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Charkhi Dadri News: ड्रॉप आउट बच्चों का सर्वे शुरू, शिक्षक घरों में दे रहे दस्तक

Mon, 06 Jan 2025 12:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Mon, 06 Jan 2025 12:59 AM IST
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शिक्षा:
शीतकालीन अवकाश में शिक्षकों को विभाग ने सौंपा सर्वे कार्य, तीन दिन में टीमों ने लगभग 100 घरों में किया सर्वे
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। शिक्षा विभाग की ओर से ड्रॉप आउट विद्यार्थियों की पहचान के लिए गांवों में सर्वे करवाया जा रहा है। इसके तहत शिक्षक अपनी तैनाती वाले गांव में जाकर सर्वे कर रहे हैं। सर्वे के तहत बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले व स्कूल में नाम न लिखवाने वाले बच्चों की जानकारी एकत्र की जा रही है।

शिक्षा विभाग की ओर से गत दिसंबर माह में साक्षरता दर बढ़ाने के लिए पूरे प्रदेश में ड्रॉप आउट सर्वे करवाया जा रहा है। इसके तहत 5 साल से 14 साल तक की उम्र के बच्चों की पहचान की जा रही है। शिक्षक गांवों व शहर में भी सर्वे कर डाटा एकत्र कर रहे हैं। हालांकि, अब तक ग्रामीण घरों में टीमों को कोई ड्रॉप आउट नहीं मिला है।
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प्रतिदिन टीमें घरों में जाकर सर्वे करती हैं। घर के सदस्य, व्यवसाय, बच्चे व उनकी उम्र आदि पूछताछ की जाती है। विभाग की ओर से प्रदेश का शैक्षिक स्तर ऊपर उठाने के लिए सर्वे करवाया जा रहा है। इससे प्रदेश व युवाओं का भविष्य बेहतर होगा। साथ ही स्कूल छोड़ने वाले बच्चों से भी स्कूल से दूरी बनाने का कारण जाना जाएगा और उसे दोबारा शिक्षा से जोड़ने के लिए टीमें नाम पंजीकृत करेंगी।
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सूत्रों के अनुसार, शहर के स्कूलों में कुछ ड्रॉप आउट बच्चों की पहचान हुई है। इसमें बच्चों के परिजन प्रवासी हैं। काम के कारण ही यहां आए थे। लेकिन, किसी कारण गांव वापसी होने से उन्हें स्कूल छोड़ना पड़ा।

- ड्रॉप आउट के लिए बने हैं स्पेशल सेंटर
शिक्षा विभाग की ओर से सर्वे के बाद बच्चों को स्पेशल पढ़ाई कराई जाएगी। इसके लिए तीन खंडों में एक-एक स्पेशल टीचिंग सेंटर बनाए जाएंगे। फिलहाल, एक सेंटर शुरू कर दिया गया। इसमें राजकीय स्कूल के शिक्षकों के बजाय स्वयंसेवक शिक्षक ही पढ़ाई करवा रहे हैं। शिक्षकों को भी पढ़ाने की ट्रेनिंग दी गई है। बच्चों को स्कूल अनुशासन के बजाय खेल गतिविधियों के माध्यम से पढ़ाई करवाई जा रही है।


वर्सन:
जिले में ड्रॉप आउट विद्यार्थियों का सर्वे शुरू हो गया है। इसमें 5-14 साल की उम्र के घर पर रहने वाले बच्चों की पहचान की जा रही है। बाद में इनको विशेष रूप से पढ़ाई कराकर शिक्षित किया जाएगा। शिक्षा विभाग का निरक्षरता को दूर करना मुख्य उद्देश्य है। प्रतिदिन टीमें फील्ड में जाकर कार्य कर रही हैं।
-नवीन नारा, डीईईओ, शिक्षा विभाग
फोटो-10
गांव काकड़ोली हुक्मी के एक घर में ड्रॉप आउट सर्वे करने पहुंची टीम। संवाद
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