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Charkhi Dadri News: 30 गांवों के 150 कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति मिलने का इंतजार
Sat, 12 Oct 2024 11:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 12 Oct 2024 11:27 PM IST
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विकास::
प्रस्तावित लीड:
डी प्लान के तहत जिले के 20 फीसदी गांवों में करवाए जाने हैं विकास कार्य, लंबा समय बीतने के बाद भी नहीं मिल पाई स्वीकृति
- सुविधाओं की कमी से ग्रामीण परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। डी प्लान के तहत 30 गांवों में 150 प्रकार के कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति मिलने का इंतजार है। इन कार्यों की धरातली रिपोर्ट तैयार हो चुकी है। स्वीकृति मिलने के बाद आगामी औचपारिकताएं पूरी की जा सकेंगी। इस प्लान के तहत गांवों में दूषित पानी की निकासी के लिए नालों, दीवार निर्माण, गली निर्माण व मरम्मत आदि कार्य होने हैं।
गांवों में दूषित पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं होने की वजह से मच्छरों की भरमार बनी रहती है। घरों का दूषित पानी जोहड़ों में जा रहा है, जिससे जोहड़ भी प्रदूषित हो गए हैं। इसी प्रकार, कई गांवों में कच्ची गलियां भी पक्का रूप नहीं ले सकी हैं। दूषित पानी की निकासी के लिए लाइनें नहीं बिछा रखी हैं। कई गांवों में गलियों की मरम्मत की जरूरत बनी हुई है। नालियों पर लोहे की जालियां लगाने की जरूरत है जबकि रास्ते कच्चे पड़े हैं। कई गांवों में तो पीने के पानी का भी संकट बना हुआ है। कुछ गांवों में तो पानी की टंकियां बनाने की दरकार भी है।
अब स्वीकृति मिलने के बाद डी प्लान के तहत 30 गांवों में 150 प्रकार के कार्य जल्द ही शुरू होंगे। इन कार्यों का भौतिक तौर पर सत्यापन हो चुका है। अब केवल प्रशासनिक स्वीकृति मिलना बाकी है। जैसे ही यह स्वीकृति मिल जाती है, इन पर काम शुरू हो जाएगा। इस प्रकार के कार्यों को बिना टेंडर लगाए ही पूरा किया जा सकता है। इन कार्यों के अब जल्दी ही पूरा होने की उम्मीद है। इन गांवों में अधिकतर जिला के बाढड़ा ब्लॉक के तहत आते हैं।
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- पंचायतों के कार्यालय को दो साल बीते, विकास कार्य नहीं पकड़ पाए रफ्तार
बता दें कि जिले के करीब 20 फीसदी गांवाें में विकास कार्यों ने अभी गति नहीं पकड़ी है जबकि पंचायतों के कार्यकाल को दो साल से ज्यादा समय का हो चुका है। विधानसभा चुनावों से पहले पंचायतों को बजट खर्च करने की सीमा बढ़ाने पर सरकार व सरपंचों के बीच गतिरोध बना रहा। बाद में सरपंचों की कुछ मांगों पर सहमत हो गई थी। उसके बाद विधानसभा चुनाव आ गए, जिससे नए कार्यों को गति नहीं मिल सकी।
वर्सन:
डी प्लान के तहत 30 गांवों में 150 प्रकार के कार्य जल्द शुरू होंगे। इन कार्यों के लिए प्रशासनिक स्वीकृति मिलनी बाकी है। इन कार्यों को सरपंच अपने स्तर पर पूरा करवा सकेंगे। विभाग व सरकार गांवों का शहरी तर्ज पर विकास करने की दिशा में काम कर रही है।
-विनोद कुमार, कनिष्ठ अभियंता, विकास एवं पंचायत विभाग
फोटो- 10
बदहाल पड़ा रावलधी गांव का जोहड़। संवाद
फोटो 11
कमोद गांव में अधर में गली निर्माण कार्य। संवाद
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डी प्लान के तहत जिले के 20 फीसदी गांवों में करवाए जाने हैं विकास कार्य, लंबा समय बीतने के बाद भी नहीं मिल पाई स्वीकृति
- सुविधाओं की कमी से ग्रामीण परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। डी प्लान के तहत 30 गांवों में 150 प्रकार के कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति मिलने का इंतजार है। इन कार्यों की धरातली रिपोर्ट तैयार हो चुकी है। स्वीकृति मिलने के बाद आगामी औचपारिकताएं पूरी की जा सकेंगी। इस प्लान के तहत गांवों में दूषित पानी की निकासी के लिए नालों, दीवार निर्माण, गली निर्माण व मरम्मत आदि कार्य होने हैं।
गांवों में दूषित पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं होने की वजह से मच्छरों की भरमार बनी रहती है। घरों का दूषित पानी जोहड़ों में जा रहा है, जिससे जोहड़ भी प्रदूषित हो गए हैं। इसी प्रकार, कई गांवों में कच्ची गलियां भी पक्का रूप नहीं ले सकी हैं। दूषित पानी की निकासी के लिए लाइनें नहीं बिछा रखी हैं। कई गांवों में गलियों की मरम्मत की जरूरत बनी हुई है। नालियों पर लोहे की जालियां लगाने की जरूरत है जबकि रास्ते कच्चे पड़े हैं। कई गांवों में तो पीने के पानी का भी संकट बना हुआ है। कुछ गांवों में तो पानी की टंकियां बनाने की दरकार भी है।
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अब स्वीकृति मिलने के बाद डी प्लान के तहत 30 गांवों में 150 प्रकार के कार्य जल्द ही शुरू होंगे। इन कार्यों का भौतिक तौर पर सत्यापन हो चुका है। अब केवल प्रशासनिक स्वीकृति मिलना बाकी है। जैसे ही यह स्वीकृति मिल जाती है, इन पर काम शुरू हो जाएगा। इस प्रकार के कार्यों को बिना टेंडर लगाए ही पूरा किया जा सकता है। इन कार्यों के अब जल्दी ही पूरा होने की उम्मीद है। इन गांवों में अधिकतर जिला के बाढड़ा ब्लॉक के तहत आते हैं।
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- पंचायतों के कार्यालय को दो साल बीते, विकास कार्य नहीं पकड़ पाए रफ्तार
बता दें कि जिले के करीब 20 फीसदी गांवाें में विकास कार्यों ने अभी गति नहीं पकड़ी है जबकि पंचायतों के कार्यकाल को दो साल से ज्यादा समय का हो चुका है। विधानसभा चुनावों से पहले पंचायतों को बजट खर्च करने की सीमा बढ़ाने पर सरकार व सरपंचों के बीच गतिरोध बना रहा। बाद में सरपंचों की कुछ मांगों पर सहमत हो गई थी। उसके बाद विधानसभा चुनाव आ गए, जिससे नए कार्यों को गति नहीं मिल सकी।
वर्सन:
डी प्लान के तहत 30 गांवों में 150 प्रकार के कार्य जल्द शुरू होंगे। इन कार्यों के लिए प्रशासनिक स्वीकृति मिलनी बाकी है। इन कार्यों को सरपंच अपने स्तर पर पूरा करवा सकेंगे। विभाग व सरकार गांवों का शहरी तर्ज पर विकास करने की दिशा में काम कर रही है।
-विनोद कुमार, कनिष्ठ अभियंता, विकास एवं पंचायत विभाग
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बदहाल पड़ा रावलधी गांव का जोहड़। संवाद
फोटो 11
कमोद गांव में अधर में गली निर्माण कार्य। संवाद