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हर विद्यालय में तैनात हों न्यूनतम पांच अध्यापक : फोगाट
Thu, 20 Feb 2025 01:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 20 Feb 2025 01:34 AM IST
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कारीधारिणी क्लस्टर के अध्यापकों के साथ डेमोक्रेटिक स्कूल टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी।
चरखी दादरी। डेमोक्रेटिक स्कूल टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बुधवार को संपर्क अभियान चलाया। इसके तहत कार्यकारिणी के पदाधिकारी कारीधारिणी क्लस्टर के विभिन्न शिक्षकों से मिले। इस दौरान राज्य संगठन सचिव सुंदर पाल फोगाट ने कहा कि प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय में न्यूनतम पांच अध्यापक तैनात किए जाने चाहिए।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार की नई स्थानांतरण नीति में बदलाव के लिए राज्य चेयरमैन धर्मेंद्र सिंह ढांडा और राज्य प्रधान विजेंद्र मोर के नेतृत्व में संगठन का प्रतिनिधिमंडल शिक्षा निदेशालय में कई अधिकारियाें से मिला। सुंदरपाल ने सरकार के साथ हुई संगठन की वार्ता की जानकारी अध्यापकों को दी।
उन्होंने बताया कि सरकार और उच्चाधिकारियाें के समक्ष अध्यापकों के स्थानांतरण संबंधी सुझाव रखे गए। उन्होंने शिक्षकों की मांगों को पूरा कर अन्य समस्याओं के समाधान की मांग की। उन्होंने बताया कि प्रत्येक विद्यालय और प्रत्येक विद्यार्थी को अध्यापक मिलना चाहिए। प्राथमिक विद्यालयों में कम से कम पांच अध्यापक होने चाहिए।
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माध्यमिक विद्यालयों में मौलिक मुख्य अध्यापक के पद के साथ सभी विषयों के अध्यापकों के पद स्वीकृत किए जाने चाहिए। मॉडल संस्कृति और पीएमश्री स्कूलों के नाम पर शिक्षा के अधिकार अधिनियम, 2009 की अनदेखी न की जाए, जिसके तहत छह से 14 साल के बच्चों को निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने बताया कि सामान्य स्थानांतरण ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान होने चाहिए। उन्होंने अध्यापकों से मार्च, अप्रैल में अधिकतम लोगों से संपर्क कर राजकीय विद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए जनसंपर्क करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर प्राचार्य प्रीतम कुमार, सत्यप्रकाश, डॉ. मनोज कुमार, रामचंद्र पीटीआई, रमेश कुमार, सोमवीर, ललिता, बबीता, सुमित्रा, शमशेर, मुकेश आदि शिक्षक मौजूद रहे।
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उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार की नई स्थानांतरण नीति में बदलाव के लिए राज्य चेयरमैन धर्मेंद्र सिंह ढांडा और राज्य प्रधान विजेंद्र मोर के नेतृत्व में संगठन का प्रतिनिधिमंडल शिक्षा निदेशालय में कई अधिकारियाें से मिला। सुंदरपाल ने सरकार के साथ हुई संगठन की वार्ता की जानकारी अध्यापकों को दी।
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उन्होंने बताया कि सरकार और उच्चाधिकारियाें के समक्ष अध्यापकों के स्थानांतरण संबंधी सुझाव रखे गए। उन्होंने शिक्षकों की मांगों को पूरा कर अन्य समस्याओं के समाधान की मांग की। उन्होंने बताया कि प्रत्येक विद्यालय और प्रत्येक विद्यार्थी को अध्यापक मिलना चाहिए। प्राथमिक विद्यालयों में कम से कम पांच अध्यापक होने चाहिए।
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माध्यमिक विद्यालयों में मौलिक मुख्य अध्यापक के पद के साथ सभी विषयों के अध्यापकों के पद स्वीकृत किए जाने चाहिए। मॉडल संस्कृति और पीएमश्री स्कूलों के नाम पर शिक्षा के अधिकार अधिनियम, 2009 की अनदेखी न की जाए, जिसके तहत छह से 14 साल के बच्चों को निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने बताया कि सामान्य स्थानांतरण ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान होने चाहिए। उन्होंने अध्यापकों से मार्च, अप्रैल में अधिकतम लोगों से संपर्क कर राजकीय विद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए जनसंपर्क करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर प्राचार्य प्रीतम कुमार, सत्यप्रकाश, डॉ. मनोज कुमार, रामचंद्र पीटीआई, रमेश कुमार, सोमवीर, ललिता, बबीता, सुमित्रा, शमशेर, मुकेश आदि शिक्षक मौजूद रहे।