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किसान आंदोलन को लेकर मोदी की नीयत में खोट ः अभय चौटाला
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गांव मकड़ाना में सभा को संबोंधित करते अभय सिंह चौटाला ।
- फोटो : CharkhiDadri
संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वक्तव्य से साफ हो गया है कि किसान आंदोलन को लेकर उनकी नीयत में खोट है। यह बात इनेलो प्रधान महासचिव अभय सिंह चौटाला ने कितलाना टोल पर किसानों के धरने को समर्थन देते हुए कही।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आंदोलन को लंबा करवाकर तोड़ना चाहते हैं, जिससे सजग रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों की इस लड़ाई में इनेलो का हर कार्यकर्ता बिना पार्टी के झंडे और बैनर के डटकर साथ देगा।
उन्होंने कहा देर लग सकती है, लेकिन किसानों की जीत तय है। उन्होंने कहा कि सब मिलकर हर गांव में 10 से 15 लोगों की कमेटी बनाएं और बॉर्डर पर चल रहे धरनों को मजबूती देते रहें। अभय सिंह ने कहा कि जिन्होंने भाजपा के खिलाफ ये कहकर वोट बटोरे थे, कि वे किसानों का साथ देंगे। आज सत्ता के लालच में उनकी झोली में बैठे हैं। उन्होंने विधानसभा से इस्तीफे देने पर कहा कि जहां सत्ता के विरुद्ध विपक्ष में साथ देने वाला कोई ना हो ऐसे सदन का सदस्य बने रहना उन्हें गवारा नहीं था।
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आंदोलन में मरने वाले किसानों को दी श्रद्धांजलि
अनिश्चितकालीन धरने की 46वें दिन नर सिंह डीपीई, बलवंत नंबरदार, बिजेंद्र श्योराण, प्रभूराम गोदारा, राजकुमार दलाल, राज सिंह, राकेश आर्य, गंगाराम श्योराण, सुभाष यादव, बीरमति ने संयुक्त रूप से अध्यक्षता की। इस दौरान धरने पर उत्तराखंड के चमोली में आए जल प्रलय में जान गंवाने और किसान आंदोलन में मरने वाले धरनारत किसानों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।
गांव मकड़ाना में अभय सिंह चौटाला का किया सम्मान
किसानों के समर्थन में विधायक पद से इस्तीफा देने पर गांव मकड़ाना में अभय सिंह चौटाला का सम्मान किया गया। किसान संगठनों व विभिन्न खापों के पदाधिकारियों ने अभय चौटाला को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। इस दौरान नप वाइस चेयरमैन बबलू श्योराण ने अभय चौटाला को हल भेंट किया।
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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आंदोलन को लंबा करवाकर तोड़ना चाहते हैं, जिससे सजग रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों की इस लड़ाई में इनेलो का हर कार्यकर्ता बिना पार्टी के झंडे और बैनर के डटकर साथ देगा।
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उन्होंने कहा देर लग सकती है, लेकिन किसानों की जीत तय है। उन्होंने कहा कि सब मिलकर हर गांव में 10 से 15 लोगों की कमेटी बनाएं और बॉर्डर पर चल रहे धरनों को मजबूती देते रहें। अभय सिंह ने कहा कि जिन्होंने भाजपा के खिलाफ ये कहकर वोट बटोरे थे, कि वे किसानों का साथ देंगे। आज सत्ता के लालच में उनकी झोली में बैठे हैं। उन्होंने विधानसभा से इस्तीफे देने पर कहा कि जहां सत्ता के विरुद्ध विपक्ष में साथ देने वाला कोई ना हो ऐसे सदन का सदस्य बने रहना उन्हें गवारा नहीं था।
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आंदोलन में मरने वाले किसानों को दी श्रद्धांजलि
अनिश्चितकालीन धरने की 46वें दिन नर सिंह डीपीई, बलवंत नंबरदार, बिजेंद्र श्योराण, प्रभूराम गोदारा, राजकुमार दलाल, राज सिंह, राकेश आर्य, गंगाराम श्योराण, सुभाष यादव, बीरमति ने संयुक्त रूप से अध्यक्षता की। इस दौरान धरने पर उत्तराखंड के चमोली में आए जल प्रलय में जान गंवाने और किसान आंदोलन में मरने वाले धरनारत किसानों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।
गांव मकड़ाना में अभय सिंह चौटाला का किया सम्मान
किसानों के समर्थन में विधायक पद से इस्तीफा देने पर गांव मकड़ाना में अभय सिंह चौटाला का सम्मान किया गया। किसान संगठनों व विभिन्न खापों के पदाधिकारियों ने अभय चौटाला को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। इस दौरान नप वाइस चेयरमैन बबलू श्योराण ने अभय चौटाला को हल भेंट किया।

कितलाना टोल प्लाजा पर किसानों के बीच बैठे अभय सिंह चौटाला।- फोटो : CharkhiDadri