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फसल अवशेषों को किसान बनाए अतिरिक्त आय का साधन: उपायुक्त
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चरखी दादरी। उपायुक्त प्रीति ने कहा है कि जिले में फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर संबंधित विभागों की ओर से सक्रियता से काम किया जाए और किसानों को नई तकनीक के बारे में जागरूक भी किया जाए। इस समय ऐसी तकनीक उपलब्ध हैं, जिनका प्रयोग करके फसल अवशेष को आय के रूप में बदला जा सकता है। नई तकनीक से अवशेषों से विभिन्न प्रकार के उत्पाद बनाकर कमाई की जा सकती है।
उपायुक्त ने किसानों से अपील करते हुए कहा है कि फसल अवशेष प्रबंधन प्रदूषण नियंत्रण के दृष्टिगत समय की जरूरत है। अब ऐसी तकनीकें भी उपलब्ध हैं, जिनके द्वारा फसलों के अवशेष से उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं और अवशेष को विभिन्न उद्योगों में बेचा भी जा सकता है। ऐसे में किसी को भी फसलों के अवशेष जलाने की जरूरत नहीं होनी चाहिए। किसान फसल अवशेष को आय के साधन के रूप में प्रयोग करें और अपनी आमदनी बढ़ाएं। फसल अवशेषों को अतिरिक्त आय के तौर पर देखा जा सकता है।
उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि फसल अवशेषों में आगजनी की घटना न घटे, इसके लिए किसानों को जागरूक किया जाना चाहिए। साथ ही किसानों को कस्टम हायरिंग सेंटरों की भी जानकारी दें, जहां पर फसल अवशेषों की बिक्री की जा सकती है। उन्होंने कहा कि फसल अवशेषों में आग लगाने से भूमि के सूक्ष्म जीव नष्ट हो जाते है, जिससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति कमजोर हो जाती है।
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उपायुक्त ने किसानों से अपील करते हुए कहा है कि फसल अवशेष प्रबंधन प्रदूषण नियंत्रण के दृष्टिगत समय की जरूरत है। अब ऐसी तकनीकें भी उपलब्ध हैं, जिनके द्वारा फसलों के अवशेष से उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं और अवशेष को विभिन्न उद्योगों में बेचा भी जा सकता है। ऐसे में किसी को भी फसलों के अवशेष जलाने की जरूरत नहीं होनी चाहिए। किसान फसल अवशेष को आय के साधन के रूप में प्रयोग करें और अपनी आमदनी बढ़ाएं। फसल अवशेषों को अतिरिक्त आय के तौर पर देखा जा सकता है।
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उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि फसल अवशेषों में आगजनी की घटना न घटे, इसके लिए किसानों को जागरूक किया जाना चाहिए। साथ ही किसानों को कस्टम हायरिंग सेंटरों की भी जानकारी दें, जहां पर फसल अवशेषों की बिक्री की जा सकती है। उन्होंने कहा कि फसल अवशेषों में आग लगाने से भूमि के सूक्ष्म जीव नष्ट हो जाते है, जिससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति कमजोर हो जाती है।
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