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गबन मामला : एक दिन और देने पर भी नहीं पहुंचे तीनों बीडीपीओ, ग्राम सचिव व लेखाकार
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बाढ़डा खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय।
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। बाढड़ा बीडीपीओ रोशन लाल के एक और मौका देने पर सात तत्कालीन अधिकारियों और कर्मचारियों में से दो मंगलवार को खंड विकास एवं पंचायत विभाग कार्यालय पहुंचे। इनमें एक लेखाकार और एक लिपिक शामिल है। इन दोनों कर्मचारियों ने अपने कार्यकाल का रिकॉर्ड देखा और अधूरे रिकॉर्ड को जल्द पूरा करवाने का आश्वासन दिया। बाकी बचे तीनों बीडीपीओ के अलावा ग्राम सचिव व लेखाकार ने कार्यालय में कोई संपर्क नहीं किया।
गौरतलब है कि पंचायत विभाग की लेखा शाखा में रखे रिकॉर्ड की जांच करने पर अधूरा मिला था। 16 मार्च को बीडीपीओ ने सतनाली बीडीपीओ नरेंद्र ढुल, सांपला बीडीपीओ सुमित कुमार, रिटायर्ड बीडीपीओ देशबंधु, झोझू ग्राम सचिव राजेश, महेंद्रगढ़ में तैनात लिपिक महेश, रेवाड़ी कार्यालय में तैनात लेखाकार सुरेंद्र सिंह और आदमपुर कार्यालय में तैनात लेखाकार मोहनलाल को पत्र लिखकर उन्हें 21 मार्च को बाढड़ा कार्यालय में हाजिर होकर अधूरा रिकॉर्ड को पूरा करवाने करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन सोमवार शाम तक इनमें से कोई रिकॉर्ड के साथ पेश नहीं हुआ। इसके बाद बीडीपीओ रोशनलाल ने इन्हें एक और मौका देते हुए अधूरा रिकॉर्ड पूरा करवाने के लिए एक दिन का समय और दिया था। मंगलवार को भी पांच तत्कालीन अधिकारी व कर्मचारी कार्यालय में नहीं पहुंचे। बीडीपीओ रोशन लाल ने बताया कि मंगलवार को लिपिक महेश और लेखाकार सुरेंद्र कार्यालय पहुंचे। उन्होंने अधूरे रिकॉर्ड को देखा और जल्द ही रिकॉर्ड पूरा करवाने की बात कही।
विभागीय कार्रवाई के साथ डीसी को लिखा जाएगा पत्र
बीडीपीओ रोशन लाल ने बताया कि मंगलवार को व्यस्तता के चलते वे कार्यालय नहीं पहुंच पाए। उन्होंने बताया कि रिकॉर्ड जमा करवाने में दिलचस्पी न लेने वाले तत्कालीन अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ डीसी को पत्र लिखा जाएगा और उन पर विभागीय कार्रवाई भी संभव है।
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गौरतलब है कि पंचायत विभाग की लेखा शाखा में रखे रिकॉर्ड की जांच करने पर अधूरा मिला था। 16 मार्च को बीडीपीओ ने सतनाली बीडीपीओ नरेंद्र ढुल, सांपला बीडीपीओ सुमित कुमार, रिटायर्ड बीडीपीओ देशबंधु, झोझू ग्राम सचिव राजेश, महेंद्रगढ़ में तैनात लिपिक महेश, रेवाड़ी कार्यालय में तैनात लेखाकार सुरेंद्र सिंह और आदमपुर कार्यालय में तैनात लेखाकार मोहनलाल को पत्र लिखकर उन्हें 21 मार्च को बाढड़ा कार्यालय में हाजिर होकर अधूरा रिकॉर्ड को पूरा करवाने करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन सोमवार शाम तक इनमें से कोई रिकॉर्ड के साथ पेश नहीं हुआ। इसके बाद बीडीपीओ रोशनलाल ने इन्हें एक और मौका देते हुए अधूरा रिकॉर्ड पूरा करवाने के लिए एक दिन का समय और दिया था। मंगलवार को भी पांच तत्कालीन अधिकारी व कर्मचारी कार्यालय में नहीं पहुंचे। बीडीपीओ रोशन लाल ने बताया कि मंगलवार को लिपिक महेश और लेखाकार सुरेंद्र कार्यालय पहुंचे। उन्होंने अधूरे रिकॉर्ड को देखा और जल्द ही रिकॉर्ड पूरा करवाने की बात कही।
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विभागीय कार्रवाई के साथ डीसी को लिखा जाएगा पत्र
बीडीपीओ रोशन लाल ने बताया कि मंगलवार को व्यस्तता के चलते वे कार्यालय नहीं पहुंच पाए। उन्होंने बताया कि रिकॉर्ड जमा करवाने में दिलचस्पी न लेने वाले तत्कालीन अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ डीसी को पत्र लिखा जाएगा और उन पर विभागीय कार्रवाई भी संभव है।
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