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डीसी के नहीं मिलने से नाराज लोग ऑफिस के बाहर धरने पर बैठे
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डीसी ऑफिस के बाहर धरने पर बैठे गांधीनगर के लोग।
- फोटो : CharkhiDadri
सीवर की गंदगी मिले पानी की आपूर्ति और ब्लॉक सीवर लाइनों की शिकायत लेकर लघु सचिवालय पहुंचे गांधी नगर के लोगों की चालीस मिनट इंतजार के बाद भी डीसी धर्मवीर सिंह से मुलाकात नहीं हो पाई। इससे खफा लोग पार्षद महेश गुप्ता की अगुवाई में डीसी कार्यालय के बाहर ही धरने पर बैठ गए। करीब 32 मिनट बाद मौके पर पहुंचे सीटीएम जितेंद्र अहलावत ने डीसी ऑफिस में लोगों की सीवर और पानी संबंधी समस्याएं सुनीं। उन्होंने पंद्रह दिन के अंदर इसका समाधान करने का आश्वासन दिया। अठारह मिनट तक चली बैठक में सीटीएम के आश्वासन से संतुष्ट होकर लोग लौट गए। सीटीएम के पहुंचने से पहले लोगों ने नारेबाजी के साथ विरोध प्रकट किया।
गांधी नगर की पांच गलियों में पिछले ढाई माह से पानी की आपूर्ति में सीवर का पानी मिक्स होकर पहुंच रहा है। इससे करीब 600 घरों में रहने वाले ढाई हजार लोगों को परेशानियों झेलनी पड़ रही हैं। जनस्वास्थ्य विभाग के समस्या का समाधान न करने से खफा गांधी नगर के लोग पार्षद महेश गुप्ता की अगुवाई में दोपहर 12 बजे डीसी कार्यालय पहुंचे। डीसी धर्मवीर सिंह के कार्यालय में मौजूद न होने के चलते उनके सहायक ने कुछ देर इंतजार करने की बात कही। करीब 11:55 बजे पार्षद महेश गुप्ता और अन्य मौजीज लोग दोबारा सहायक के पास गए तो करीब डेढ़ घंटा इंतजार करने की बात कही। पार्षदों ने बाहर आकर लोगों को इसकी जानकारी दी तो उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी और वहीं धरने पर बैठ गए। दोपहर 12:32 पर सीटीएम जितेंद्र अहलावत वहां पहुंचे और उन्होंने धरने पर बैठे लोगों को बातचीत के लिए अंदर बुलाया। इसके बाद डीसी कार्यालय में सीटीएम को गांधी नगरवासियों ने ज्ञापन सौंपा।
डीसी के नाम सीटीएम को सौंपे ज्ञापन में पार्षद महेश गुप्ता, धनपति, सुनीता, किरण, राजवंती, ममता, मीना, निर्मला, सुमन, कोयल, उमेद सिंह, जयवीर, खजान सिंह, श्रीभगवान, सचिन गोयल, प्रवीन, अजीत सिंह, राजेश, राकेश व जौहरी आदि ने बताया कि उनके वार्ड में आपूर्ति में दूषित पानी घरों में पहुंच रहा है, जबकि गलियों की सीवर लाइनें भी ब्लॉक पड़ी हैं। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। ज्ञापन में वार्ड वासियों ने बताया कि गत 21 अगस्त को भी आपसे (डीसी) मुलाकात कर समस्याओं से अवगत कराया गया था, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ है।
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ये तो बता दो... कितने दिन और पीना पड़ेगा दूषित पानी!
ज्ञापन में वार्ड वासियों ने लिखा कि डीसी साहब ये बता दो कि हमें कितने दिन और दूषित पानी पीना पड़ेगा। आमजन की तो प्रशासन ने जवाबदेही तय कर रखी है, लेकिन जनस्वास्थ्य विभाग गंदा पानी दे रहा है उसकी ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। अगर सप्लाई में आने वाले पानी के सैंपल की जांच करवाई जाएं तो दावा है कि सैंपल फेल आएंगे। आप (डीसी) जिले के बड़े अधिकारी हैं और इसलिए लोगों की सीवर और पानी संबंधी समस्याओं का समाधान करवाया जाएगा।
आज से होगा काम शुरू, पंद्रह दिन में होगा पूरा
सीटीएम के साथ गांधी नगरवासियों की बैठक 18 मिनट चली। सीटीएम जितेंद्र अहलावत ने समस्याएं सुनने के बाद जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन से फोन पर बात की और सीवर व पेयजल समस्याओं के समाधान के लिए काम शुरू कराने के निर्देश दिए। इस दौरान एक्सईएन ने आश्वस्त किया कि वीरवार से ही इस दिशा में काम शुरू करवा दिए जाएंगे और पंद्रह दिन के अंदर काम पूरा करवा दिया जाएगा।
सीटीएम जितेंद्र अहलावत ने बताया कि एक्सईएन ने पंद्रह दिन के अंदर समस्याओं का समाधान कराने की बात कही है और मैंने गांधी नगरवासियों को ये ही आश्वासन दिया है। मैंने उन्हें कहा है कि अगर वीरवार को विभाग काम शुरू नहीं कराता है तो वो मुझसे आकर मिलें, ताकि अगली कार्रवाई अमल में लाई जा सके।
इधर, वार्ड-दो के पार्षद महेश गुप्ता ने बताया कि डीसी साहब से तो हमारी मुलाकात नहीं हो पाई, लेकिन उनके कार्यालय में बैठक कर सीटीएम ने पंद्रह दिन में समस्याओं का समाधान कराने का आश्वासन दिया है। हमारी मौजूदगी में ही उन्होंने पब्लिक हेल्थ एक्सईएन को दिशा-निर्देश दिए। काम शुरू नहीं हुआ तो सीटीएम से वीरवार को दोबारा मिलेंगे।
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गांधी नगर की पांच गलियों में पिछले ढाई माह से पानी की आपूर्ति में सीवर का पानी मिक्स होकर पहुंच रहा है। इससे करीब 600 घरों में रहने वाले ढाई हजार लोगों को परेशानियों झेलनी पड़ रही हैं। जनस्वास्थ्य विभाग के समस्या का समाधान न करने से खफा गांधी नगर के लोग पार्षद महेश गुप्ता की अगुवाई में दोपहर 12 बजे डीसी कार्यालय पहुंचे। डीसी धर्मवीर सिंह के कार्यालय में मौजूद न होने के चलते उनके सहायक ने कुछ देर इंतजार करने की बात कही। करीब 11:55 बजे पार्षद महेश गुप्ता और अन्य मौजीज लोग दोबारा सहायक के पास गए तो करीब डेढ़ घंटा इंतजार करने की बात कही। पार्षदों ने बाहर आकर लोगों को इसकी जानकारी दी तो उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी और वहीं धरने पर बैठ गए। दोपहर 12:32 पर सीटीएम जितेंद्र अहलावत वहां पहुंचे और उन्होंने धरने पर बैठे लोगों को बातचीत के लिए अंदर बुलाया। इसके बाद डीसी कार्यालय में सीटीएम को गांधी नगरवासियों ने ज्ञापन सौंपा।
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डीसी के नाम सीटीएम को सौंपे ज्ञापन में पार्षद महेश गुप्ता, धनपति, सुनीता, किरण, राजवंती, ममता, मीना, निर्मला, सुमन, कोयल, उमेद सिंह, जयवीर, खजान सिंह, श्रीभगवान, सचिन गोयल, प्रवीन, अजीत सिंह, राजेश, राकेश व जौहरी आदि ने बताया कि उनके वार्ड में आपूर्ति में दूषित पानी घरों में पहुंच रहा है, जबकि गलियों की सीवर लाइनें भी ब्लॉक पड़ी हैं। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। ज्ञापन में वार्ड वासियों ने बताया कि गत 21 अगस्त को भी आपसे (डीसी) मुलाकात कर समस्याओं से अवगत कराया गया था, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ है।
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ये तो बता दो... कितने दिन और पीना पड़ेगा दूषित पानी!
ज्ञापन में वार्ड वासियों ने लिखा कि डीसी साहब ये बता दो कि हमें कितने दिन और दूषित पानी पीना पड़ेगा। आमजन की तो प्रशासन ने जवाबदेही तय कर रखी है, लेकिन जनस्वास्थ्य विभाग गंदा पानी दे रहा है उसकी ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। अगर सप्लाई में आने वाले पानी के सैंपल की जांच करवाई जाएं तो दावा है कि सैंपल फेल आएंगे। आप (डीसी) जिले के बड़े अधिकारी हैं और इसलिए लोगों की सीवर और पानी संबंधी समस्याओं का समाधान करवाया जाएगा।
आज से होगा काम शुरू, पंद्रह दिन में होगा पूरा
सीटीएम के साथ गांधी नगरवासियों की बैठक 18 मिनट चली। सीटीएम जितेंद्र अहलावत ने समस्याएं सुनने के बाद जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन से फोन पर बात की और सीवर व पेयजल समस्याओं के समाधान के लिए काम शुरू कराने के निर्देश दिए। इस दौरान एक्सईएन ने आश्वस्त किया कि वीरवार से ही इस दिशा में काम शुरू करवा दिए जाएंगे और पंद्रह दिन के अंदर काम पूरा करवा दिया जाएगा।
सीटीएम जितेंद्र अहलावत ने बताया कि एक्सईएन ने पंद्रह दिन के अंदर समस्याओं का समाधान कराने की बात कही है और मैंने गांधी नगरवासियों को ये ही आश्वासन दिया है। मैंने उन्हें कहा है कि अगर वीरवार को विभाग काम शुरू नहीं कराता है तो वो मुझसे आकर मिलें, ताकि अगली कार्रवाई अमल में लाई जा सके।
इधर, वार्ड-दो के पार्षद महेश गुप्ता ने बताया कि डीसी साहब से तो हमारी मुलाकात नहीं हो पाई, लेकिन उनके कार्यालय में बैठक कर सीटीएम ने पंद्रह दिन में समस्याओं का समाधान कराने का आश्वासन दिया है। हमारी मौजूदगी में ही उन्होंने पब्लिक हेल्थ एक्सईएन को दिशा-निर्देश दिए। काम शुरू नहीं हुआ तो सीटीएम से वीरवार को दोबारा मिलेंगे।