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Charkhi Dadri News: जिला बनने के साढ़े सात साल बाद भी दादरी में नहीं बना ईएसआई अस्पताल
Tue, 30 Apr 2024 10:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 30 Apr 2024 10:34 PM IST
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चरखी दादरी। जिले में ईएसआई अस्पताल की सुविधा न होने पर संगठित एवं असंगठित क्षेत्रों से जुड़े कामगारों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सामान्य बीमारियों का उपचार तो उन्हें ईएसआई डिस्पेंसरी में मिल रहा है जबकि गंभीर बीमारियों का उपचार करवाने के लिए उन्हें भिवानी स्थित ईएसआई अस्पताल में जाना पड़ता है। ऐसे में अब दादरी जिले में भी ईएसआई अस्पताल की कमी महसूस हो रही है।
बता दें कि भाजपा सरकार ने अपनी पहली पारी के दौरान सितंबर 2016 में दादरी को जिला घोषित किया था। तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने ये घोषणा की थी जबकि इसका नोटिफिकेशन दिसंबर 2016 में जारी किया गया था। उस दौरान दादरी जिले में ईएसआई अस्पताल की सुविधा मिलने की भी उम्मीद जगी थी। दूसरी और करीब साढ़े सात साल बीतने पर भी जिले में ईएसआई अस्पताल नहीं खुल पाया है। ईएसआई अस्पताल की कमी के चलते जिले में संगठित एवं असंगठित क्षेत्र के कामगार परेशान हैं।
दरअसल, इन कामगारों का संबंधित एजेंसी, कंपनी, शिक्षण संस्था की ओर से ईएसआई कार्ड जारी किया जाता है। इस कार्ड के आधार पर कामगार निशुल्क चिकित्सा ले सकते हैं। कार्ड के आधार पर ईएसआई अस्पताल में इलाज करवाने की सुविधा मुहैया करवाई जाती है। जिला में मात्र डिस्पेंसरी होने की वजह से गंभीर बीमारी होने पर दूसरे जिले में जाना पड़ता है जिससे उनको आर्थिक, मानसिक व शारीरिक परेशानी होती है। वहीं, समय की भी बर्बादी होती है। इस कार्ड के आधार पर श्रमिक एवं कामगार अपने परिजनों का भी निशुल्क उपचार करवाता है ऐसे में परिजनों को भी परेशानी होती है।
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- श्रमिक बोले- ईएसआई अस्पताल की मिले सुविधा
श्रमिक कृष्ण कुमार, नरेश कुमार, दलीप, मनोज और रमाकांत के अलावा शिक्षण संस्थान के कर्मचारी देवेंद्र, अनिल कुमार व परमजीत का कहना है कि सरकार को चरखी दादरी जिला में ईएसआई अस्पताल खोलना चाहिए ताकि लाभपात्रों को दूसरे जिलों में न जाना पड़े।
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बता दें कि भाजपा सरकार ने अपनी पहली पारी के दौरान सितंबर 2016 में दादरी को जिला घोषित किया था। तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने ये घोषणा की थी जबकि इसका नोटिफिकेशन दिसंबर 2016 में जारी किया गया था। उस दौरान दादरी जिले में ईएसआई अस्पताल की सुविधा मिलने की भी उम्मीद जगी थी। दूसरी और करीब साढ़े सात साल बीतने पर भी जिले में ईएसआई अस्पताल नहीं खुल पाया है। ईएसआई अस्पताल की कमी के चलते जिले में संगठित एवं असंगठित क्षेत्र के कामगार परेशान हैं।
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दरअसल, इन कामगारों का संबंधित एजेंसी, कंपनी, शिक्षण संस्था की ओर से ईएसआई कार्ड जारी किया जाता है। इस कार्ड के आधार पर कामगार निशुल्क चिकित्सा ले सकते हैं। कार्ड के आधार पर ईएसआई अस्पताल में इलाज करवाने की सुविधा मुहैया करवाई जाती है। जिला में मात्र डिस्पेंसरी होने की वजह से गंभीर बीमारी होने पर दूसरे जिले में जाना पड़ता है जिससे उनको आर्थिक, मानसिक व शारीरिक परेशानी होती है। वहीं, समय की भी बर्बादी होती है। इस कार्ड के आधार पर श्रमिक एवं कामगार अपने परिजनों का भी निशुल्क उपचार करवाता है ऐसे में परिजनों को भी परेशानी होती है।
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- श्रमिक बोले- ईएसआई अस्पताल की मिले सुविधा
श्रमिक कृष्ण कुमार, नरेश कुमार, दलीप, मनोज और रमाकांत के अलावा शिक्षण संस्थान के कर्मचारी देवेंद्र, अनिल कुमार व परमजीत का कहना है कि सरकार को चरखी दादरी जिला में ईएसआई अस्पताल खोलना चाहिए ताकि लाभपात्रों को दूसरे जिलों में न जाना पड़े।