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Charkhi Dadri News: चार बाजारों में रखे जाएंगे ई-वेस्टबिन, 35 हजार आएगी लागत
Mon, 18 Aug 2025 01:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 18 Aug 2025 01:42 AM IST
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चरखी दादरी। नगर परिषद की ओर से शहर के चार बाजारों में पहली बार ई-वेस्टबिन रखवाए जा रहे हैं। शहर में पहली बार लागू होने जा रही व्यवस्था के लिए प्रारूप तैयार कर चिह्नित जगहों की सूची इंजीनियर शाखा को सौंपी जा चुकी है। ई-वेस्टबिन लगाने पर 35 हजार की लागत आएगी। स्वच्छता की दृष्टि से इसके बड़े फायदे होंगे।
करीब दस दिन में ई-वेस्टबिन लगा दिए जाएंगे और इसके बाद ई-वेस्ट यानी इलेक्ट्रोनिक वेस्ट खुले में फेंकने वाले दुकानदारों पर कार्रवाई की जाएगी। नगर परिषद की सफाई शाखा की ओर से अधिकारियों के समक्ष शहर की पूर्ण मार्केट, मंगल मार्केट, पुराना बस स्टैंड रोड और दिल्ली रोड पर ई-वेस्टबिन लगाने का प्रस्ताव रखा गया था। इसे अधिकारियों ने तत्काल स्वीकृति देते हुए आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के आदेश दिए। फिर सफाई शाखा की ओर से चारों जगहों की सूची इंजीनियरिंग शाखा को सौंपी गई। ई-वेस्टबिन लगाने पर 35 हजार की लागत आएगी, लेकिन स्वच्छता की दृष्टि से इसके बड़े फायदे होंगे।
इसके लिए तमाम व्यवस्थाएं नगर परिषद की ओर से की जाएंगी और मार्केट के दुकानदारों को केवल कचरा ई-वेस्टबिन में डालकर सहयोग करना है। इसके बाद एजेंसी का वाहन प्रतिदिन ई-वेस्ट लेने पहुंचेगा और ई-वेस्टबिन में पड़ा कचरा टीम अपने साथ ले जाएगी। ऐसा प्रतिदिन होगा और इसके बाद ई-वेस्ट सड़कों पर फैला नजर नहीं आएगा। नगर परिषद स्वच्छता मिशन प्रभारी ज्योति शर्मा ने बताया कि नगर आयुक्त गुलजार मलिक के निर्देशानुसार जल्द ही योजना को लागू कर दिया जाएगा।
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- यूं होती है शहर की सफाई
दादरी शहर की सफाई दो चरणों में पूरी होती है। पहले चरण में नगर परिषद के सफाई कर्मचारी सड़कों व गलियों में झाडू लगाकर कचरा एकत्र करते हैं। इसके बाद एजेंसी की टीम पहुंचकर इस कचरे को एमआरएफ सेंटर पर ले जाती है। वहां से शहर का कचरा भिवानी प्लांट पर भेजा जाता है।
- लापरवाही बरतने पर भरना पड़ेगा जुर्माना
मुख्य सफाई निरीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि ई-वेस्टबिन उन मार्केट में लगाए जाएंगे, जहां इलेक्ट्रोनिक कचरा ज्यादा निकलता है। ई-वेस्टबिन लगने के बाद खुले में ई-वेस्ट डालने वालों पर नजर रखी जाएगी। इतना ही नहीं पकड़े जाने पर 5,000 रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। चारों मार्केट में 800 से अधिक दुकानें हैं।
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शहर की चार मार्केट में जल्द ई-वेस्टबिन लगा दिए जाएंगे। जगह चिह्नित की जा चुकी है और नगर आयुक्त गुलजार मलिक के निर्देशानुसार दुकानदारों को ई-वेस्टबिन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
ज्योति शर्मा, स्वच्छता मिशन प्रभारी, नगर परिषद।
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करीब दस दिन में ई-वेस्टबिन लगा दिए जाएंगे और इसके बाद ई-वेस्ट यानी इलेक्ट्रोनिक वेस्ट खुले में फेंकने वाले दुकानदारों पर कार्रवाई की जाएगी। नगर परिषद की सफाई शाखा की ओर से अधिकारियों के समक्ष शहर की पूर्ण मार्केट, मंगल मार्केट, पुराना बस स्टैंड रोड और दिल्ली रोड पर ई-वेस्टबिन लगाने का प्रस्ताव रखा गया था। इसे अधिकारियों ने तत्काल स्वीकृति देते हुए आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के आदेश दिए। फिर सफाई शाखा की ओर से चारों जगहों की सूची इंजीनियरिंग शाखा को सौंपी गई। ई-वेस्टबिन लगाने पर 35 हजार की लागत आएगी, लेकिन स्वच्छता की दृष्टि से इसके बड़े फायदे होंगे।
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इसके लिए तमाम व्यवस्थाएं नगर परिषद की ओर से की जाएंगी और मार्केट के दुकानदारों को केवल कचरा ई-वेस्टबिन में डालकर सहयोग करना है। इसके बाद एजेंसी का वाहन प्रतिदिन ई-वेस्ट लेने पहुंचेगा और ई-वेस्टबिन में पड़ा कचरा टीम अपने साथ ले जाएगी। ऐसा प्रतिदिन होगा और इसके बाद ई-वेस्ट सड़कों पर फैला नजर नहीं आएगा। नगर परिषद स्वच्छता मिशन प्रभारी ज्योति शर्मा ने बताया कि नगर आयुक्त गुलजार मलिक के निर्देशानुसार जल्द ही योजना को लागू कर दिया जाएगा।
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- यूं होती है शहर की सफाई
दादरी शहर की सफाई दो चरणों में पूरी होती है। पहले चरण में नगर परिषद के सफाई कर्मचारी सड़कों व गलियों में झाडू लगाकर कचरा एकत्र करते हैं। इसके बाद एजेंसी की टीम पहुंचकर इस कचरे को एमआरएफ सेंटर पर ले जाती है। वहां से शहर का कचरा भिवानी प्लांट पर भेजा जाता है।
- लापरवाही बरतने पर भरना पड़ेगा जुर्माना
मुख्य सफाई निरीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि ई-वेस्टबिन उन मार्केट में लगाए जाएंगे, जहां इलेक्ट्रोनिक कचरा ज्यादा निकलता है। ई-वेस्टबिन लगने के बाद खुले में ई-वेस्ट डालने वालों पर नजर रखी जाएगी। इतना ही नहीं पकड़े जाने पर 5,000 रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। चारों मार्केट में 800 से अधिक दुकानें हैं।
शहर की चार मार्केट में जल्द ई-वेस्टबिन लगा दिए जाएंगे। जगह चिह्नित की जा चुकी है और नगर आयुक्त गुलजार मलिक के निर्देशानुसार दुकानदारों को ई-वेस्टबिन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
ज्योति शर्मा, स्वच्छता मिशन प्रभारी, नगर परिषद।