्र पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।