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एक दिन की कार्रवाई में सिमटी अतिक्रमण हटाओ मुहिम
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बस स्टैंड रोड पर लगी रेहड़ी।
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। शहर से अतिक्रमण और सरकारी जमीन से कब्जे हटाने की कार्रवाई एक दिन में ही दम तोड़ गई। सरकारी जमीन पर चल रही मीट और कबाड़ मार्केट में तोड़फोड़ की कार्रवाई के बाद कब्जाधारियों ने डीसी से मुलाकात कर सामान उठाने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा था, लेकिन दस दिन बीतने पर भी स्थिति जस की तस है। दूसरी ओर जगह के अभाव में डिजिटल लाइब्रेरी, बाल भवन, वृद्धाश्रम समेत कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट अटके पड़े हैं।
गौरतलब है कि डीसी प्रदीप गोदारा ने सड़कों और शहर से अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए थे। इसके बाद नगर परिषद ने अतिक्रमण हटाओ ड्राइव शुरू की थी। छह सितंबर को नप टीम महेंद्रगढ़ चुंगी पर कार्रवाई करने पहुंची थी। यहां सरकारी जमीन पर टीन और खोखे रखकर कबाड़ और मीट मार्केट चलाने वाले 45 से अधिक लोगों के निर्माण ढहाए गए थे। इस कार्रवाई के बाद कब्जाधारी डीसी ऑफिस पहुंचे थे और उन्हें सामान उठाने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया था। वीरवार को मोहल्लत से तीन दिन ऊपर बीत गए हैं, लेकिन फिर यहां कार्रवाई नहीं हुई है। संवाददाता ने वीरवार को मीट और कबाड़ मार्केट में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान सामने आया कि सरकारी जमीन पर अभी सामान जस का तस पड़ा है। दोनों मार्केट में दो गाड़ियां खड़ी मिली, जिनमें सरकारी जमीन पर पड़ा सामान डाला जा रहा था। नप सूत्रों के अनुसार सरकारी जमीन से सामान उठाने की प्रक्रिया बेहद धीमी चल रही है और इसकी जानकारी अधिकारियों को भी है, लेकिन डीसी के मोहल्लत देने के चलते टीम वहां कार्रवाई के लिए नहीं पहुंच रही है।
सरकारी जमीन पर पक्केे मकान बनाकर कब्जा, जगह के अभाव में अटके कई प्रोजेक्ट
अतिक्रमण हटाओ मुहिम के दौरान सामने आया था कि सरकारी जमीन पर लोगों ने आगे टीन शेड लगाकर तो पीछे पक्के मकान बनाकर कब्जे किए हुए हैं, लेकिन अफसरों का इस ओर ध्यान ही नहीं है। दूसरी ओर जगह के अभाव में डिजिटल लाइब्रेरी, बाल भवन, वृद्धाश्रम समेत कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट अटके पड़े हैं। सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कर प्रशासन सदुपयोग में ले सकता है।
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बस स्टैंड रोड पर भी फिर खड़ी होने लगीं रेहड़ियां
नगर परिषद ने पिछले सप्ताह ही रेलवे मोड़ से लेकर परशुराम चौक और परशुराम चौक से लेकर पीएनबी चौक तक लगने वालीं रेहड़ियों को बाहर शिफ्ट करवाने की योजना तैयार की थी। इसके तहत चार दिन तक नप टीम ने रेहड़ी वालों से इस संबंध में अपील की थी। इसके बाद 500-500 रुपये के चालान किए गए थे। दो दिन तो कार्रवाई का असर नजर आया लेकिन अब फिर से इस रोड पर रेहड़ियां लगनी शुरू हो गई हैं।
महेंद्रगढ़ चुंगी क्षेत्र में कार्रवाई के बाद लोग डीसी पहुंचे थे और उन्हें स्वेच्छा से सामान उठाने के लिए समय दिया गया था। अब डीसी के जो आदेश होंगे उसी अनुरूप हम कार्रवाई करेंगे। इस संबंध में जल्द ही डीसी से बातचीत कर अगली कार्रवाई अमल में लाएंगे।
प्रशांत पाराशर, सचिव, नगर परिषद
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गौरतलब है कि डीसी प्रदीप गोदारा ने सड़कों और शहर से अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए थे। इसके बाद नगर परिषद ने अतिक्रमण हटाओ ड्राइव शुरू की थी। छह सितंबर को नप टीम महेंद्रगढ़ चुंगी पर कार्रवाई करने पहुंची थी। यहां सरकारी जमीन पर टीन और खोखे रखकर कबाड़ और मीट मार्केट चलाने वाले 45 से अधिक लोगों के निर्माण ढहाए गए थे। इस कार्रवाई के बाद कब्जाधारी डीसी ऑफिस पहुंचे थे और उन्हें सामान उठाने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया था। वीरवार को मोहल्लत से तीन दिन ऊपर बीत गए हैं, लेकिन फिर यहां कार्रवाई नहीं हुई है। संवाददाता ने वीरवार को मीट और कबाड़ मार्केट में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान सामने आया कि सरकारी जमीन पर अभी सामान जस का तस पड़ा है। दोनों मार्केट में दो गाड़ियां खड़ी मिली, जिनमें सरकारी जमीन पर पड़ा सामान डाला जा रहा था। नप सूत्रों के अनुसार सरकारी जमीन से सामान उठाने की प्रक्रिया बेहद धीमी चल रही है और इसकी जानकारी अधिकारियों को भी है, लेकिन डीसी के मोहल्लत देने के चलते टीम वहां कार्रवाई के लिए नहीं पहुंच रही है।
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सरकारी जमीन पर पक्केे मकान बनाकर कब्जा, जगह के अभाव में अटके कई प्रोजेक्ट
अतिक्रमण हटाओ मुहिम के दौरान सामने आया था कि सरकारी जमीन पर लोगों ने आगे टीन शेड लगाकर तो पीछे पक्के मकान बनाकर कब्जे किए हुए हैं, लेकिन अफसरों का इस ओर ध्यान ही नहीं है। दूसरी ओर जगह के अभाव में डिजिटल लाइब्रेरी, बाल भवन, वृद्धाश्रम समेत कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट अटके पड़े हैं। सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कर प्रशासन सदुपयोग में ले सकता है।
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बस स्टैंड रोड पर भी फिर खड़ी होने लगीं रेहड़ियां
नगर परिषद ने पिछले सप्ताह ही रेलवे मोड़ से लेकर परशुराम चौक और परशुराम चौक से लेकर पीएनबी चौक तक लगने वालीं रेहड़ियों को बाहर शिफ्ट करवाने की योजना तैयार की थी। इसके तहत चार दिन तक नप टीम ने रेहड़ी वालों से इस संबंध में अपील की थी। इसके बाद 500-500 रुपये के चालान किए गए थे। दो दिन तो कार्रवाई का असर नजर आया लेकिन अब फिर से इस रोड पर रेहड़ियां लगनी शुरू हो गई हैं।
महेंद्रगढ़ चुंगी क्षेत्र में कार्रवाई के बाद लोग डीसी पहुंचे थे और उन्हें स्वेच्छा से सामान उठाने के लिए समय दिया गया था। अब डीसी के जो आदेश होंगे उसी अनुरूप हम कार्रवाई करेंगे। इस संबंध में जल्द ही डीसी से बातचीत कर अगली कार्रवाई अमल में लाएंगे।
प्रशांत पाराशर, सचिव, नगर परिषद

कार्रवाई के दस दिन बाद भी सरकारी जमीन पर जस का तस पड़ा सामान- फोटो : CharkhiDadri