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Charkhi Dadri News: 72 घंटे में नुकसान दर्ज कराना है, चार दिन बाद भी नहीं खुला पोर्टल
Sun, 16 Mar 2025 10:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 16 Mar 2025 10:56 PM IST
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खेत में बिछी गेहूं की फसल दिखाता किसान सतीश थालौर। संवाद
फोटो 22
खेत में बिछी गेहूं की फसल दिखाते किसान सतीश थालौर। संवाद
फोटो 23
हरपाल भांडवा।
फोटो 24
हरिकिशन।
- कादमा व कांहड़ा गांव के किसान कर रहे पोर्टल खुलने का इंतजार, जल्द समाधान न होने पर दी आंदोलन की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
कादमा। क्षतिपूर्ति पोर्टल नहीं खुलने से कादमा क्षेत्र के किसान ओलावृष्टि से नष्ट फसल का विवरण दर्ज नहीं करा पा रहे हैं। इसे लेकर किसान परेशान हैं। व्यवस्था की खामी से उनमें रोष है। परेशान किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर पोर्टल नहीं खुला तो आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
होली के दिन तेज बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से सरसों, गेहूं, जौ, चना समेत सब्जियों की फसल को नुकसान पहुंचा है। ओलावृष्टि से पहले फसल पककर तैयार हो रही थी। ओलावृष्टि से क्षेत्र के गांव कांहड़ा, कादमा, दगड़ोली, ऊण, धनासरी, निमड़-बडे़सरा व बधवाना आदि गांवों के कृषि योग्य रकबा में नुकसान हुआ। ओलावृष्टि के 4 दिन बीत जाने के बाद भी क्षेत्र के गांव कादमा व कांहड़ा का क्षतिपूर्ति पोर्टल नहीं खुला है। किसानों ने कहा कि हमारी फसल खराब हुई है। सरकार ने ब्योरा दर्ज करने के लिए 72 घंटे का समय दिया। यह समय अवधि बीत चुकी है, लेकिन, किसानों के नुकसान दर्ज करने के लिए पोर्टल को अब तक नहीं खोला गया है।
- किसान बोले- सुनवाई न होने से बना रोष
भाकियू जिला प्रधान हरपाल सिंह भांडवा ने कहा कि जल्द से जल्द समाधान नहीं हुआ तो संगठन आंदोलन करने से गुरेज नहीं करेगा। किसान लीलाराम, बीडीसी गुणपाल, राकेश चहल, मीर सिंह, विरेंद्र स्वामी, हरीकिशन, सतीश थालौर, संदीप ,सोमबीर, जगदीश व राजेश आदि ने कहा कि परेशान किसानों की सुनवाई नहीं हो रही है। इससे उनमें रोष है।
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किसान बोले- 4 दिन से पोर्टल खुलने का इंतजार
- ओलावृष्टि के 4 दिन बीत जाने के बाद भी क्षेत्र के गांव कादमा व कांहड़ा का क्षतिपूर्ति पोर्टल नहीं खोला गया है। अगर पोर्टल नहीं खुला तो किसान यूनियन आंदोलन करने से गुरेज नहीं करेगा।
-हरपाल भांडवा, जिला प्रधान, भाकियू
- एक तरफ सरकार कहती है कि कोई भी नुकसान होने पर किसान क्षतिपूर्ति पोर्टल पर ब्योरा दर्ज करवाकर भरपाई करवा सकता है। दूसरी ओर अब तक सरकार की ओर से पोर्टल नहीं खोला गया है।
-हरिकिशन, किसान
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खेत में बिछी गेहूं की फसल दिखाते किसान सतीश थालौर। संवाद
फोटो 23
हरपाल भांडवा।
फोटो 24
हरिकिशन।
- कादमा व कांहड़ा गांव के किसान कर रहे पोर्टल खुलने का इंतजार, जल्द समाधान न होने पर दी आंदोलन की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
कादमा। क्षतिपूर्ति पोर्टल नहीं खुलने से कादमा क्षेत्र के किसान ओलावृष्टि से नष्ट फसल का विवरण दर्ज नहीं करा पा रहे हैं। इसे लेकर किसान परेशान हैं। व्यवस्था की खामी से उनमें रोष है। परेशान किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर पोर्टल नहीं खुला तो आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
होली के दिन तेज बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से सरसों, गेहूं, जौ, चना समेत सब्जियों की फसल को नुकसान पहुंचा है। ओलावृष्टि से पहले फसल पककर तैयार हो रही थी। ओलावृष्टि से क्षेत्र के गांव कांहड़ा, कादमा, दगड़ोली, ऊण, धनासरी, निमड़-बडे़सरा व बधवाना आदि गांवों के कृषि योग्य रकबा में नुकसान हुआ। ओलावृष्टि के 4 दिन बीत जाने के बाद भी क्षेत्र के गांव कादमा व कांहड़ा का क्षतिपूर्ति पोर्टल नहीं खुला है। किसानों ने कहा कि हमारी फसल खराब हुई है। सरकार ने ब्योरा दर्ज करने के लिए 72 घंटे का समय दिया। यह समय अवधि बीत चुकी है, लेकिन, किसानों के नुकसान दर्ज करने के लिए पोर्टल को अब तक नहीं खोला गया है।
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- किसान बोले- सुनवाई न होने से बना रोष
भाकियू जिला प्रधान हरपाल सिंह भांडवा ने कहा कि जल्द से जल्द समाधान नहीं हुआ तो संगठन आंदोलन करने से गुरेज नहीं करेगा। किसान लीलाराम, बीडीसी गुणपाल, राकेश चहल, मीर सिंह, विरेंद्र स्वामी, हरीकिशन, सतीश थालौर, संदीप ,सोमबीर, जगदीश व राजेश आदि ने कहा कि परेशान किसानों की सुनवाई नहीं हो रही है। इससे उनमें रोष है।
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किसान बोले- 4 दिन से पोर्टल खुलने का इंतजार
- ओलावृष्टि के 4 दिन बीत जाने के बाद भी क्षेत्र के गांव कादमा व कांहड़ा का क्षतिपूर्ति पोर्टल नहीं खोला गया है। अगर पोर्टल नहीं खुला तो किसान यूनियन आंदोलन करने से गुरेज नहीं करेगा।
-हरपाल भांडवा, जिला प्रधान, भाकियू
- एक तरफ सरकार कहती है कि कोई भी नुकसान होने पर किसान क्षतिपूर्ति पोर्टल पर ब्योरा दर्ज करवाकर भरपाई करवा सकता है। दूसरी ओर अब तक सरकार की ओर से पोर्टल नहीं खोला गया है।
-हरिकिशन, किसान