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नई बुढ़ावा पेंशन बनवाने में उम्र के प्रमाण का ‘रोड़ा’ चिकित्सक तैनात न होने से मायूस लौट रहे बुजुर्ग आवेदक
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बुजुर्ग महिला कृष्णा।
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। प्रदेश सरकार की बुढ़ापा पेंशन योजना का लाभ उठाने से जिले के कई बुजुर्ग अभी वंचित हैं। क्योंकि जिला समाज कल्याण विभाग ने मेडिकल परीक्षण के लिए अब चिकित्सक तैनाती नहीं की है और न ही कोई मांग स्वास्थ्य विभाग को भेजी है। इस कारण ये बुजुर्ग उम्र पूरी करने की शर्त का प्रमाण पत्र नहीं बनवा पा रहे हैं। ऐसे में इन बुजुर्गों को अभी ढाई हजार रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
संवाददाता की पड़ताल में सामने आया कि जो बुजुर्ग वृद्धावस्था पेंशन के लिए सरकार की ओर से निर्धारित आयु पूरी कर चुके हैं, लेकिन उनके पास आयु का प्रमाण पत्र नहीं हैं। इनके मेडिकल परीक्षण द्वारा प्रमाण पत्र दिया जाता है। परंतु समाज कल्याण विभाग की ओर से चिकित्सक की तैनाती न करने के कारण करीब 400 से अधिक बुजुर्ग चार माह से दिक्कतें झेल रहे हैं। वे लगातार विभाग के कार्यालय के चक्कर काटने को विवश हैं, लेकिन इसके बाद भी अब तक बुढ़ापा पेंशन सेवा का उन्हें लाभ नहीं मिल पाया है। पेंशन बनवाने के लिए आवेदन करने वाले धनपति, रामरती, संतोष, सावित्री देवी, मनमोहन और रतिलाल का कहना है कि वो पेंशन के लिए निर्धारित आयु भी पूरी हो चुकी है लेकिन विभाग की ओर से प्रक्रिया शुरू नहीं करने पर दिक्कत आ रही है। उनका कहना है कि उम्र का प्रमाण न दे पाने के कारण वो सरकार की पेंशन सुविधा से वंचित हैं। वहीं समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि चिकित्सक की तैनाती के लिए डीसी से अनुमति ली जाएगी। इसके बाद मांग स्वास्थ्य विभाग को भेजी जाएगी।
लॉकडाउन के बाद ठप पड़ा है पेंशन बनाने का काम
लॉकडाउन के बाद वृद्धावस्था पेंशन बनाने का कार्य भी ठप पड़ा है। जिला में सैकड़ों की संख्या में बुजुर्ग सरकार की ओर से पेंशन पात्रता के लिए निर्धारित आयु को पूरी कर चुके हैं लेकिन उनको पेंशन बनवाने के लिए भटकना पड़ रहा है। सरकार की ओर से विधवा, बुजुर्ग, दिव्यांग व अन्य कई प्रकार की कैटेगरी में पात्र लोगों को प्रतिमाह 2500 रुपये पेंशन दी जाती है। नई पेंशन बनवाने के लिए प्रक्रिया शुरू न होने से पात्र लोगों में दुविधा एवं बेचैनी बनी हुई है।
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यह है पेंशन बनवाने की प्रक्रिया
राज्य सरकार ने प्रत्येक परिवार का डाटा तैयार कर रखा है। सबसे पहले फैमिली नंबर से विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना पड़ता है। इसके बाद विभाग की ओर से हर माह के दूसरे सप्ताह में कैंप लगाया जाता है। कैंप में आवेदनकर्ता के मूल प्रमाण पत्रों की जांच की जाती है। जांच में सही पाए जाने पर पेंशन शुरू हो जाती है।
आयु के लिए ये प्रमाण पत्र जरूरी
बुजुर्ग की आयु को प्रमाणित करने के लिए या तो उसके पास स्कूल की सर्टिफिकेट हो या फिर जन्म प्रमाण पत्र बना होने चाहिए। इसके अलावा 2005 से पहले के मतदाता पहचान पत्र में उसकी जन्म तिथि प्रमाण के तौर पर उपलब्ध हो। जन्म प्रमाण के इन तीनों प्रूफ में से कोई भी नहीं है तो पात्र बुजुर्ग को सिविल अस्पताल से एनओसी लेनी पड़ेगी। एनओसी लेने के बाद समाज कल्याण विभाग उक्त बुजुर्ग का चिकित्सक से मेडिकल परीक्षण करवाएगा ताकि उसकी आयु की प्रमाणिकता हो सके। चिकित्सक से आयु की पुष्टि होने पर समाज कल्याण विभाग पेंशन बनाएगा।
आधार कार्ड में कृष्णा की उम्र 68, वोटर कार्ड में 90, नहीं बनवा पा रही पेंशन
पेंशन बनवाने के लिए सोमवार को जिला समाज कल्याण विभाग कार्यालय पहुंची चिड़िया निवासी 68 वर्षीय कृष्णा ने बताया कि वह पिछले छह माह से पेंशन बनवाने के लिए चक्कर काट रही है। आधार कार्ड में उसकी उम्र 68 है, लेकिन पुराना मतदाता पहचान पत्र गुम होने के बाद जो नया कार्ड बनवाया उसमें उम्र 90 कर रखी है। इसलिएए समाज कल्याण विभाग के दफ्तर में आने पर दस्तावेज पूरे न होने की बात कहकर वापस भेजे देते हैं। बुजुर्ग महिला का कहना है कि अगर मेडिकल परीक्षण का प्रावधान हो तो उसकी समस्या का भी समाधान हो सकता है।
चिकित्सक के लिए विभाग की ओर से डीसी से अनुमति ली जाएगी। वहां से हरी झंडी मिलते ही चिकित्सक की तैनाती के लिए सीएमओ को पत्र लिख दिया जाएगा। नई पेंशन बनवाने के लिए जिनके पास उम्र के प्रमाण पत्र समेत अन्य दस्तावेज हैं, उनकी कैंप लगाकर हम पेंशन बना रहे हैं।
सरफराज खान, जिला समाज कल्याण अधिकारी
अस्पताल प्रशासन को संबंधित विभाग की ओर से चिकित्सक की तैनाती करवाने के लिए कोई पत्र नहीं मिला है। जैसे ही समाज कल्याण विभाग चिकित्सक की जरूरत समझेगा और स्वास्थ्य विभाग को अवगत करवाएगा, उसी समय तैनाती करवा दी जाएगी।
डॉ. सुदर्शन पंवार, सीएमओ।
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संवाददाता की पड़ताल में सामने आया कि जो बुजुर्ग वृद्धावस्था पेंशन के लिए सरकार की ओर से निर्धारित आयु पूरी कर चुके हैं, लेकिन उनके पास आयु का प्रमाण पत्र नहीं हैं। इनके मेडिकल परीक्षण द्वारा प्रमाण पत्र दिया जाता है। परंतु समाज कल्याण विभाग की ओर से चिकित्सक की तैनाती न करने के कारण करीब 400 से अधिक बुजुर्ग चार माह से दिक्कतें झेल रहे हैं। वे लगातार विभाग के कार्यालय के चक्कर काटने को विवश हैं, लेकिन इसके बाद भी अब तक बुढ़ापा पेंशन सेवा का उन्हें लाभ नहीं मिल पाया है। पेंशन बनवाने के लिए आवेदन करने वाले धनपति, रामरती, संतोष, सावित्री देवी, मनमोहन और रतिलाल का कहना है कि वो पेंशन के लिए निर्धारित आयु भी पूरी हो चुकी है लेकिन विभाग की ओर से प्रक्रिया शुरू नहीं करने पर दिक्कत आ रही है। उनका कहना है कि उम्र का प्रमाण न दे पाने के कारण वो सरकार की पेंशन सुविधा से वंचित हैं। वहीं समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि चिकित्सक की तैनाती के लिए डीसी से अनुमति ली जाएगी। इसके बाद मांग स्वास्थ्य विभाग को भेजी जाएगी।
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लॉकडाउन के बाद ठप पड़ा है पेंशन बनाने का काम
लॉकडाउन के बाद वृद्धावस्था पेंशन बनाने का कार्य भी ठप पड़ा है। जिला में सैकड़ों की संख्या में बुजुर्ग सरकार की ओर से पेंशन पात्रता के लिए निर्धारित आयु को पूरी कर चुके हैं लेकिन उनको पेंशन बनवाने के लिए भटकना पड़ रहा है। सरकार की ओर से विधवा, बुजुर्ग, दिव्यांग व अन्य कई प्रकार की कैटेगरी में पात्र लोगों को प्रतिमाह 2500 रुपये पेंशन दी जाती है। नई पेंशन बनवाने के लिए प्रक्रिया शुरू न होने से पात्र लोगों में दुविधा एवं बेचैनी बनी हुई है।
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यह है पेंशन बनवाने की प्रक्रिया
राज्य सरकार ने प्रत्येक परिवार का डाटा तैयार कर रखा है। सबसे पहले फैमिली नंबर से विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना पड़ता है। इसके बाद विभाग की ओर से हर माह के दूसरे सप्ताह में कैंप लगाया जाता है। कैंप में आवेदनकर्ता के मूल प्रमाण पत्रों की जांच की जाती है। जांच में सही पाए जाने पर पेंशन शुरू हो जाती है।
आयु के लिए ये प्रमाण पत्र जरूरी
बुजुर्ग की आयु को प्रमाणित करने के लिए या तो उसके पास स्कूल की सर्टिफिकेट हो या फिर जन्म प्रमाण पत्र बना होने चाहिए। इसके अलावा 2005 से पहले के मतदाता पहचान पत्र में उसकी जन्म तिथि प्रमाण के तौर पर उपलब्ध हो। जन्म प्रमाण के इन तीनों प्रूफ में से कोई भी नहीं है तो पात्र बुजुर्ग को सिविल अस्पताल से एनओसी लेनी पड़ेगी। एनओसी लेने के बाद समाज कल्याण विभाग उक्त बुजुर्ग का चिकित्सक से मेडिकल परीक्षण करवाएगा ताकि उसकी आयु की प्रमाणिकता हो सके। चिकित्सक से आयु की पुष्टि होने पर समाज कल्याण विभाग पेंशन बनाएगा।
आधार कार्ड में कृष्णा की उम्र 68, वोटर कार्ड में 90, नहीं बनवा पा रही पेंशन
पेंशन बनवाने के लिए सोमवार को जिला समाज कल्याण विभाग कार्यालय पहुंची चिड़िया निवासी 68 वर्षीय कृष्णा ने बताया कि वह पिछले छह माह से पेंशन बनवाने के लिए चक्कर काट रही है। आधार कार्ड में उसकी उम्र 68 है, लेकिन पुराना मतदाता पहचान पत्र गुम होने के बाद जो नया कार्ड बनवाया उसमें उम्र 90 कर रखी है। इसलिएए समाज कल्याण विभाग के दफ्तर में आने पर दस्तावेज पूरे न होने की बात कहकर वापस भेजे देते हैं। बुजुर्ग महिला का कहना है कि अगर मेडिकल परीक्षण का प्रावधान हो तो उसकी समस्या का भी समाधान हो सकता है।
चिकित्सक के लिए विभाग की ओर से डीसी से अनुमति ली जाएगी। वहां से हरी झंडी मिलते ही चिकित्सक की तैनाती के लिए सीएमओ को पत्र लिख दिया जाएगा। नई पेंशन बनवाने के लिए जिनके पास उम्र के प्रमाण पत्र समेत अन्य दस्तावेज हैं, उनकी कैंप लगाकर हम पेंशन बना रहे हैं।
सरफराज खान, जिला समाज कल्याण अधिकारी
अस्पताल प्रशासन को संबंधित विभाग की ओर से चिकित्सक की तैनाती करवाने के लिए कोई पत्र नहीं मिला है। जैसे ही समाज कल्याण विभाग चिकित्सक की जरूरत समझेगा और स्वास्थ्य विभाग को अवगत करवाएगा, उसी समय तैनाती करवा दी जाएगी।
डॉ. सुदर्शन पंवार, सीएमओ।

जिला समाज कल्याण कार्यालय में अपने काम से पहुंचे लोग।- फोटो : CharkhiDadri