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Charkhi Dadri News: हर साल 2400 मरीज सीटी स्कैन और एमआरआई के लिए भिवानी हो रहे रेफर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 30 Dec 2023 10:55 PM IST
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Every year 2400 patients are being referred to Bhiwani for CT scan and MRI.
शहर स्थित मातृ-शिशु अस्पताल।
चरखी दादरी। लंबा समय बीतने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की दादरी में सीटी स्कैन और एमआरआई सुविधा शुरू करने की योजना ठंडे बस्ते में है। पिछले सात माह से इसकी फाइल मुख्यालय में अटकी हुई है। दो जगह का विकल्प देने के बाद भी मुख्यालय ने अब तक जगह चयन किया है न टेंडर प्रक्रिया शुरू की है। दूसरी ओर हर माह करीब 200 मरीजों को साथ लगते भिवानी जिले की भागदौड़ करनी पड़ रही है। उन्हें आने-जाने में करीब 80 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है।
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दादरी सिविल अस्पताल में एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी मूलभूत स्वास्थ्य सेवाएं मरीजों को नहीं मिल पा रही हैं। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर मरीजों को भिवानी भेजा जा रहा है। सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर छह कैटेगरी को इन सुविधाओं का लाभ निशुल्क मिलता है, जबकि अन्य लोगों के लिए रेट निर्धारित हैं। ये रेट प्राइवेट केंद्रों के मुकाबले आधे ही हैं। ऐसे में सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर आधे रेट में एमआरआई और सिटी स्कैन करवाने के लिए जिले के मरीजों को भिवानी आने-जाने में करीब 70 किलोमीटर की भागदौड़ करनी पड़ रही है। फिलहाल प्रतिमाह 200 मरीज रेफर किए जा रहे हैं।
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सिविल अस्पताल की दैनिक ओपीडी 1300 है। यहां से एमआरआई और सीटी स्कैन के लिए मरीज पर्ची देकर भिवानी रेफर किए जा रहे हैं। इसके चलते मरीजों को दूसरे जिलों की भागदौड़ करनी पड़ रही है। सिविल अस्पताल में इन सेवाओं के लिए की गईं वैकल्पिक व्यवस्थाओं की संवाददाता ने पड़ताल की तो सामने आया कि जनवरी 2018 से यह सिलसिला जारी है। शुरुआती दो साल तक मरीजों की संख्या प्रतिमाह 150 से नीचे रही, लेकिन अब यह संख्या 200 से ऊपर पहुंच चुकी है।
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50 प्रतिशत रेट पर सेवा लेने में दिक्कतें बड़ी
फिलहाल जो व्यवस्था है उसके मुताबिक एजेंसी ने सिविल अस्पताल में कर्मचारी तैनात किए हुए हैं। वो मरीज को पर्ची देकर भिवानी भेजते हैं। वहां एमआरआई और सीटी स्कैन करवाने के अगले दिन मरीज को रिपोर्ट मिलती है। वहीं, कुछ मरीज तो भिवानी जाने के झंझट से बचने के लिए सरकारी के मुकाबले दोगुने रेट पर निजी केंद्रों पर जाकर ये दोनों टेस्ट करवा रहे हैं।




जानिये....कैसे रेफर किए जा चुके हैं 8000 से अधिक मरीज
जनवरी 2018 में दादरी से मरीजों को भिवानी रेफर करने की शुरुआत की गई थी। इसके लिए अस्पताल के पुराने भवन में एक कक्ष बनाया गया है। शुरुआती साल में तो प्रतिमाह 50 ही मरीज रेफर किए गए, जबकि दूसरे साल इनकी संख्या 125 पहुंच गई। इसके बाद से प्रतिमाह 200 से अधिक मरीज भिवानी रेफर किए जा रहे हैं। इस लिहाज से यह आंकड़ा 8000 से अधिक बनता है।


इन कैटेगरी के लिए निशुल्क है सुविधा
सरकार की ओर से छह कैटेगरी के लिए एमआरआई और सीटी स्कैन की निशुल्क सुविधा का प्रावधान किया गया है, जबकि बाकी कैटेगरी के रेट डीजी ऑफिस से तय किए गए हैं। प्राइवेट के मुकाबले ये रेट आधे ही हैं। सरकारी कर्मचारी, बीपीएल कार्डधारक, एससी वर्ग, दिव्यांग, इकोनॉमिकल विकर सेक्शन व हादसा ग्रस्त मामले में ये दोनों सेवाएं निशुल्क हैं।




इन जगहों का भेजा है प्रपोजल
स्वास्थ्य विभाग ने सीटी स्कैन और एमआरआई सुविधा शुरू करने के लिए सिविल अस्पताल और मातृ-शिशु अस्पताल दोनों जगह का प्रपोजल भेजा है। अब मुख्यालय को एक स्थान पर मुहर लगानी है। इसके अलावा सेवा शुरू करने के लिए टेंडर प्रक्रिया भी मुख्यालय की ओर से की जानी है।


सरकारी और निजी केंद्रों के रेट में अंतर
एमआरआई :
अंग- सरकारी फीस- निजी केंद्रों की फीस

कमर- 2390- 4500 से 6000
घुटना -2390 -4600 से 5800

कंधा- 2390- 4600 से 6000

सीटी स्कैन :
अंग- सरकारी फीस- निजी केंद्रों की फीस

पेट- 2870- 6000
सिर- 910- 1800 से 2500

पसली -1810 -4400 से 5500
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सीटी स्कैन और एमआरआई के लिए दो जगहों का विकल्प मुख्यालय भेजा हुआ है। सेवा शुरू करने के लिए टेंडर प्रक्रिया भी मुख्यालय की ओर से की जानी है। जब तक सेवा शुरू नहीं होती तब तक वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर मरीजों को भिवानी रेफर किया जा रहा है। जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा चुकी हैं।
-डॉ. संजय गुप्ता, डिप्टी सीएमओ

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