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Charkhi Dadri News: नौतपा में 48.1 डिग्री तापमान से तपी धरती, जनजीवन रहा प्रभावित
Wed, 29 May 2024 04:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 29 May 2024 04:49 AM IST
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चरखी दादरी। नौतपा के चौथे दिन क्षेत्र में मंगलवार को भी भीषण गर्मी का प्रकोप बना रहा। दिनभर धरती तपती रह। जिले में दिन का अधिकतम तापमान 48.1 और न्यूनतम 31 डिग्री दर्ज किया गया। वातावरण में नमी की मात्रा घटकर नौ प्रतिशत रह गई जबकि 12 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से गर्म पश्चिमी हवाएं चलीं। इस कारण जनजीवन प्रभावित नजर आया। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ की वजह से 31 मई से दो जून के बीच कुछ सीमित स्थानों पर बूंदाबांदी हो सकती है जिससे तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है।
मंगलवार सुबह से ही सूर्य की किरणें आग उगलने लगी। दोपहर 12 बजे तक धरती तपने लगी और गर्म हवाओं ने लोगों को काफी परेशान किया। गर्मी के कारण दोपहर तक सड़क पर आवागमन भी धीरे-धीरे कम होने लगा और बाजारों से भी चहलकदमी कम हो गई। हालांकि शाम 6:30 बजे के बाद ही बाजारों में ग्राहकों की चहल-पहल नजर आई।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि सिंध, बलूचिस्तान और थार मरुस्थल से 11-12 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से शुष्क गर्म हवाओं का आगाज हो रहा है। इससे अधिकतर स्थानों पर दिन और रात के तापमान में उछाल आया है। उन्होंने बताया कि आने वाले तीन दिनों तक मौसम इसी प्रकार बना रहेगा। भारतीय आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन की ओर से एडवाइजरी भी जारी की जा रही है।
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- कमजोर विक्षोभ 31 मई को होगा सक्रिय
डॉ.चंद्रमोहन ने बताया कि 31 मई को एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से एक बार फिर से हवाओं की दिशा दक्षिणी-पश्चिमी होने से 31 मई से दो जून तक आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और सीमित स्थानों पर छिटपुट बूंदाबांदी और तेज गति से हवाएं चलने की संभावना है। इस दौरान लू थोड़ी कम होगी और रात के तापमान में हल्की गिरावट दिखेगी।
- ये हैं लू के लक्षण
लू लगना गर्मी के मौसम की बीमारी है। लू लगने का प्रमुख कारण शरीर में नमक और पानी की कमी होना है। पसीने के रूप में नमक और पानी का बड़ा हिस्सा शरीर से निकलकर खून की गर्मी को बढ़ा देता है। सिर में भारीपन महसूस होने लगता है। नाड़ी की गति बढ़ने लगती है। खून की गति तेज हो जाती है। सांस की गति भी ठीक नहीं रहती। शरीर में ऐंठन महसूस होने लगती है। शरीर का ताप बढ़ जाता है। हाथ और पैरों के निचले हिस्से में जलन महसूस होती है। आंखों में भी जलन होती है।
- इन बातों का रखें ख्याल
चिकित्सकों के अनुसार लू से बचने के लिए दोपहर के समय बाहर नहीं निकलना चाहिए। अगर बाहर जाना ही पड़े तो सिर और गर्दन को कपड़े से ढक लेना चाहिए। गर्मी के दिनों में हल्का और शीघ्र पचने वाला भोजन करना चाहिए। भोजन करके ही बाहर जाना चाहिए। बार-बार पानी पीते रहना चाहिए ताकि शरीर में जल की कमी न होने पाए। पानी में नींबू और नमक मिलाकर दिन में दो-तीन बार पीने से लू नहीं लगती। नरम, मुलायम, सूती कपड़े पहनने चाहिए जिससे कपड़े शरीर के पसीने को सोखते रहें। मौसमी फलों का सेवन भी लाभदायक रहता है।
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मंगलवार सुबह से ही सूर्य की किरणें आग उगलने लगी। दोपहर 12 बजे तक धरती तपने लगी और गर्म हवाओं ने लोगों को काफी परेशान किया। गर्मी के कारण दोपहर तक सड़क पर आवागमन भी धीरे-धीरे कम होने लगा और बाजारों से भी चहलकदमी कम हो गई। हालांकि शाम 6:30 बजे के बाद ही बाजारों में ग्राहकों की चहल-पहल नजर आई।
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मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि सिंध, बलूचिस्तान और थार मरुस्थल से 11-12 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से शुष्क गर्म हवाओं का आगाज हो रहा है। इससे अधिकतर स्थानों पर दिन और रात के तापमान में उछाल आया है। उन्होंने बताया कि आने वाले तीन दिनों तक मौसम इसी प्रकार बना रहेगा। भारतीय आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन की ओर से एडवाइजरी भी जारी की जा रही है।
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- कमजोर विक्षोभ 31 मई को होगा सक्रिय
डॉ.चंद्रमोहन ने बताया कि 31 मई को एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से एक बार फिर से हवाओं की दिशा दक्षिणी-पश्चिमी होने से 31 मई से दो जून तक आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और सीमित स्थानों पर छिटपुट बूंदाबांदी और तेज गति से हवाएं चलने की संभावना है। इस दौरान लू थोड़ी कम होगी और रात के तापमान में हल्की गिरावट दिखेगी।
- ये हैं लू के लक्षण
लू लगना गर्मी के मौसम की बीमारी है। लू लगने का प्रमुख कारण शरीर में नमक और पानी की कमी होना है। पसीने के रूप में नमक और पानी का बड़ा हिस्सा शरीर से निकलकर खून की गर्मी को बढ़ा देता है। सिर में भारीपन महसूस होने लगता है। नाड़ी की गति बढ़ने लगती है। खून की गति तेज हो जाती है। सांस की गति भी ठीक नहीं रहती। शरीर में ऐंठन महसूस होने लगती है। शरीर का ताप बढ़ जाता है। हाथ और पैरों के निचले हिस्से में जलन महसूस होती है। आंखों में भी जलन होती है।
- इन बातों का रखें ख्याल
चिकित्सकों के अनुसार लू से बचने के लिए दोपहर के समय बाहर नहीं निकलना चाहिए। अगर बाहर जाना ही पड़े तो सिर और गर्दन को कपड़े से ढक लेना चाहिए। गर्मी के दिनों में हल्का और शीघ्र पचने वाला भोजन करना चाहिए। भोजन करके ही बाहर जाना चाहिए। बार-बार पानी पीते रहना चाहिए ताकि शरीर में जल की कमी न होने पाए। पानी में नींबू और नमक मिलाकर दिन में दो-तीन बार पीने से लू नहीं लगती। नरम, मुलायम, सूती कपड़े पहनने चाहिए जिससे कपड़े शरीर के पसीने को सोखते रहें। मौसमी फलों का सेवन भी लाभदायक रहता है।