{"_id":"6ac2acb3518b1a94a40db9a1","slug":"encouraged-maintaining-a-balanced-diet-during-pregnancy-charkhi-dadri-news-c-126-1-cdr1011-161189-2026-10-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Charkhi Dadri News: गर्भावस्था के दौरान संतुलित आहार लेने को किया प्रेरित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Charkhi Dadri News: गर्भावस्था के दौरान संतुलित आहार लेने को किया प्रेरित
Mon, 05 Oct 2026 01:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 05 Oct 2026 01:14 AM IST
विज्ञापन
बाढड़ा। गांव काकड़ौली हट्टी के आंगनबाड़ी केंद्र में पोषण माह के तहत आंगन मिलन सेवा दिवस मनाया गया। यह कार्यक्रम सेवा संकल्प अभियान-आंगन मिलन सेवा का हिस्सा था। इस दौरान गर्भवती महिलाओं की गोद भराई और बच्चों का अन्नप्राशन जैसे आयोजन हुए।
विभिन्न जागरूकता गतिविधियां और एक रेसिपी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुशीला काकड़ौली ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। सीडीपीओ गीता सहारण की देखरेख में गर्भवती महिलाओं की पारंपरिक गोदभराई की रस्म हुई। महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान संतुलित और पौष्टिक आहार लेने के लिए प्रेरित किया गया।
उन्हें नियमित स्वास्थ्य जांच करवाने और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई। कार्यक्रम में छोटे बच्चों का अन्नप्राशन दिवस भी मनाया गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया कि छह माह की आयु पूरी होने के बाद बच्चों को मां के दूध के साथ पूरक आहार देना चाहिए। बच्चों के भोजन में विभिन्न पोषक तत्वों को शामिल करने की जानकारी भी दी गई।
विज्ञापन
पोषण जागरूकता का उद्देश्य : इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बच्चों में पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। इसका लक्ष्य स्वस्थ खान-पान की आदतों को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना भी रहा। सीडीपीओ गीता सहारण तथा सुपरवाइजर आरजू और पूनम की देखरेख में सभी गतिविधियां हुईं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुशीला, शीला, सरोज तथा आशा वर्कर रेखा, सुनीता, छोटा और बीरमती इसमें मौजूद रहीं।
विज्ञापन
विभिन्न जागरूकता गतिविधियां और एक रेसिपी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुशीला काकड़ौली ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। सीडीपीओ गीता सहारण की देखरेख में गर्भवती महिलाओं की पारंपरिक गोदभराई की रस्म हुई। महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान संतुलित और पौष्टिक आहार लेने के लिए प्रेरित किया गया।
विज्ञापन
उन्हें नियमित स्वास्थ्य जांच करवाने और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई। कार्यक्रम में छोटे बच्चों का अन्नप्राशन दिवस भी मनाया गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया कि छह माह की आयु पूरी होने के बाद बच्चों को मां के दूध के साथ पूरक आहार देना चाहिए। बच्चों के भोजन में विभिन्न पोषक तत्वों को शामिल करने की जानकारी भी दी गई।
विज्ञापन
पोषण जागरूकता का उद्देश्य : इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बच्चों में पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। इसका लक्ष्य स्वस्थ खान-पान की आदतों को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना भी रहा। सीडीपीओ गीता सहारण तथा सुपरवाइजर आरजू और पूनम की देखरेख में सभी गतिविधियां हुईं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुशीला, शीला, सरोज तथा आशा वर्कर रेखा, सुनीता, छोटा और बीरमती इसमें मौजूद रहीं।