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Charkhi Dadri News: लंबे अंतराल के बाद किसानों को मिली यूरिया खाद
Sat, 11 Jan 2025 12:00 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 11 Jan 2025 12:00 PM IST
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चरखी दादरी। जिले में शनिवार को काफी दिनों बाद यूरिया खाद का वितरण किया गया। खाद का वितरण पैक्स समितियों व प्राइवेट विक्रेताओं के माध्यम से किया जा रहा है। जिले में फिलहाल, यूरिया खाद की मांग बनी हुई है। नगर स्थित जमीदारा सोसायटी की ओर से 800 बैग का वितरण किया गया। शुक्रवार को जिले में यूरिया के 13 हजार बैग पहुंचे हैं।
खाद के लिए सुबह ही किसानों की सोसायटी कार्यालय के बाहर लाइन लग गई। यूरिया से भरा ट्रक दो घंटे में ही खाली हो गया। जिन किसानों ने फसल की पछेती बिजाई कर रखी है उनमें अभी यूरिया की जरूरत है। इस समय किसान पहली व दूसरी सिंचाई भी कर चुके हैं। फिर भी पछेती बिजाई वाली फसल में यूरिया के छिड़काव की जरूरत बनी हुई है। पछेती बिजाई का रकबा करीब पांच हजार एकड़ है। इसी प्रकार, अन्य फसल में भी यूरिया की जरूरत है।
जिले में करीब 55 हजार में सरसों व करीब 45 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बिजाई किसानों ने कर रखी है। इसी प्रकार, जौ का रकबा भी करीब तीन हजार हेक्टेयर क्षेत्र है। गन्ने का भी करीब एक हजार एकड़ रकबा है। शनिवार सुबह ही यूरिया खाद का वितरण शुरू कर दिया गया। 13 हजार बैग भिवानी से मंगवाए गए हैं। गांवों में पैक्स समितियों के माध्यम से वितरण हो रहा है। कुछ खाद प्राइवेट विक्रेताओं के माध्यम से बांटी जा रही है।
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यूरिया खाद का पैक्स समितियों व प्राइवेट विक्रेताओं के माध्यम से वितरण किया जा रहा है। खाद की कमी नहीं रहने दी जाएगी। कुछ दिन के अंतराल के बाद फिर खाद मंगवा दी जाएगी।
-कृष्ण कुमार, एसडीओ, कृषि विभाग
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खाद के लिए सुबह ही किसानों की सोसायटी कार्यालय के बाहर लाइन लग गई। यूरिया से भरा ट्रक दो घंटे में ही खाली हो गया। जिन किसानों ने फसल की पछेती बिजाई कर रखी है उनमें अभी यूरिया की जरूरत है। इस समय किसान पहली व दूसरी सिंचाई भी कर चुके हैं। फिर भी पछेती बिजाई वाली फसल में यूरिया के छिड़काव की जरूरत बनी हुई है। पछेती बिजाई का रकबा करीब पांच हजार एकड़ है। इसी प्रकार, अन्य फसल में भी यूरिया की जरूरत है।
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जिले में करीब 55 हजार में सरसों व करीब 45 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बिजाई किसानों ने कर रखी है। इसी प्रकार, जौ का रकबा भी करीब तीन हजार हेक्टेयर क्षेत्र है। गन्ने का भी करीब एक हजार एकड़ रकबा है। शनिवार सुबह ही यूरिया खाद का वितरण शुरू कर दिया गया। 13 हजार बैग भिवानी से मंगवाए गए हैं। गांवों में पैक्स समितियों के माध्यम से वितरण हो रहा है। कुछ खाद प्राइवेट विक्रेताओं के माध्यम से बांटी जा रही है।
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यूरिया खाद का पैक्स समितियों व प्राइवेट विक्रेताओं के माध्यम से वितरण किया जा रहा है। खाद की कमी नहीं रहने दी जाएगी। कुछ दिन के अंतराल के बाद फिर खाद मंगवा दी जाएगी।
-कृष्ण कुमार, एसडीओ, कृषि विभाग