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जिले में अब बीपीएल आवेदकों से नहीं वसूली जाएगी डीआईटीएस फीस
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जिले के सरल केंद्रों में बीपीएल आवेदकों से डीआईटीएस की फीस नहीं वसूल की जाएगी। गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन कर रहे नागरिकों को सरल केंद्र में आवेदनों पर जो सरकारी शुल्क निर्धारित है, उतनी ही राशि अदा करनी होगी। जिला प्रशासन इस निर्णय को जल्दी शुरू करने जा रहा है। जिला सूचना प्रौद्योगिकी समिति (डीआईटीएस) के चेयरमैन एवं उपायुक्त राजेश जोगपाल ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि डीआईटीएस की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि जिला के बीपीएल नागरिकों से दादरी और बाढड़ा के सरल केंद्र में सर्विस चार्ज किसी भी आवेदन पर नहीं लिया जाएगा। यह शुल्क वह है, जो डीआईटीएस विभाग सरल केंद्र में दी जा रही अपनी सेवाओं के लिए आवेदन शुल्क से अलग चार्ज करता है। यह फीस सभी सेवाओं के लिए अलग-अलग है। इससे बीपीएल नागरिकों को सरल सेवाओं में कम फीस जमा करवाने का लाभ प्राप्त होगा। इस फैसले को शीघ्र ही लागू करने का विचार किया जा रहा है।
उपायुक्त ने कहा कि दादरी जिला में प्रशासनिक कार्यप्रणाली तेज व पारदर्शी करने के लिए ई-ऑफिस को पहले ही शुरू किया जा चुका है। इसके साथ ही सरकारी फाइलों को स्कैन कर कार्यालयों के रिकार्ड को डिजिटाइजेशन किया जाएगा। इस काम के लिए अलग से स्टाफ भर्ती किया जाएगा। डीआईटीएस के ऑपरेटर्स को पारिश्रमिक व सेवा लाभ देने के लिए केवल हारट्रोन की पॉलिसी मान्य होगी। अर्थात हारट्रोन जिस वेतनमान से ऑपरेटरों को मानदेय दे रहा है, दादरी जिला में डीआईटीएस में काम कर रहे कंप्यूटर ऑपरेटरों को वही पारिश्रमिक दिया जाएगा। ठेका कंपनी या डीसी रेट के हिसाब से ऑपरेटरों को मानदेय नहीं मिलेगा। राजेश जोगपाल ने बताया कि भूमि पंजीकरण या लैंड रेवेन्यू का कार्य सभी ऑपरेटर्स को सिखाया जाएगा। इसके लिए उनको हारट्रोन सेंटर में ट्रेनिंग दिलवाई जाएगी। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त राहुल नरवाल, नगराधीश अमित मान, जिला सूचना एवं प्रौद्योगिकी अधिकारी अमित लांबा, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी एचपी बंसल सहित, लेखाकार अंकित सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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नए लिपिक को दिलाई जाएगी सरल केंद्र की ट्रेनिंग
उपायुक्त ने बताया कि जिन लिपिकों की नई नियुक्ति हुई है, उन्हें भी सरल केंद्रों में दी जा रही सेवाओं की ट्रेनिंग दिलवाई जाएगी। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है कि सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता बनी रहनी चाहिए और नागरिकों को सिंगल विंडो पर सभी सेवाएं मिल सके।
289 सेवाएं इस समय ऑनलाइन
बैठक में उपायुक्त ने कहा कि 2017 में सरल केंद्र की शुरुआत हुई थी। फिलहाल सरकारी विभागों की 289 सेवाएं इस पोर्टल पर दी जा रही हैं। सरल पोर्टल पर किसी प्रकार की जानकारी या पूछताछ करने के लिए टोल फ्री नंबर 1800-20000-023 उपलब्ध है।
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उन्होंने बताया कि डीआईटीएस की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि जिला के बीपीएल नागरिकों से दादरी और बाढड़ा के सरल केंद्र में सर्विस चार्ज किसी भी आवेदन पर नहीं लिया जाएगा। यह शुल्क वह है, जो डीआईटीएस विभाग सरल केंद्र में दी जा रही अपनी सेवाओं के लिए आवेदन शुल्क से अलग चार्ज करता है। यह फीस सभी सेवाओं के लिए अलग-अलग है। इससे बीपीएल नागरिकों को सरल सेवाओं में कम फीस जमा करवाने का लाभ प्राप्त होगा। इस फैसले को शीघ्र ही लागू करने का विचार किया जा रहा है।
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उपायुक्त ने कहा कि दादरी जिला में प्रशासनिक कार्यप्रणाली तेज व पारदर्शी करने के लिए ई-ऑफिस को पहले ही शुरू किया जा चुका है। इसके साथ ही सरकारी फाइलों को स्कैन कर कार्यालयों के रिकार्ड को डिजिटाइजेशन किया जाएगा। इस काम के लिए अलग से स्टाफ भर्ती किया जाएगा। डीआईटीएस के ऑपरेटर्स को पारिश्रमिक व सेवा लाभ देने के लिए केवल हारट्रोन की पॉलिसी मान्य होगी। अर्थात हारट्रोन जिस वेतनमान से ऑपरेटरों को मानदेय दे रहा है, दादरी जिला में डीआईटीएस में काम कर रहे कंप्यूटर ऑपरेटरों को वही पारिश्रमिक दिया जाएगा। ठेका कंपनी या डीसी रेट के हिसाब से ऑपरेटरों को मानदेय नहीं मिलेगा। राजेश जोगपाल ने बताया कि भूमि पंजीकरण या लैंड रेवेन्यू का कार्य सभी ऑपरेटर्स को सिखाया जाएगा। इसके लिए उनको हारट्रोन सेंटर में ट्रेनिंग दिलवाई जाएगी। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त राहुल नरवाल, नगराधीश अमित मान, जिला सूचना एवं प्रौद्योगिकी अधिकारी अमित लांबा, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी एचपी बंसल सहित, लेखाकार अंकित सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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नए लिपिक को दिलाई जाएगी सरल केंद्र की ट्रेनिंग
उपायुक्त ने बताया कि जिन लिपिकों की नई नियुक्ति हुई है, उन्हें भी सरल केंद्रों में दी जा रही सेवाओं की ट्रेनिंग दिलवाई जाएगी। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है कि सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता बनी रहनी चाहिए और नागरिकों को सिंगल विंडो पर सभी सेवाएं मिल सके।
289 सेवाएं इस समय ऑनलाइन
बैठक में उपायुक्त ने कहा कि 2017 में सरल केंद्र की शुरुआत हुई थी। फिलहाल सरकारी विभागों की 289 सेवाएं इस पोर्टल पर दी जा रही हैं। सरल पोर्टल पर किसी प्रकार की जानकारी या पूछताछ करने के लिए टोल फ्री नंबर 1800-20000-023 उपलब्ध है।