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Charkhi Dadri News: मेजबान चौक से 27 फुटा रोड पर सूखे पेड़ से बढ़ी परेशानी, हादसों को दे रहे निमंत्रण
Wed, 20 May 2026 01:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 20 May 2026 01:34 AM IST
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मेजबान चौक से 27 फुटा रोड की ओर जाने वाली सड़क किनारे खड़े सूखे पेड़।
चरखी दादरी। शहर के मेजबान चौक से 27 फुटा रोड को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर सूखे पेड़ बड़े हादसों का सबब बन सकते हैं। स्थानीय निवासियों, राहगीरों और वाहन चालकों को भय के साये में यहां से गुजरना पड़ता है। कॉलोनीवासियों की ओर से पेड़ों की कटाई के लिए वन विभाग को कई बार अवगत करवाया गया है, लेकिन लंबा समय गुजर जाने के बाद भी सूखे पेड़ों की कटाई नही हो पाई है। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से कोई बड़ा हादसा होने से पहले पेड़ों की कटाई करवाने की गुहार लगाई है।
स्थानीय लोहारू रोड स्थित मेजबान चौक से दमकल विभाग कार्यालय को जोड़ने वाले मार्ग पर करीब 20 सूखे पेड़ खड़े हैं। हाल ही में आई आंधी के कारण इस मार्ग पर कई सूखे पेड़ और उनकी भारी-भरकम शाखाएं सड़क पर आ गिरीं। गनीमत रही कि उस वक्त वहां से कोई गुजर नहीं रहा था जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
इस लापरवाही को लेकर स्थानीय निवासियों और दुकानदारों में भारी रोष बना हुआ है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि सूखे पेड़ों की कटाई करवाने के लिए कई बार वन विभाग के अधिकारियों से भी शिकायत की गई है लेकिन लंबा समय गुजर जाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
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स्थानीय निवासी बोले
यहां करीब 20 पेड़ पूरी तरह सूख चुके हैं। पिछली आंधी में दो पेड़ अचानक सड़क की तरफ गिर गए थे। शुक्र है कि उस समय यहां से कोई गुजर नहीं रहा था, वरना जानमाल का भारी नुकसान हो सकता था। हम कई बार शिकायत कर चुके हैं लेकिन प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।
- सतबीर सांगवान, स्थानीय निवासी।
मुझे रोज अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने और बाजार के काम से इसी रास्ते से जाना पड़ता है। जब भी तेज हवा चलती है, दिल दहल जाता है कि कहीं कोई सूखी डाली बच्चों पर न गिर जाए। सूखी लकड़ियां टूटकर गिरती रहती हैं। इन पेड़ों को तुरंत कटवाया जाना चाहिए।
- मनोज कुमार, स्थानीय निवासी।
आंधी के बाद जो पेड़ गिरे थे वो भी अभी सड़क के किनारे पड़े हुए हैं। विभाग की ओर से उन्हें भी अभी तक नहीं हटवाया गया है। अभी भी काफी संख्या में सूखे पेड़ कमजोर होकर खड़े हैं, वे कभी भी गिर सकते हैं। मानसून आने वाला है, अगर उससे पहले इन्हें नहीं हटाया गया तो बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहेगी।
- सतबीर फोगाट, स्थानीय निवासी।
दिनभर इस सड़क से सैकड़ों की संख्या में राहगीरों व वाहन चालकों का आवागमन बना रहता है। कई बार पेड़ों की सूखी टहनियां अचानक सामने चल रहे दोपहिया वाहनों पर गिरते-गिरते बची हैं। रात के समय तो यह खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है क्योंकि इस मार्ग पर कई जगह स्ट्रीट लाइटें भी ठीक से काम नहीं करती हैं।
-जगबीर सिंह, कॉलोनीवासी।
जिले में सूखे पेड़ों की मार्किंग का काम चल रहा है। मार्किंग पूरी होने के बाद रिपोर्ट केंद्रीय मुख्यालय में भेजी जाएगी। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद इन पेड़ों को हटाया जाएगा।
-हेमंत पारिक, वन राजिक अधिकारी, दादरी।
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स्थानीय लोहारू रोड स्थित मेजबान चौक से दमकल विभाग कार्यालय को जोड़ने वाले मार्ग पर करीब 20 सूखे पेड़ खड़े हैं। हाल ही में आई आंधी के कारण इस मार्ग पर कई सूखे पेड़ और उनकी भारी-भरकम शाखाएं सड़क पर आ गिरीं। गनीमत रही कि उस वक्त वहां से कोई गुजर नहीं रहा था जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
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इस लापरवाही को लेकर स्थानीय निवासियों और दुकानदारों में भारी रोष बना हुआ है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि सूखे पेड़ों की कटाई करवाने के लिए कई बार वन विभाग के अधिकारियों से भी शिकायत की गई है लेकिन लंबा समय गुजर जाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
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स्थानीय निवासी बोले
यहां करीब 20 पेड़ पूरी तरह सूख चुके हैं। पिछली आंधी में दो पेड़ अचानक सड़क की तरफ गिर गए थे। शुक्र है कि उस समय यहां से कोई गुजर नहीं रहा था, वरना जानमाल का भारी नुकसान हो सकता था। हम कई बार शिकायत कर चुके हैं लेकिन प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।
- सतबीर सांगवान, स्थानीय निवासी।
मुझे रोज अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने और बाजार के काम से इसी रास्ते से जाना पड़ता है। जब भी तेज हवा चलती है, दिल दहल जाता है कि कहीं कोई सूखी डाली बच्चों पर न गिर जाए। सूखी लकड़ियां टूटकर गिरती रहती हैं। इन पेड़ों को तुरंत कटवाया जाना चाहिए।
- मनोज कुमार, स्थानीय निवासी।
आंधी के बाद जो पेड़ गिरे थे वो भी अभी सड़क के किनारे पड़े हुए हैं। विभाग की ओर से उन्हें भी अभी तक नहीं हटवाया गया है। अभी भी काफी संख्या में सूखे पेड़ कमजोर होकर खड़े हैं, वे कभी भी गिर सकते हैं। मानसून आने वाला है, अगर उससे पहले इन्हें नहीं हटाया गया तो बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहेगी।
- सतबीर फोगाट, स्थानीय निवासी।
दिनभर इस सड़क से सैकड़ों की संख्या में राहगीरों व वाहन चालकों का आवागमन बना रहता है। कई बार पेड़ों की सूखी टहनियां अचानक सामने चल रहे दोपहिया वाहनों पर गिरते-गिरते बची हैं। रात के समय तो यह खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है क्योंकि इस मार्ग पर कई जगह स्ट्रीट लाइटें भी ठीक से काम नहीं करती हैं।
-जगबीर सिंह, कॉलोनीवासी।
जिले में सूखे पेड़ों की मार्किंग का काम चल रहा है। मार्किंग पूरी होने के बाद रिपोर्ट केंद्रीय मुख्यालय में भेजी जाएगी। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद इन पेड़ों को हटाया जाएगा।
-हेमंत पारिक, वन राजिक अधिकारी, दादरी।