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Charkhi Dadri News: लैब में आठ दिन के अंदर तैयार की गई 63 मरीजों की फर्जी थायराइड रिपोर्ट

Sat, 16 Mar 2024 01:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Sat, 16 Mar 2024 01:49 AM IST
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Fake thyroid report of 63 patients
चरखी दादरी। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की अगुवाई में वीरवार को शहर के लोहारू रोड पर सील की गई निजी लैब में पिछले आठ दिनों के अंदर 63 मरीजों की फर्जी थायराइड रिपोर्ट तैयार की गई। लैब में इन मरीजों की केवल टीएसएस की जांच की गई जबकि टी-3 और टी-4 जांच की फर्जी रिपोर्ट भरी गई। इन अनियमितताओं का संज्ञान लेकर जिला स्वास्थ्य विभाग ने शहर पुलिस थाने में लैब संचालक समेत दो लोगों पर विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज करवा दिया है।
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गुप्त सूचना के आधार पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने वीरवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम को साथ लेकर सिविल अस्पताल के पास स्थित एक निजी लैब पर छापा मारा। वहां मरीजों को फर्जी जांच रिपोर्ट देने की सूचना मुख्यमंत्री उड़नदस्ते को मिली थी। वीरवार करीब छह घंटे तक संयुक्त टीम की कार्रवाई में जांच के बाद सूचना सही साबित हुई। इस कारण जिला स्वास्थ्य विभाग ने लैब को सील कर संचालक व एक अन्य के खिलाफ मामला दर्ज करवा दिया।
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डिप्टी सीएमओ एवं मामले के शिकायतकर्ता डॉ. अंकुर ने बताया कि लैब की जांच की गई तो आठ दिनों में हुए टेस्ट का रिकॉर्ड जांचा गया। 63 मरीजों की रिपोर्ट का हार्माेन और बायोकेमिस्ट्री मशीनों के बैकअप डाटा के साथ मिलान किया गया। इसमें थायराइड के तीन में से एक ही जांच सही पाई गई जबकि दो प्रकार की जांच रिपोर्ट फर्जी तैयार की गई।
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- लैब संचालक के डिप्लोमा का नहीं मिला रिकॉर्ड
टीम ने लैब संचालक सुमित के डीएमएलटी डिप्लोमा की ऑनलाइन जांच भी की। डॉ. अंकुर ने बताया कि बेवसाइट पर उसका कोई रिकॉर्ड नहीं मिला और डिप्लाेमा फर्जी मिला।

- पैथोलॉजिस्ट के डिजिटल हस्ताक्षर का रिपोर्ट पर करते थे प्रयोग
डॉ. अंकुर ने बताया कि जांच के समय लैब पैथोलॉजिस्ट भी गैरहाजिर मिला। बार-बार फोन करने पर वह जांच में शामिल नहीं हुआ। लैब संचालक सुमित ने अपने कंप्यूटर में पैथोलॉजिस्ट मनीष कुमार के डिजिटल हस्ताक्षर सेव किए थे। वह मरीजों की रिपोर्ट पर कंप्यूटर के माध्यम से पैथोलॉजिस्ट के हस्ताक्षर करता था।



इन मरीजों की झूठी रिपोर्ट हुई तैयार, उपचार पर पड़ेगा असर
लैब में मुकुंद, राजकुमारी, निर्मला देवी, नरेश कुमार, बलवान, पवन, ममता, कृष्णा देवी, संदीप, सुमित्रा, कुसुम, लतिका आदि 63 मरीजों की रिपोर्ट फर्जी मिली। फर्जी रिपोर्ट से इन मरीजों के उपचार पर भी असर पड़ने की आशंका है।
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