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Charkhi Dadri News: चिकित्सकों ने अस्पताल रखे बंद, प्रदर्शन कर प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
Sun, 18 Aug 2024 05:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 18 Aug 2024 05:16 AM IST
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दादरी शहर में प्रदर्शन करते निजी अस्पतालों के चिकित्सक। संवाद
पश्चिम बंगाल में दुष्कर्म के बाद चिकित्सक की हत्या से निजी अस्पताल संचालकों में आक्रोश, बंद रखे 100 निजी अस्पताल
- 5000 से पार रहती है निजी अस्पतालों की दैनिक ओपीडी
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। पश्चिम बंगाल में एक मेडिकल कॉलेज की महिला प्रशिक्षु चिकित्सक से दुष्कर्म व हत्या के मामले में चरखी दादरी जिले के निजी अस्पताल संचालकों ने शनिवार सुबह रोष प्रदर्शन किया। डीसी कैंप कार्यालय पहुंचकर नगराधीश आशिष सांगवान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इसके जरिए दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की गई। वहीं, आईएमए के आह्वान पर निजी अस्पताल संचालकों ने अपने संस्थान में ओपीडी बंद रखी।
बता दें कि पश्चिम बंगाल की घटना से दादरी जिले के चिकित्सकों में भी आक्रोश है। शनिवार को आईएमए के आह्वान पर निजी अस्पतालों में ओपीडी बंद रखकर चिकित्सक एकत्र हुए। फिर प्रदर्शन करते हुए डीसी कैंप कार्यालय पहुंचे। आईएमए जिला प्रधान डॉ. योगेंद्र देशवाल की अगुवाई में वहां उन्होंने नगराधीश को ज्ञापन सौंपकर प्रदर्शन खत्म किया। इसके अलावा 17 अगस्त को सुबह 6 बजे से 18 अगस्त की सुबह 5 बजे तक निजी अस्पतालों में सामान्य ओपीडी बंद रखी गई जबकि आपातकालीन मरीज ही देखे गए। दादरी जिले में करीब 100 निजी अस्पताल हैं। इनमें से 60 अस्पताल शहरी और 40 अस्पताल ग्रामीण क्षेत्र में हैं।
आईएमए पदाधिकारियों की मानें तो इन अस्पतालों की दैनिक ओपीडी 5000 से पार रहती है। वहीं, शनिवार को सिविल अस्पताल की ओपीडी करीब दस प्रतिशत अधिक रही।
वर्सन:
एसोसिएशन के निर्णय अनुसार, जिले के करीब 100 निजी अस्पतालों में शनिवार सुबह 6 बजे से रविवार सुबह 6 बजे तक सामान्य ओपीडी बंद रखी गई। इसके अलावा जिला प्रशासन को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया।
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-डॉ. योगेंद्र देशवाल, चरखी दादरी जिला प्रधान, आईएमए
फोटो 01
दादरी शहर में प्रदर्शन करते निजी अस्पतालों के चिकित्सक। संवाद
फोटो 02
निजी अस्पताल में चस्पा की गई ओपीडी बंद रखने संबंधी सूचना। संवाद
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- 5000 से पार रहती है निजी अस्पतालों की दैनिक ओपीडी
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। पश्चिम बंगाल में एक मेडिकल कॉलेज की महिला प्रशिक्षु चिकित्सक से दुष्कर्म व हत्या के मामले में चरखी दादरी जिले के निजी अस्पताल संचालकों ने शनिवार सुबह रोष प्रदर्शन किया। डीसी कैंप कार्यालय पहुंचकर नगराधीश आशिष सांगवान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इसके जरिए दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की गई। वहीं, आईएमए के आह्वान पर निजी अस्पताल संचालकों ने अपने संस्थान में ओपीडी बंद रखी।
बता दें कि पश्चिम बंगाल की घटना से दादरी जिले के चिकित्सकों में भी आक्रोश है। शनिवार को आईएमए के आह्वान पर निजी अस्पतालों में ओपीडी बंद रखकर चिकित्सक एकत्र हुए। फिर प्रदर्शन करते हुए डीसी कैंप कार्यालय पहुंचे। आईएमए जिला प्रधान डॉ. योगेंद्र देशवाल की अगुवाई में वहां उन्होंने नगराधीश को ज्ञापन सौंपकर प्रदर्शन खत्म किया। इसके अलावा 17 अगस्त को सुबह 6 बजे से 18 अगस्त की सुबह 5 बजे तक निजी अस्पतालों में सामान्य ओपीडी बंद रखी गई जबकि आपातकालीन मरीज ही देखे गए। दादरी जिले में करीब 100 निजी अस्पताल हैं। इनमें से 60 अस्पताल शहरी और 40 अस्पताल ग्रामीण क्षेत्र में हैं।
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आईएमए पदाधिकारियों की मानें तो इन अस्पतालों की दैनिक ओपीडी 5000 से पार रहती है। वहीं, शनिवार को सिविल अस्पताल की ओपीडी करीब दस प्रतिशत अधिक रही।
वर्सन:
एसोसिएशन के निर्णय अनुसार, जिले के करीब 100 निजी अस्पतालों में शनिवार सुबह 6 बजे से रविवार सुबह 6 बजे तक सामान्य ओपीडी बंद रखी गई। इसके अलावा जिला प्रशासन को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया।
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-डॉ. योगेंद्र देशवाल, चरखी दादरी जिला प्रधान, आईएमए
फोटो 01
दादरी शहर में प्रदर्शन करते निजी अस्पतालों के चिकित्सक। संवाद
फोटो 02
निजी अस्पताल में चस्पा की गई ओपीडी बंद रखने संबंधी सूचना। संवाद