{"_id":"664e2268d2d74dae5606924d","slug":"farmers-of-sanjarwas-troubled-by-raw-road-charkhi-dadri-news-c-126-1-cdr1001-118040-2024-05-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Charkhi Dadri News: नहरी पानी की कमी व कच्चे रास्ते से सांजरवास के किसान परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Charkhi Dadri News: नहरी पानी की कमी व कच्चे रास्ते से सांजरवास के किसान परेशान
Wed, 22 May 2024 10:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 22 May 2024 10:20 PM IST
विज्ञापन
चरखी दादरी के सांजरवास गांव में कच्चा पड़ा रास्ता।
चरखी दादरी/बौंदकलां। गांव सांजरवास में नहरी पानी की कमी और खेतों में जाने के कच्चे रास्ते किसानों के लिए समस्याएं पैदा कर रहे हैं। ग्रामीण लंबे समय से इन समस्याओं से ग्रस्त हैं और अब नई सरकार से समाधान की आस लगाए बैठे हैं। इनका कहना है कि चुनाव में उसी प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करेंगे जो दोनों समस्याओं का स्थायी समाधान प्राथमिकता से करवाएगा।
ग्रामीण जयपाल, अजीत, इंदूराम व अजय ने बताया कि गांव में सबसे ज्यादा मुश्किलें किसानों को हो रही हैं। गांव में 60 प्रतिशत किसान हैं और सभी का खेतों में कच्चे रास्ते से ही आवागमन रहता है। मिट्टी होने के कारण यहां किसानों के वाहन धंस जाते हैं। कई बार खेत से फसल लाते समय उनकी फसल रास्ते में बिखर जाती है। बारिश के समय रास्ते पर पानी भर जाता है और चिकनी मिट्टी होने के कारण फिसल बन जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार के प्रतिनिधि गांव की ओर कभी रूख नहीं करते। उन्हें कभी गांव में आकर उनकी समस्याओं को जानना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोग गर्मी में बिना पानी के तंग रहते हैं और बारिश में पानी से तंग हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि नहर में डेढ़ महीने से पानी आता है और दो से तीन दिन तक चलता है। इससे सभी किसानों के खेत में पानी की पूर्ति नहीं हो पाती है। सरकार प्रतिनिधियों को उनकी इन दो समस्याओं से छुटकारा दिलाना होगा। अब जो भी प्रतिनिधि या प्रत्याशी गांव में आएगा उससे ग्रामीण अपनी समस्या के समाधान की वादा कराएंगे।
विज्ञापन
सांजरवास गांव गांव से जुड़े कुछ तथ्य
कुल आबादी - 10,000
महिला मतदाता - 2,300
पुरुष मतदाता - 2,700
युवा मतदाता - 2,000
बुजुर्ग मतदाता - 1,000
गांव में ये दोनों समस्याओं लंबे समय से बनी हैं। किसान इनसे काफी परेशान हैं और समाधान न होने से उनमें रोष है। ग्राम पंचायत का प्रयास रहेगा कि जल्द से जल्द दोनों समस्याओं का समाधान करवाया जाए। -विश्वजीत सिंह, सरपंच प्रतिनिधि, सांजरवास।
विज्ञापन
ग्रामीण जयपाल, अजीत, इंदूराम व अजय ने बताया कि गांव में सबसे ज्यादा मुश्किलें किसानों को हो रही हैं। गांव में 60 प्रतिशत किसान हैं और सभी का खेतों में कच्चे रास्ते से ही आवागमन रहता है। मिट्टी होने के कारण यहां किसानों के वाहन धंस जाते हैं। कई बार खेत से फसल लाते समय उनकी फसल रास्ते में बिखर जाती है। बारिश के समय रास्ते पर पानी भर जाता है और चिकनी मिट्टी होने के कारण फिसल बन जाती है।
विज्ञापन
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार के प्रतिनिधि गांव की ओर कभी रूख नहीं करते। उन्हें कभी गांव में आकर उनकी समस्याओं को जानना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोग गर्मी में बिना पानी के तंग रहते हैं और बारिश में पानी से तंग हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि नहर में डेढ़ महीने से पानी आता है और दो से तीन दिन तक चलता है। इससे सभी किसानों के खेत में पानी की पूर्ति नहीं हो पाती है। सरकार प्रतिनिधियों को उनकी इन दो समस्याओं से छुटकारा दिलाना होगा। अब जो भी प्रतिनिधि या प्रत्याशी गांव में आएगा उससे ग्रामीण अपनी समस्या के समाधान की वादा कराएंगे।
विज्ञापन
सांजरवास गांव गांव से जुड़े कुछ तथ्य
कुल आबादी - 10,000
महिला मतदाता - 2,300
पुरुष मतदाता - 2,700
युवा मतदाता - 2,000
बुजुर्ग मतदाता - 1,000
गांव में ये दोनों समस्याओं लंबे समय से बनी हैं। किसान इनसे काफी परेशान हैं और समाधान न होने से उनमें रोष है। ग्राम पंचायत का प्रयास रहेगा कि जल्द से जल्द दोनों समस्याओं का समाधान करवाया जाए। -विश्वजीत सिंह, सरपंच प्रतिनिधि, सांजरवास।