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चुनाव परिणाम घोषित होने के एक माह के भीतर जमा करवाना होगा चुनावी खर्च का ब्योरा : राहुल नरवाल
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चरखी दादरी। विधानसभा चुनाव लड़ने वाले प्रत्येक उम्मीदवार को चुनाव खर्च का सही ब्योरा रखना जरूरी है। इसके लिए संबंधित उम्मीदवार को नामांकन के समय खर्चा रजिस्टर उपलब्ध करवाया जाएगा। इस रजिस्टर में ही चुनाव से संबंधित खर्च का ब्योरा दर्ज करना होगा। एक उम्मीदवार अधिकतम 40 लाख रुपये की राशि विधानसभा चुनाव के दौरान खर्च कर सकता है।
चुनाव के दौरान खर्चा रजिस्टर की तीन बार जांच करवानी जरूरी है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त राहुल नरवाल ने बताया कि विधानसभा लड़ने वाले उम्मीदवारों को चुनाव परिणाम आने के बाद एक माह के भीतर अपने चुनावी खर्च का ब्योरा जिला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय को जमा करना होगा। भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार तय समयावधि में चुनावी खर्च का ब्योरा न देने वाले उम्मीदवारों को भविष्य में चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि नियम के अनुसार उम्मीदवार की ओर से नामांकन पत्र भरने के साथ ही चुनावी खर्च की गणना शुरू हो जाती है। इसके लिए उम्मीदवार को उपलब्ध करवाए जाने वाले रजिस्टर में अपने रोजाना के चुनावी खर्च का हिसाब रखना होता है और अलग से बैंक खाता भी खुलवाना होता है। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक खर्च की गणना चलती है। इस दौरान कोई भी उम्मीदवार तय सीमा से ज्यादा पैसा नहीं खर्च कर सकता है।
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चुनाव के दौरान खर्चा रजिस्टर की तीन बार जांच करवानी जरूरी है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त राहुल नरवाल ने बताया कि विधानसभा लड़ने वाले उम्मीदवारों को चुनाव परिणाम आने के बाद एक माह के भीतर अपने चुनावी खर्च का ब्योरा जिला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय को जमा करना होगा। भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार तय समयावधि में चुनावी खर्च का ब्योरा न देने वाले उम्मीदवारों को भविष्य में चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित किया जा सकता है।
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उन्होंने बताया कि नियम के अनुसार उम्मीदवार की ओर से नामांकन पत्र भरने के साथ ही चुनावी खर्च की गणना शुरू हो जाती है। इसके लिए उम्मीदवार को उपलब्ध करवाए जाने वाले रजिस्टर में अपने रोजाना के चुनावी खर्च का हिसाब रखना होता है और अलग से बैंक खाता भी खुलवाना होता है। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक खर्च की गणना चलती है। इस दौरान कोई भी उम्मीदवार तय सीमा से ज्यादा पैसा नहीं खर्च कर सकता है।
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