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Charkhi Dadri News: जिले में प्रतिमाह घरों व दुकानों के करीब 800 बिजली मीटर में मिल रहा है फॉल्ट
Sun, 07 Dec 2025 01:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 07 Dec 2025 01:10 AM IST
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खंभे पर लगा बिजली मीटर।
- फोटो : 1
चरखी दादरी। जिले में प्रतिमाह घरों व दुकानों के करीब 800 मीटरों में फॉल्ट मिल रहा है। इसका अब स्पॉट बिलिंग से पता चलने लगा है। पहले मीटर खराब होने पर उपभोक्ता भी ध्यान नहीं देता था। वहीं, निगम इन खराब मीटरों को निशुल्क बदल रहा है। स्पॉट बिलिंग से बिजली निगम को कई सारे फायदे हो रहे हैं। उपभोक्ताओं की रीडिंग से संबंधित गड़बड़ी की शिकायतें भी कम हो गई हैं। जिले में 1.70 लाख बिजली उपभोक्ता हैं।
आज से करीब दो दशक पहले जयपुर वाले काले मीटर घरों व दुकानों में लगाए जाते थे। इनकी रीडिंग गति मंद थी। उस समय सीएफएल एवं एलईडी के बजाय साधारण 60 व 100 वॉल्ट बल्ब प्रचलन में थे। मकानों के अंदर लगे ये मीटर खराब होने पर कई दिनों तक सुध नहीं ली जाती थी। जागरूक उपभोक्ता ही निगम को शिकायत करते थे अन्यथा मीटर खराब एवं बंद पड़े रहते थे। उपभोक्ताओं के पास बिजली के बिल भी समय पर नहीं पहुंच पाते थे।
अब इलेक्ट्रोनिक मीटर घरों से बाहर पोल पर लगा रखे हैं। मीटर रीडर अब मौके पर रीडिंग की जांच कर उपभोक्ता को अवगत करा देता है। बिल भी दे दिया जाता है। अब यह सामने आया है कि रीडिंग जांच के दौरान हर माह करीब 800 मीटर खराब या बंद मिल रहे हैं। मीटर रीडर इसकी सूचना निगम को देता है। निगम की ओर से बिना फीस लिए नया मीटर लगा दिया जाता है। इससे निगम को भी सुविधा हुई है और उपभोक्ता भी सहजता महसूस कर रहे हैं।
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वैसे बिजली निगम शहर व गांवों में बिजली आपूर्ति में सुधार पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। गांवों में भी 24 घंटे बिजली आपूर्ति के लिए जगमग योजना पर काम चल रहा है। इस योजना का 90 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। वहीं, मार्च 2026 तक जिले में ओवरलोड की समस्या भी नहीं रहेगी। तब तक तीन नए पावर सब स्टेशन शुरू हो जाएंगे।
वर्सन :
निगम समय रहते खराब मीटरों को बदलकर नया लगा रहा है। उपभोक्ताओं को समय पर बिजली बिल दिए जा रहे हैं। उपभोक्ता समय पर बिल राशि जमा करवाते रहें। बिजली आपूर्ति में सुधार की दिशा में भी काम हो रहा है।- कनिष्ठ अभियंता विनय कुमार, बिजली निगम, दादरी।
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आज से करीब दो दशक पहले जयपुर वाले काले मीटर घरों व दुकानों में लगाए जाते थे। इनकी रीडिंग गति मंद थी। उस समय सीएफएल एवं एलईडी के बजाय साधारण 60 व 100 वॉल्ट बल्ब प्रचलन में थे। मकानों के अंदर लगे ये मीटर खराब होने पर कई दिनों तक सुध नहीं ली जाती थी। जागरूक उपभोक्ता ही निगम को शिकायत करते थे अन्यथा मीटर खराब एवं बंद पड़े रहते थे। उपभोक्ताओं के पास बिजली के बिल भी समय पर नहीं पहुंच पाते थे।
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अब इलेक्ट्रोनिक मीटर घरों से बाहर पोल पर लगा रखे हैं। मीटर रीडर अब मौके पर रीडिंग की जांच कर उपभोक्ता को अवगत करा देता है। बिल भी दे दिया जाता है। अब यह सामने आया है कि रीडिंग जांच के दौरान हर माह करीब 800 मीटर खराब या बंद मिल रहे हैं। मीटर रीडर इसकी सूचना निगम को देता है। निगम की ओर से बिना फीस लिए नया मीटर लगा दिया जाता है। इससे निगम को भी सुविधा हुई है और उपभोक्ता भी सहजता महसूस कर रहे हैं।
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वैसे बिजली निगम शहर व गांवों में बिजली आपूर्ति में सुधार पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। गांवों में भी 24 घंटे बिजली आपूर्ति के लिए जगमग योजना पर काम चल रहा है। इस योजना का 90 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। वहीं, मार्च 2026 तक जिले में ओवरलोड की समस्या भी नहीं रहेगी। तब तक तीन नए पावर सब स्टेशन शुरू हो जाएंगे।
वर्सन :
निगम समय रहते खराब मीटरों को बदलकर नया लगा रहा है। उपभोक्ताओं को समय पर बिजली बिल दिए जा रहे हैं। उपभोक्ता समय पर बिल राशि जमा करवाते रहें। बिजली आपूर्ति में सुधार की दिशा में भी काम हो रहा है।- कनिष्ठ अभियंता विनय कुमार, बिजली निगम, दादरी।