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फुटपाथ को निगल गए अतिक्रमणकारी, नप अधिकारी मौन
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फोटो 16 सड़क पर खड़े वाहन।
- फोटो : CharkhiDadri
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शहर के अधिकतर बाजारों व मुख्यमार्गों पर अतिक्रमण का दायरा बढ़ता जा रहा है। वहीं, नगर परिषद की अभियान शुरू करने की योजना अब तक कागजी कार्रवाई तक ही सीमित है। अतिक्रमण के कारण दिन प्रतिदिन ट्रैफिक व्यवस्था बेकाबू होती जा रही है और दिन में हर आधे घंटे बाद जाम की स्थिति बनी रहती है। लोगों के सड़कों किनारे चलने के लिए बनाए गए फुटपाथ भी गायब हो चुके हैं। वहीं, कई जगहों पर तो सड़कों की चौड़ाई आधी ही रह गई है। इसके बावजूद नगर परिषद अधिकारी मौन हैं जबकि जिला प्रशासन भी अभियान चलाने के दिशा-निर्देश दे चुका है।
बाजारों में कुछ समय पहले मुख्य सड़कों के साथ पैदल चलने के लिए फुुटपाथ का निर्माण कराया गया था। वहीं, वाहन खड़ा करने और रेहड़ी लगाने वालों के लिए सफेद पट्टी भी लगवाई गई थी। अब आलम यह है कि सफेद पट्टी तक दुकानों का सामान, स्टैंड बोर्ड, काउंटर रखे होने के अलावा रेहड़ियां लगी हैं जबकि आधी सड़क तक वाहन पार्क किए जा रहे हैं। ऐसे में दिनभर यहां जाम की स्थिति बनी रहती है।
वहीं, नगर परिषद अधिकारी अतिक्रमण के बढ़ते दायरे को चुपचाप देख रहे हैं। शहर में पिछले लंबे समय से अतिक्रमण हटाओ अभियान तक नहीं चलाया गया है। यह मुद्दा नगर पार्षदों की बैठक में प्रमुखता से उठाया जाता है। बैठक में नप अधिकारी जल्द अभियान चलाने का आश्वासन देते हैं और फिर इस योजना को ठंडे बस्ते में डाल देते हैं। इसका फायदा दुकानदार उठा रहे हैं। करीब एक साल पहले दुकान के आगे रेहड़ी लगाने की एवज में रेहड़ी लगाने वालों से पांच हजार रुपये तक मासिक किराया वसूलने का मामला भी सामने आया था। ये आरोप दुकानदारों ने नगर परिषद अधिकारियों के सामने लगाए थे। इसके बावजूद नगर परिषद अधिकारी अतिक्रमण पर नरमी बरते हुए हैं। अहम बात यह है कि जिस जगह रेहड़ी लगाने का दुकानदार किराया ले रहे हैं वो नगर परिषद की जमीन है।
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दिनभर बनी रहती है जाम की स्थिति
शहर के बाजारों में बढ़ते अतिक्रमण के कारण सुबह से सायं तक जाम जैसे हालात बने रहते हैं। सड़कों पर वाहन खड़ा होना भी जाम की प्रमुख कारण है। जिला प्रशासन शहर के लिए पार्किंग खोजने में अब तक नाकाम रहा है। पुरानी सब्जी मंडी के आसपास, मेन बाजार, तहसील रोड, बस स्टैंड रोड, लाला लाजपत राय चौक पर ट्रैफिक व्यवस्था अतिक्रमण के चलते ज्यादा बाधित रहती है।
फुटपाथ पर रेहड़ियां, सड़कों पर चलते हैं स्कूली बच्चे
दादरी शहर के विभिन्न स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे भी बाजार से होकर गुजरते हैं। सड़कों किनारे बनाए गए फुटपाथों पर दुकानदारों और रेहड़ीधारकों का कब्जा होने के चलते उन्हें सड़क पर चलना पड़ता है। दोपहर बाद जब शिक्षण संस्थाओं की छुट्टी होती है तो एक साथ विद्यार्थी सड़कों पर निकलते हैं और ऐसे में हादसों की संभावना और अधिक रहती है। हैरानी की बात तो यह है कि नगर परिषद ने लोगों की सहूलियतों के लिए लाखों खर्च कर फुटपाथ का निर्माण कराया था लेकिन इन्हें रेहड़ीधारक प्रयोग कर रहे हैं।
समय-समय पर नगर परिषद अभियान चलता है। लोगों की सहूलियतों के लिए कई जगहों पर फुटपाथ बनाए गए हैं। इन पर अगर रेहड़ियां लग रही हैं तो अभियान चलाकर इन्हें खाली कराया जाएगा। शहर में जल्द ही अतिक्रमण अभियान शुरू किया जाएगा।
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बाजारों में कुछ समय पहले मुख्य सड़कों के साथ पैदल चलने के लिए फुुटपाथ का निर्माण कराया गया था। वहीं, वाहन खड़ा करने और रेहड़ी लगाने वालों के लिए सफेद पट्टी भी लगवाई गई थी। अब आलम यह है कि सफेद पट्टी तक दुकानों का सामान, स्टैंड बोर्ड, काउंटर रखे होने के अलावा रेहड़ियां लगी हैं जबकि आधी सड़क तक वाहन पार्क किए जा रहे हैं। ऐसे में दिनभर यहां जाम की स्थिति बनी रहती है।
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वहीं, नगर परिषद अधिकारी अतिक्रमण के बढ़ते दायरे को चुपचाप देख रहे हैं। शहर में पिछले लंबे समय से अतिक्रमण हटाओ अभियान तक नहीं चलाया गया है। यह मुद्दा नगर पार्षदों की बैठक में प्रमुखता से उठाया जाता है। बैठक में नप अधिकारी जल्द अभियान चलाने का आश्वासन देते हैं और फिर इस योजना को ठंडे बस्ते में डाल देते हैं। इसका फायदा दुकानदार उठा रहे हैं। करीब एक साल पहले दुकान के आगे रेहड़ी लगाने की एवज में रेहड़ी लगाने वालों से पांच हजार रुपये तक मासिक किराया वसूलने का मामला भी सामने आया था। ये आरोप दुकानदारों ने नगर परिषद अधिकारियों के सामने लगाए थे। इसके बावजूद नगर परिषद अधिकारी अतिक्रमण पर नरमी बरते हुए हैं। अहम बात यह है कि जिस जगह रेहड़ी लगाने का दुकानदार किराया ले रहे हैं वो नगर परिषद की जमीन है।
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दिनभर बनी रहती है जाम की स्थिति
शहर के बाजारों में बढ़ते अतिक्रमण के कारण सुबह से सायं तक जाम जैसे हालात बने रहते हैं। सड़कों पर वाहन खड़ा होना भी जाम की प्रमुख कारण है। जिला प्रशासन शहर के लिए पार्किंग खोजने में अब तक नाकाम रहा है। पुरानी सब्जी मंडी के आसपास, मेन बाजार, तहसील रोड, बस स्टैंड रोड, लाला लाजपत राय चौक पर ट्रैफिक व्यवस्था अतिक्रमण के चलते ज्यादा बाधित रहती है।
फुटपाथ पर रेहड़ियां, सड़कों पर चलते हैं स्कूली बच्चे
दादरी शहर के विभिन्न स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे भी बाजार से होकर गुजरते हैं। सड़कों किनारे बनाए गए फुटपाथों पर दुकानदारों और रेहड़ीधारकों का कब्जा होने के चलते उन्हें सड़क पर चलना पड़ता है। दोपहर बाद जब शिक्षण संस्थाओं की छुट्टी होती है तो एक साथ विद्यार्थी सड़कों पर निकलते हैं और ऐसे में हादसों की संभावना और अधिक रहती है। हैरानी की बात तो यह है कि नगर परिषद ने लोगों की सहूलियतों के लिए लाखों खर्च कर फुटपाथ का निर्माण कराया था लेकिन इन्हें रेहड़ीधारक प्रयोग कर रहे हैं।
समय-समय पर नगर परिषद अभियान चलता है। लोगों की सहूलियतों के लिए कई जगहों पर फुटपाथ बनाए गए हैं। इन पर अगर रेहड़ियां लग रही हैं तो अभियान चलाकर इन्हें खाली कराया जाएगा। शहर में जल्द ही अतिक्रमण अभियान शुरू किया जाएगा।