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डॉ. तरुण ने पास की UPSC परीक्षा: MBBS के बाद शुरू की तैयारी, कोचिंग नहीं ली, सोशल मीडिया से बनाई दूरी

Tue, 16 Apr 2024 05:14 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Tue, 16 Apr 2024 05:14 PM IST
सार

27 वर्षीय एमबीबीएस तरुण ने 231वीं रैंक हासिल की है। चरखी दादरी निवासी डॉ. तरुण ने यूपीएससी परीक्षा में चौथे प्रयास में सफलता पाई है। उन्होंने घर पर ही प्रतिदिन 7-8 घंटे पढ़ाई कर मुकाम पाया है। 

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Dr. Tarun From Charkhi Dadri crack UPSC exam
खुशी मनाते हुए परिवार के सदस्य। - फोटो : संवाद

विस्तार

हरियाणाा के दादरी शहर निवासी तरुण पाहवा ने मंगलवार को घोषित यूपीएससी परिणाम में सफलता पाई है। ये उनका चौथा प्रयास रहा और इसमें 231वीं रैंक उन्होंने हासिल की। 27 वर्षीय डॉ. तरुण पाहवा को आईपीएस कैडर मिलने की उम्मीद है। तरुण ने तीन साल की मेहनत में ये मुकाम पाया है और उनके घर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

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संवाददाता से बातचीत में तरुण पाहवा ने बताया कि उन्होंने 12वीं तक की पढ़ाई डीआरके आदर्श विद्या मंदिर से की। इसके बाद उन्होंने रोहतक पीजीआई से एमबीबीएस की। तरुण पाहवा ने बताया कि एमबीबीएस अंतिम वर्ष में उन्होंने सिविल सर्विसेज की तैयारी करने की सोची। एमबीबीएस अंतिम वर्ष में ही उन्होंने तैयारी के लिए कंटेंट जुटाना शुरू किया। इसके बाद सुचारू रूप से तैयारी उन्होंने जनवरी 2021 में शुरू की।
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तरुण पाहवा ने बताया कि पहले और दूसरे प्रयास में वो यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा भी पास नहीं कर पाए जबकि तीसरे प्रयास में वो साक्षात्कार प्रक्रिया तक पहुंचे, लेकिन सूची में नाम नहीं आया। तरुण ने बताया कि उन्होंने हार नहीं मानी और तैयारी जारी रखी। अब चौथे प्रयास में करीब तीन साल की मेहनत के बाद उन्हें सफलता मिली है और इसकी बेहद खुशी है।
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नहीं ली कोचिंग, घर पर रहकर ही की तैयारी
यूपीएससी परीक्षा की तैयारी तरुण पाहवा ने घर रहकर ही की। उन्होंने बाहर जाकर इसके लिए कोई कोचिंग नहीं ली। तरुण ने बताया कि प्रतिदिन सात से आठ घंटे दो शिफ्ट में पढ़ाई की। कंटेंट जुटाने के लिए यूट्यूब की उन्होंने मदद जरूर ली। तरुण ने बताया कि उन्होंने फेसबुक, इंस्टाग्राम से दूरी बनाकर रखी।

माता-पिता दोनों रिटायर्ड शिक्षक, भाई है सीए
फिलहाल एमसी कॉलोनी निवासी तरुण पाहवा का परिवार शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ा है। उनका माता संतोष पाहवा रिटायर्ड मुख्याध्यापिका है जबकिपिता ललित पाहवा विज्ञान विषय के रिटायर्ड शिक्षक हैं। तरुण का बड़ा भाई रजत पाहवा सीए हैं और वो गुरूग्राम में जॉब करते हैं।

कॅरिअर के लिए प्लेटफार्म किया सेट, फिर लिया रिस्क
संवाददाता से बातचीत में तरुण पाहवा ने बताया कि एमबीबीएस पूरी कर पहले उन्होंने कॅरिअर का एक प्लेटफार्म सेट किया और इसके बाद यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करने की सोची। उन्होंने बताया कि उनका ये कदम अब सफल साबित हुआ और इसकी बेहद खुशी है।

बेटे ने दी जीवन की बड़ी खुशी: संतोष पाहवा
रिटायर्ड मुख्याध्यापिका एवं तरुण पाहवा की माता संतोष पाहवा ने बताया कि बेटे की सफलता से वो गदगद हैं। तरुण ने उन्हें जीवन की सबसे बड़ी खुशी दी है। वो डॉक्टर और आईपीएस बनने वाला परिवार का पहला सदस्य है।


मेहनत से बेटे ने पाई कामयाबी: ललित पाहवा
रिटायर्ड शिक्ष एवं तरुण के पिता ललित पाहवा ने बताया कि इस कामयाबी बेटे की मेहनत है। तरुण ने बिना कोचिंग लिए घर पर रहकर ही पढ़ाई की। पहले तीन प्रयास विफल रहने के बाद भी हौसला नहीं हारा और आज परिणाम सामने है।

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