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Charkhi Dadri News: नाम का जिला अस्पताल, आईसीयू व सीटी स्कैन की सुविधा तक नहीं
Fri, 06 Dec 2024 01:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 06 Dec 2024 01:07 AM IST
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चरखी दादरी के अस्पताल में बंद पड़ा अल्ट्रासाउंड कक्ष।
चरखी दादरी। मरीजों को नागरिक अस्पताल में आईसीयू व सीटी स्कैन की सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। खासकर रात के समय इमरजेंसी केस आने पर परेशानी होती है। पिछले सप्ताह ही अस्पताल का औचक निरीक्षण करने पहुंचे स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉ. अनिल बिरला को भी यह बात खली और उन्होंने स्थानीय अधिकारियों को नागरिक अस्पताल में सभी मूलभूत स्वास्थ्य सेवाएं शुरू करने के निर्देश दिए थे।
बता दें कि फिलहाल दादरी जिला में 100 बेड का नागरिक अस्पताल है। सरकार ने हाल में इसे 200 बेड में अपग्रेड करने की प्रस्ताव को मंजूरी दी है। दूसरी ओर फिलहाल यहां मरीजाें को नागरिक अस्पताल की तर्ज पर सभी मूलभूत स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है और इसके चलते उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रात को अगर कोई इमरजेंसी केस आ जाए तो उस स्थिति में मरीज को रेफर करना ही विकल्प है, क्योंकि फिलहाल यहां विशेषज्ञों के पद भी खाली पड़े हैं जबकि सामान्य ऑपरेशन तक बंद हैं। यहां की दैनिक ओपीडी 1,200 पार रहती है।
दरअसल, दादरी जिले में 17 स्वास्थ्य केंद्र हैं, जिनमें नागरिक और मातृ-शिशु अस्पताल के अलावा तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। फिलहाल पीएचसी से लेकर नागरिक अस्पताल तक स्वास्थ्य सेवाओं का टोटा है। दो पीएचसी तो ऐसी हैं जहां मेडिकल ऑफिसर तक तैनात नहीं हैं। इनके अलावा सीएचसी से लेकर नागरिक अस्पताल तक मेडिकल ऑफिसर के पद खाली पड़े हैं। इसके अलावा अन्य स्टाफ की भी कमी बनी है और मूलभूत सेवाओं का लाभ मरीजों को सातों दिन 24 घंटे न मिल पाने का यह मुख्य कारण है।
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- इन सेवाओं को दिन-रात नहीं मिल पा रहा लाभ
नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सेवा पहले से बंद है जबकि एक्स-रे सुविधा का लाभ भी रात आठ बजे तक ही मिल पा रहा है। वहीं, लैब के संचालन का समय भी यहां निर्धारित है और रात के समय तमाम टेस्ट की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में इमरजेंसी केस में रात को कोई टेस्ट करना पड़ जाए तो स्थानीय स्टाफ के पास मरीज रेफर करना ही विकल्प है। सामान्य ऑपरेशन बंद है। चर्म रोग और बाल रोग विशेषज्ञ का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है।
- सीटी स्कैन और एमआरआई सुविधा अब तक नहीं हुई शुरू
नागरिक अस्पताल में सीटी स्कैन और एमआरआई सुविधा का प्रावधान है, लेकिन दादरी नागरिक अस्पताल में दोनों मूलभूत सेवाएं विभाग अब तक शुरू नहीं कर पाया है। पिछले करीब साढ़े तीन साल से सीटी स्कैन और एमआरआई कराने के लिए आने वाले मरीजों को नागरिक अस्पताल से भिवानी रेफर किया जा रहा है। वहां काम का बोझ ज्यादा होने के कारण दादरी जिले के मरीजों का काफी समय खराब हो जाता है।
- अब तक आईसीयू भी शुरू नहीं कर पाया विभाग
नागरिक अस्पताल में आईसीयू यानी इंटेंसिव केयर यूनिट भी नहीं है जबकि प्रत्येक नागरिक अस्पताल में इसका प्रावधान है। विभाग के पास आईसीयू के संसाधन तो हैं, लेकिन इनके संचालन के लिए स्टाफ नहीं है। फिजिशियन समेत अन्य विशेषज्ञों के पद खाली हैं जबकि जिले में हर साल 100 से अधिक सड़क दुर्घटनाओं में घायल 200 से अधिक लोग पहुंचते हैं। गंभीर रूप से घायल मरीजों को प्राथमिक उपचार देने के बाद रेफर किया जाता है।
जल्द ही नागरिक अस्पताल की तर्ज पर सभी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मरीजों को दिया जाएगा। हमने सेवाओं में विस्तार की योजना तैयार कर ली है और गत दिनों निरीक्षण करने आए विभाग के निदेशक के साथ भी चर्चा की गई थी। -डॉ. राजविंद्र मलिक, कार्यवाहक सीएमओ, चरखी दादरी।
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बता दें कि फिलहाल दादरी जिला में 100 बेड का नागरिक अस्पताल है। सरकार ने हाल में इसे 200 बेड में अपग्रेड करने की प्रस्ताव को मंजूरी दी है। दूसरी ओर फिलहाल यहां मरीजाें को नागरिक अस्पताल की तर्ज पर सभी मूलभूत स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है और इसके चलते उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रात को अगर कोई इमरजेंसी केस आ जाए तो उस स्थिति में मरीज को रेफर करना ही विकल्प है, क्योंकि फिलहाल यहां विशेषज्ञों के पद भी खाली पड़े हैं जबकि सामान्य ऑपरेशन तक बंद हैं। यहां की दैनिक ओपीडी 1,200 पार रहती है।
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दरअसल, दादरी जिले में 17 स्वास्थ्य केंद्र हैं, जिनमें नागरिक और मातृ-शिशु अस्पताल के अलावा तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। फिलहाल पीएचसी से लेकर नागरिक अस्पताल तक स्वास्थ्य सेवाओं का टोटा है। दो पीएचसी तो ऐसी हैं जहां मेडिकल ऑफिसर तक तैनात नहीं हैं। इनके अलावा सीएचसी से लेकर नागरिक अस्पताल तक मेडिकल ऑफिसर के पद खाली पड़े हैं। इसके अलावा अन्य स्टाफ की भी कमी बनी है और मूलभूत सेवाओं का लाभ मरीजों को सातों दिन 24 घंटे न मिल पाने का यह मुख्य कारण है।
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- इन सेवाओं को दिन-रात नहीं मिल पा रहा लाभ
नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सेवा पहले से बंद है जबकि एक्स-रे सुविधा का लाभ भी रात आठ बजे तक ही मिल पा रहा है। वहीं, लैब के संचालन का समय भी यहां निर्धारित है और रात के समय तमाम टेस्ट की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में इमरजेंसी केस में रात को कोई टेस्ट करना पड़ जाए तो स्थानीय स्टाफ के पास मरीज रेफर करना ही विकल्प है। सामान्य ऑपरेशन बंद है। चर्म रोग और बाल रोग विशेषज्ञ का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है।
- सीटी स्कैन और एमआरआई सुविधा अब तक नहीं हुई शुरू
नागरिक अस्पताल में सीटी स्कैन और एमआरआई सुविधा का प्रावधान है, लेकिन दादरी नागरिक अस्पताल में दोनों मूलभूत सेवाएं विभाग अब तक शुरू नहीं कर पाया है। पिछले करीब साढ़े तीन साल से सीटी स्कैन और एमआरआई कराने के लिए आने वाले मरीजों को नागरिक अस्पताल से भिवानी रेफर किया जा रहा है। वहां काम का बोझ ज्यादा होने के कारण दादरी जिले के मरीजों का काफी समय खराब हो जाता है।
- अब तक आईसीयू भी शुरू नहीं कर पाया विभाग
नागरिक अस्पताल में आईसीयू यानी इंटेंसिव केयर यूनिट भी नहीं है जबकि प्रत्येक नागरिक अस्पताल में इसका प्रावधान है। विभाग के पास आईसीयू के संसाधन तो हैं, लेकिन इनके संचालन के लिए स्टाफ नहीं है। फिजिशियन समेत अन्य विशेषज्ञों के पद खाली हैं जबकि जिले में हर साल 100 से अधिक सड़क दुर्घटनाओं में घायल 200 से अधिक लोग पहुंचते हैं। गंभीर रूप से घायल मरीजों को प्राथमिक उपचार देने के बाद रेफर किया जाता है।
जल्द ही नागरिक अस्पताल की तर्ज पर सभी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मरीजों को दिया जाएगा। हमने सेवाओं में विस्तार की योजना तैयार कर ली है और गत दिनों निरीक्षण करने आए विभाग के निदेशक के साथ भी चर्चा की गई थी। -डॉ. राजविंद्र मलिक, कार्यवाहक सीएमओ, चरखी दादरी।