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पिता मल्खान सिंह बोले- बड़े बेटे की शहादत पर फख्र, छोटे बेटे को भी सेना में भेजूंगा
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Father Malkhan Singh said- Proud on martyrdom of elder son, I will send younger son in army
- फोटो : CharkhiDadri
पाकिस्तान की तरफ से नौगाम व पुंछ में की गई फायरिंग में शहीद हुए जिले के बांस गांव निवासी भूपेंद्र सिंह की शहादत पर परिजनों को फख्रहै। पिता मल्खान सिंह का कहना है कि उनके परिवार में बड़े बेटे ने अपनी मातृभूमि की रक्षा करते हुए शहादत दी है और अब वे अपने छोटे बेटे को भी सेना में ही भेजेंगे। मल्खान सिंह की आंखों में बड़े बेटे को खोने के गम के साथ उसकी शहादत का गर्व भी नजर आया।
बांस गांव निवासी भूपेंद्र सिंह के पिता मल्खान सिंह किसान हैं। भूपेंद्र सिंह से पहले परिवार में कोई सेना में भर्ती नहीं हुआ था। पांच साल पहले अंबाला भर्ती में भाग लेकर भूपेंद्र सिंह बतौर सिपाही भर्ती हुए थे। 18 माह पहले भूपेंद्र की शादी हुई थी। उनका सात माह का बेटा है।
शहादत के बाद से पत्नी रेखा और मां राजेश देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्हें शनिवार देर शाम करीब साढ़े सात बजे भूपेंद्र की शहादत की सूचना दी गई। शहीद के पिता मल्खान सिंह और छोटा भाई दीपक न केवल खुद को संभाले हुए हैं, बल्कि अन्य परिजनों को दिलासा भी दे रहे हैं। शहीद का पार्थिव शरीर सोमवार सुबह गांव पहुंचेगा और वहां राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ अंत्येष्टि की जाएगी। भूपेंद्र की शहादत के बाद राजनेता और विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों समेत क्षेत्र के गणमान्य लोग मल्खान सिंह के परिवार को ढाढ़स बंधाने बांस गांव पहुंचे।
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सेना में भर्ती होकर बड़े भाई और पिता का सपना करूंगा पूरा: दीपक
शहीद भूपेंद्र सिंह के छोटे भाई दीपक ने बताया कि बड़े भाई की शहादत पर उसे गर्व है। दीपक बीएससी अंतिम वर्ष का छात्र है और वह भी सेना में भर्ती होने के लिए तैयारी कर रहा है। दीपक ने बताया कि भाई की शहादत के बाद तो उसने सेना में भर्ती होने की ठान ली है। दीपक ने बताया कि सेना में भर्ती होकर वह अपने बड़े भाई और पिता के सपने को जरूर पूरा करेगा।
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बांस गांव निवासी भूपेंद्र सिंह के पिता मल्खान सिंह किसान हैं। भूपेंद्र सिंह से पहले परिवार में कोई सेना में भर्ती नहीं हुआ था। पांच साल पहले अंबाला भर्ती में भाग लेकर भूपेंद्र सिंह बतौर सिपाही भर्ती हुए थे। 18 माह पहले भूपेंद्र की शादी हुई थी। उनका सात माह का बेटा है।
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शहादत के बाद से पत्नी रेखा और मां राजेश देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्हें शनिवार देर शाम करीब साढ़े सात बजे भूपेंद्र की शहादत की सूचना दी गई। शहीद के पिता मल्खान सिंह और छोटा भाई दीपक न केवल खुद को संभाले हुए हैं, बल्कि अन्य परिजनों को दिलासा भी दे रहे हैं। शहीद का पार्थिव शरीर सोमवार सुबह गांव पहुंचेगा और वहां राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ अंत्येष्टि की जाएगी। भूपेंद्र की शहादत के बाद राजनेता और विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों समेत क्षेत्र के गणमान्य लोग मल्खान सिंह के परिवार को ढाढ़स बंधाने बांस गांव पहुंचे।
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सेना में भर्ती होकर बड़े भाई और पिता का सपना करूंगा पूरा: दीपक
शहीद भूपेंद्र सिंह के छोटे भाई दीपक ने बताया कि बड़े भाई की शहादत पर उसे गर्व है। दीपक बीएससी अंतिम वर्ष का छात्र है और वह भी सेना में भर्ती होने के लिए तैयारी कर रहा है। दीपक ने बताया कि भाई की शहादत के बाद तो उसने सेना में भर्ती होने की ठान ली है। दीपक ने बताया कि सेना में भर्ती होकर वह अपने बड़े भाई और पिता के सपने को जरूर पूरा करेगा।

Father Malkhan Singh said- Proud on martyrdom of elder son, I will send younger son in army- फोटो : CharkhiDadri