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Charkhi Dadri News: बीज महंगे मिलने पर किसानों ने जताया रोष
Wed, 26 Jun 2024 08:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 26 Jun 2024 08:50 PM IST
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बाढड़ा। भारतीय किसान यूनियन ने बुधवार को कस्बे के किसान भवन में बैठक आयोजित कर निजी कंपनियों की ओर से मनमर्जी से बीज की दर बढ़ाने का आरोप लगया। किसानों ने रोष जताते हुए मनमाने दामों पर अंकुश लगाने की मांग की। किसान नेताओं ने कहा कि बकाया मुआवजा, भावांतर, क्षतिपूर्ति राशि व लंबित ट्यूबवेल कनेक्शन जारी न करने पर जुलाई में महापंचायत आयोजित कर आगामी रणनीति बनाई जाएगी।
भाकियू के अध्यक्ष हरपाल भांडवा ने कहा कि सरकार कपास, सरसों, बाजरे की एमएसपी के नाम पर मात्र सवा सौ रुपये बढ़ा कर वाहवाही लूट रही है। किसानों को महंगा खाद बीज खरीदना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बाजरे का बीज 65 हजार प्रति क्विंटल बिक रहा है, जबकि किसान से बाजारा दो से ढाई हजार प्रति क्विंटल खरीदा जा रहा है। निजी कंपनियां बड़ा मुनाफा काम रही है।
उन्होंने कहा कि किसान हितैषी होने का दम भरने वाली सरकार के शासन में किसान कर्ज में डूबा है। किसान को ट्यूबवेल बिजली कनेक्शन नहीं मिल पा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि उनकी मांग पर जल्द ही कदम नहीं उठाया गया तो जुलाई में महापंचायत आयोजित कर आंदोलन शुरू किया जाएगा। बैठक में पूर्व सरपंच गिरधारी मोद, महासचिव महेंद्र जेवली, ओमप्रकाश उमरवास, रामअवतार लाड, सतबीर सिंह बाढड़ा, करतार सिंह, जगत सिंह बाढड़ा, मीरसिंह, दलीप सिंह भांडवा, ताराचंद मौजूद रहे।
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भाकियू के अध्यक्ष हरपाल भांडवा ने कहा कि सरकार कपास, सरसों, बाजरे की एमएसपी के नाम पर मात्र सवा सौ रुपये बढ़ा कर वाहवाही लूट रही है। किसानों को महंगा खाद बीज खरीदना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बाजरे का बीज 65 हजार प्रति क्विंटल बिक रहा है, जबकि किसान से बाजारा दो से ढाई हजार प्रति क्विंटल खरीदा जा रहा है। निजी कंपनियां बड़ा मुनाफा काम रही है।
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उन्होंने कहा कि किसान हितैषी होने का दम भरने वाली सरकार के शासन में किसान कर्ज में डूबा है। किसान को ट्यूबवेल बिजली कनेक्शन नहीं मिल पा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि उनकी मांग पर जल्द ही कदम नहीं उठाया गया तो जुलाई में महापंचायत आयोजित कर आंदोलन शुरू किया जाएगा। बैठक में पूर्व सरपंच गिरधारी मोद, महासचिव महेंद्र जेवली, ओमप्रकाश उमरवास, रामअवतार लाड, सतबीर सिंह बाढड़ा, करतार सिंह, जगत सिंह बाढड़ा, मीरसिंह, दलीप सिंह भांडवा, ताराचंद मौजूद रहे।
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