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बिजली निगम का खुला दरबार 29 को हिसार में, बिल की त्रुटियां करवा सकेंगे ठीक
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चरखी दादरी। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की ओर से 29 सितंबर को हिसार विद्युत नगर स्थित मुख्य अभियंता परिचालन कार्यालय में जन शिकायतों की सुनवाई के लिए खुला दरबार लगाया जाएगा। इस मौके पर हिसार, भिवानी, सिरसा, जींद, फतेहाबाद और चरखी दादरी के उपभोक्ता अपनी शिकायत लेकर आ सकते हैं। बिजली वितरण निगम के कार्यकारी अभियंता सचिन यादव ने यह जानकारी दी है।
उन्होंने बताया कि चीफ इंजीनियर एवं क्षेत्रीय उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम के चेयरमैन रजनीश गर्ग की अध्यक्षता में गठित कमेटी इन शिकायतों की सुनवाई करेगी। हिसार निगम कार्यालय में 29 सितंबर को शाम तीन बजे से पांच बजे तक यह दरबार लगाया जाएगा। इसमें एक लाख से लेकर तीन लाख रुपये तक के बिलों की शिकायत की जा सकती है। यह दरबार निगम के प्रबंध निदेशक पीसी मीणा के मार्गदर्शन में लगाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि गलत बिलिंग, वोल्टेज कम या अधिक आना, बिजली आपूर्ति बाधित रहना, खराब मीटर को बदलने में देरी, कनेक्शन आवंटन आदि से संबधित शिकायतें इस दरबार में की जा सकेंगी। कार्यकारी अभियंता ने बताया कि बिजली अधिनियम की धारा 126, 127, धारा 135 से 140, 142, 143, 146, 152 के तहत बिजली चोरी और बिजली के अनाधिकृत उपयोग के मामलों में लगाए गए दंड व जुर्माना की सुनवाई नहीं होगी। इसके अतिरिक्त बिजली अधिनियम की धारा 161 के अंतर्गत जांच व दुर्घटनाओं से संबधित मामले इस दरबार में नहीं सुने जाएंगे।
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उन्होंने बताया कि चीफ इंजीनियर एवं क्षेत्रीय उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम के चेयरमैन रजनीश गर्ग की अध्यक्षता में गठित कमेटी इन शिकायतों की सुनवाई करेगी। हिसार निगम कार्यालय में 29 सितंबर को शाम तीन बजे से पांच बजे तक यह दरबार लगाया जाएगा। इसमें एक लाख से लेकर तीन लाख रुपये तक के बिलों की शिकायत की जा सकती है। यह दरबार निगम के प्रबंध निदेशक पीसी मीणा के मार्गदर्शन में लगाया जा रहा है।
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उन्होंने बताया कि गलत बिलिंग, वोल्टेज कम या अधिक आना, बिजली आपूर्ति बाधित रहना, खराब मीटर को बदलने में देरी, कनेक्शन आवंटन आदि से संबधित शिकायतें इस दरबार में की जा सकेंगी। कार्यकारी अभियंता ने बताया कि बिजली अधिनियम की धारा 126, 127, धारा 135 से 140, 142, 143, 146, 152 के तहत बिजली चोरी और बिजली के अनाधिकृत उपयोग के मामलों में लगाए गए दंड व जुर्माना की सुनवाई नहीं होगी। इसके अतिरिक्त बिजली अधिनियम की धारा 161 के अंतर्गत जांच व दुर्घटनाओं से संबधित मामले इस दरबार में नहीं सुने जाएंगे।
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