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Charkhi Dadri News: शिविर में किसानों को आधुनिक खेती व सहकारिता के बारे में किया जागरूक

Sun, 01 Feb 2026 12:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Sun, 01 Feb 2026 12:39 AM IST
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Farmers were made aware about modern farming and cooperation in the camp.
गांव नौरंगाबास जाटान में आयोजित शिविर में मौजूद अधिकारी व किसान।  - फोटो : 1
झोझू कलां। हरियाणा राज्य सहकारी विकास संघ लिमिटेड (हरकॉफेड) पंचकूला की ओर से शनिवार को गांव नौरंगाबास जाटान में किसान प्रशिक्षण शिविर एवं जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य किसानों को सहकारी समितियों के लाभ, आधुनिक कृषि तकनीकों और बागवानी के प्रति जागरूक करना रहा।
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शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में हरकॉफेड की शिक्षा निदेशिका संतोष, सीएम पैक्स चरखी दादरी के निदेशक प्रविंद्र मांढी ने शिरकत की। उनके साथ संस्थान के प्रबंधक इंद्रपाल, कृषि विभाग से जिले सिंह और बागवानी विभाग के विशेषज्ञ डा. जोगेंद्र सिंह मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।
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इस मौके पर शिक्षा निदेशिका संतोष एवं निदेशक प्रविंद्र मांढ़ी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि सहकारिता ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। यदि किसान एकजुट होकर सहकारी समितियों के माध्यम से कार्य करें, तो वे न केवल बिचौलियों से बच सकते हैं, बल्कि अपनी उपज का सही मूल्य भी प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया।
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उन्होंने कहा कि इस तरह के शिविरों का आयोजन किसानों को नई तकनीकों से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सराहनीय कदम है। कृषि विभाग से आए जिले सिंह ने बदलती जलवायु में खेती की चुनौतियों पर चर्चा की। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि बुवाई से पहले मिट्टी की जांच अवश्य करवाएं, रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर जैविक खेती को धीरे-धीरे अपनाएं, सरकार द्वारा कृषि यंत्रों पर दी जाने वाली सब्सिडी का लाभ उठाएं।

बागवानी विशेषज्ञ डा. जोगेंद्र सिंह ने किसानों को पारंपरिक फसलों के चक्र से निकलकर बागवानी अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि कैसे कम पानी और कम जगह में ड्रिप इरिगेशन के माध्यम से मशरूम, शहद और फलदार पौधों की खेती कर किसान अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं। प्रबंधक इंद्रपाल ने शिविर के अंत में विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी और किसानों की समस्याओं का मौके पर समाधान किया।
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