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Charkhi Dadri News: महिला वार्ड सर्वेंट कर रही मरीजों के एक्स-रे, अधिकारी बेखबर

Mon, 10 Mar 2025 01:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Mon, 10 Mar 2025 01:16 AM IST
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Female ward servant doing X-rays of patients
चरखी दादरी के नागरिक अस्पताल में पैर के नीचे एक्स-रे कैसेट रखती महिला वार्ड सर्वेंट।
जगदीप सिंह
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चरखी दादरी। नागरिक अस्पताल के एक्स-रे कक्ष में नियमों काे ताक पर रखकर काम किया जा रहा है। यहां रेडियोग्राफर तैनात होने के बाद भी मरीजों के एक्स-रे करने की कमान महिला वार्ड सर्वेंट के हाथ में है। दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इससे बेखबर हैं जबकि नियमानुसार ऐसा करना गलत है। संवाददाता के पास महिला वार्ड सर्वेंट के एक्स-रे करने के फोटो भी उपलब्ध हैं।
नागरिक अस्पताल में रेडियोग्राफर तैनात होने के बाद भी महिला वार्ड सर्वेंट का मरीजों के एक्स-रे करना समझ से बाहर है। आलम यह है कि मरीजों के शरीर के अंग के नीचे एक्स-रे कैसेट रखने से लेकर मशीन का बटन तक महिला वार्ड सर्वेंट दबाती है। इससे स्पष्ट है कि एक्स-रे करने के नाम पर नियमों को दरकिनार कर मरीजों से खिलवाड़ किया जा रहा है। वहीं, अस्पताल प्रशासन मूकदर्शक बना है।
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वहीं, जानकारों की मानें तो बिना डिप्लोमा के मरीजों का एक्स-रे करना कानूनी आपराधिक श्रेणी में आता है। दूसरी ओर नागरिक अस्पताल में मरीजों के एक्स-रे करने की कमान कई दिनों से महिला वार्ड सर्वेंट संभाले हुए है। तैनात रेडियोग्राफर कंप्यूटर कार्य संभाल रहा है। अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली अपने आप में कई सवालिया निशान लगा रही है।
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वहीं, अधिकारियों का कहना है कि एक्स-रे कक्ष में रेडियोग्राफर तैनात है। अगर महिला वार्ड सर्वेंट एक्स-रे कर रही है तो यह गलत है। सोमवार को मामले पर संज्ञान लिया जाएगा।

- प्रतिदिन होते हैं 150 से अधिक एक्स-रे
नागरिक अस्पताल में ऑर्थो और टीबी स्पेशलिस्ट की तैनाती होने के बाद दोनों शिफ्टों में मरीजों की सुविधा के लिए एक्स-रे सेवा शुरू की गई है। अस्पताल में प्रतिदिन 150 से अधिक मरीजों के एक्स-रे किए जाते हैं। चिकित्सक भी एक्स-रे रिपोर्ट के आधार पर मरीज का उपचार शुरू करते हैं। ऐसे में वार्ड सर्वेंट महिला के हाथों में एक्स-रे की कमान देना मरीजों की सेहत के साथ सीधा खिलवाड़ करना है।
- यह कहते हैं नियम
नाम न छापने की शर्त पर शहर के एक रेडियोलॉजिस्ट ने बताया कि किसी भी सरकारी या गैर सरकारी संस्था में बिना रेडियोलोजी डिप्लोमा के एक्स-रे नहीं किए जा सकते। बाकायदा एक्स-रे मशीन पर रेडियोलोजिस्ट का कोड नंबर अंकित किया जाता है। वहीं, हर तीन माह में टीएलडी बैज नंबर लेना होता है। ताकि, मरीज और रेडियोलॉजिस्ट पर एक्स-रे किरणों का प्रभाव जाना जा सके।
- तीन साल से वार्ड सर्वेंट है महिला
संवाददाता ने जब पड़ताल की तो सामने आया कि जो महिला मरीजों के एक्स-रे कर रही है वह पिछले तीन साल से वार्ड सर्वेंट के पद पर तैनात है। एक्स-रे करने संबंधी कोई डिप्लोमा या डिग्री न होने के बावजूद महिला सर्वेंट को यह जिम्मेदारी सौंपना समझ से परे है।

एक्सपर्ट व्यू : मरीजों को उठानी पड़ सकती है परेशानी
शहर के एक रेडियोलॉजिस्ट ने बताया कि बिना एक्सपर्ट के एक्स-रे करना मरीजों की बीमारी के उपचार के नाम पर खिलवाड़ करना है। अप्रशिक्षित अथवा अकुशल ऐसा करे तो एक्स-रे रिपोर्ट तक प्रभावित होती है। उसका उपचार पर असर पड़ने से मरीज को दिक्कत झेलनी पड़ सकती है। अस्पताल में तैनात रेडियोलॉजिस्ट को ही एक्स-रे करने चाहिए।


हमने एक्स-रे के लिए रेडियोग्राफर की ड्यूटी लगाई हुई है। नियम के अनुसार वार्ड सर्वेंट से एक्स-रे करवाना गलत है। अगर ऐसा है तो मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करेंगे। -डॉ. बिजेंद्र लडवाल, डीएमएस, दादरी नागरिक अस्पताल
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