{"_id":"6133be968ebc3e7a17773036","slug":"dudiwala-kishanpura-here-the-child-of-every-household-is-admitted-in-government-school-charkhidadri-news-hsr610802843","type":"story","status":"publish","title_hn":"डुडीवाला किशनपुरा .... यहां हर घर के बच्चे का दाखिला है सरकारी स्कूल में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डुडीवाला किशनपुरा .... यहां हर घर के बच्चे का दाखिला है सरकारी स्कूल में
विज्ञापन
ग्रामीणों के सहयोग से बनाए गए कमरे में छात्राओं को पढ़ाई करवाती शिक्षिका।
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी/बाढड़ा। डुडीवाला किशनपुरा गांव ने प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के हर गांव के लिए एक नजीर पेश की है। इस गांव के हर घर के बच्चे का दाखिला राजकीय स्कूल में है। पिछले दो सालों में राजकीय स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या चार गुना बढ़ी है। यह शिक्षकों की मेहनत और ग्रामीणों के सहयोग से ही संभव हो पाया है। डुडीवाला किशनपुरा राजकीय स्कूल की यह उपलब्धि चर्चा का विषय बनी हुई है और इसके लिए जिला प्रशासन भी स्कूल स्टाफ को सम्मानित करेगा।
शिक्षक दिवस पर संवाददाता से हुई बातचीत में मुख्याध्यापक सतीश शर्मा ने बताया कि 2019 तक राजकीय स्कूल में लगातार विद्यार्थी की संख्या घटी और यह आंकड़ा 106 पर पहुंच गया। उन्होंने बताया कि स्कूल स्टाफ ने इस संबंध में ग्रामीणों से सहयोग मांगा तो सकारात्मक आश्वासन मिला। इसके बाद गांव के युवाओं ने शिक्षकों का साथ देने का बीड़ा उठाते हुए श्री सोमनाथ कल्याण समिति का गठन किया। समिति पदाधिकारियों ने शिक्षकों के आह्वान पर सबसे पहले अपने बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूल में करवाया और इसके बाद घर-घर जाकर ग्रामीणों को बच्चे निजी की बजाय राजकीय स्कूल में भेजने की अपील की। उनका यह प्रयास वर्ष 2020 में ही रंग ले आया। एक ही साल में राजकीय स्कूल में विद्यार्थी संख्या 372 पहुंच गई।
इसके बाद भी स्कूल स्टाफ और समिति पदाधिकारियों ने राजकीय स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने का प्रयास जारी रखा। वर्ष 2021 में विद्यार्थी संख्या का 372 से बढ़कर 465 पहुंची गई। मौजूदा वर्ष में गांव के हर घर के बच्चे का दाखिला राजकीय स्कूल में है। इसका श्रेय शिक्षकों की मेहनत और ग्रामीणों की समझदारी व सहयोग को जाता है।
विज्ञापन
संख्या बढ़ने पर कमरों की कमी आई आड़े तो ग्रामीणों ने एकत्र किया चंदा
राजकीय स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने पर कमरों की कमी भी आड़े आई, लेकिन ग्रामीणों के सहयोग से इस बाधा को भी पार कर लिया गया। समिति प्रधान राजकमल जांगड़ा और उप प्रधान मुकेश शर्मा ने बताया कि मिशन सरकारी स्कूल के तहत ग्रामीणों ने चंदा एकत्रित कर 14 कमरों का निर्माण करवाया है और अब स्कूल में माइक सिस्टम समेत अन्य सुविधाएं भी हैं।
शिक्षक भी उतरे ग्रामीणों को दिलाए विश्वास पर खरा
मिशन सरकारी स्कूल की आगाज के दौरान समिति ने शिक्षकों के समक्ष कुछ मांगें रखी थीं। इनमें प्राइवेट स्कूल की तर्ज पर पढ़ाई करवाने समेत शिक्षकों से लगन के साथ पढ़ाई करवाने की मांग की गई थी। मुख्याध्यापक सतीश शर्मा व प्राइमरी इंचार्ज राजवीर रांगी ने समिति को जो विश्वास दिलाया था, वह उस पर खरा उतरे।
जानिए... साल दर साल कैसे बढ़ी विद्यार्थियों की संख्या
वर्ष प्राइमरी विंग में विद्यार्थी मिडिल विंग में विद्यार्थी कुल छात्र
2019 80 26 106
2020 233 139 372
2021 254 211 465
ग्रामीणों के सहयोग से ही ये संभव हो पाया है। शिक्षकों ने अपनी तरफ से शत प्रतिशत दिया और आज गांव के प्रत्येक बच्चे का दाखिले निजी की जगह राजकीय स्कूल में है।
सतीश शर्मा, मुख्याध्यापक, डुडीवाला किशनपुरा राजकीय स्कूल
विज्ञापन
शिक्षक दिवस पर संवाददाता से हुई बातचीत में मुख्याध्यापक सतीश शर्मा ने बताया कि 2019 तक राजकीय स्कूल में लगातार विद्यार्थी की संख्या घटी और यह आंकड़ा 106 पर पहुंच गया। उन्होंने बताया कि स्कूल स्टाफ ने इस संबंध में ग्रामीणों से सहयोग मांगा तो सकारात्मक आश्वासन मिला। इसके बाद गांव के युवाओं ने शिक्षकों का साथ देने का बीड़ा उठाते हुए श्री सोमनाथ कल्याण समिति का गठन किया। समिति पदाधिकारियों ने शिक्षकों के आह्वान पर सबसे पहले अपने बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूल में करवाया और इसके बाद घर-घर जाकर ग्रामीणों को बच्चे निजी की बजाय राजकीय स्कूल में भेजने की अपील की। उनका यह प्रयास वर्ष 2020 में ही रंग ले आया। एक ही साल में राजकीय स्कूल में विद्यार्थी संख्या 372 पहुंच गई।
विज्ञापन
इसके बाद भी स्कूल स्टाफ और समिति पदाधिकारियों ने राजकीय स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने का प्रयास जारी रखा। वर्ष 2021 में विद्यार्थी संख्या का 372 से बढ़कर 465 पहुंची गई। मौजूदा वर्ष में गांव के हर घर के बच्चे का दाखिला राजकीय स्कूल में है। इसका श्रेय शिक्षकों की मेहनत और ग्रामीणों की समझदारी व सहयोग को जाता है।
विज्ञापन
संख्या बढ़ने पर कमरों की कमी आई आड़े तो ग्रामीणों ने एकत्र किया चंदा
राजकीय स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने पर कमरों की कमी भी आड़े आई, लेकिन ग्रामीणों के सहयोग से इस बाधा को भी पार कर लिया गया। समिति प्रधान राजकमल जांगड़ा और उप प्रधान मुकेश शर्मा ने बताया कि मिशन सरकारी स्कूल के तहत ग्रामीणों ने चंदा एकत्रित कर 14 कमरों का निर्माण करवाया है और अब स्कूल में माइक सिस्टम समेत अन्य सुविधाएं भी हैं।
शिक्षक भी उतरे ग्रामीणों को दिलाए विश्वास पर खरा
मिशन सरकारी स्कूल की आगाज के दौरान समिति ने शिक्षकों के समक्ष कुछ मांगें रखी थीं। इनमें प्राइवेट स्कूल की तर्ज पर पढ़ाई करवाने समेत शिक्षकों से लगन के साथ पढ़ाई करवाने की मांग की गई थी। मुख्याध्यापक सतीश शर्मा व प्राइमरी इंचार्ज राजवीर रांगी ने समिति को जो विश्वास दिलाया था, वह उस पर खरा उतरे।
जानिए... साल दर साल कैसे बढ़ी विद्यार्थियों की संख्या
वर्ष प्राइमरी विंग में विद्यार्थी मिडिल विंग में विद्यार्थी कुल छात्र
2019 80 26 106
2020 233 139 372
2021 254 211 465
ग्रामीणों के सहयोग से ही ये संभव हो पाया है। शिक्षकों ने अपनी तरफ से शत प्रतिशत दिया और आज गांव के प्रत्येक बच्चे का दाखिले निजी की जगह राजकीय स्कूल में है।
सतीश शर्मा, मुख्याध्यापक, डुडीवाला किशनपुरा राजकीय स्कूल

डुडीवाला किशनपुरा राजकीय स्कूल का स्टाफ।- फोटो : CharkhiDadri