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Charkhi Dadri News: 72 हजार राशन लाभार्थियों की पात्रता परखेगा विभाग, 14 को सौंपी जिम्मेदारी
Fri, 04 Sep 2026 01:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 04 Sep 2026 01:34 AM IST
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खाद्य एवं आपूर्ति विभाग का गोदाम।
- फोटो : 1
चरखी दादरी। केंद्र सरकार की निशुल्क राशन योजना का लाभ ले रहे परिवारों के लिए अब अपनी पात्रता साबित करने की बारी है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने जिले में राशन कार्ड धारकों की जमीनी स्तर पर जांच कराने की तैयारी शुरू कर दी है।
इसके तहत 14 खाद्य निरीक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है जो अपने-अपने क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर लाभार्थी परिवारों की वास्तविक स्थिति की जानकारी जुटाएंगे। जांच में परिवार की आर्थिक स्थिति, आय के साधन, सदस्यों की संख्या और राशन लेने की स्थिति समेत कई बिंदुओं को खंगाला जाएगा।
जिले में करीब 72 हजार लोग केंद्र सरकार की योजना के तहत हर माह निशुल्क राशन का लाभ उठा रहे हैं। पात्र परिवारों को योजना के तहत गेहूं, चावल सहित निर्धारित खाद्यान्न उपलब्ध करवाया जाता है। अब विभाग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि सरकारी योजना का लाभ केवल उन्हीं परिवारों तक पहुंचे, जो वास्तव में इसके हकदार हैं।
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कई माह बाद राशन लेने वालों पर रहेगी नजर : विभाग की जांच में उन राशन कार्ड धारकों पर विशेष नजर रहेगी, जो कई-कई माह के अंतराल के बाद राशन लेने पहुंचते हैं। ऐसे परिवारों से पूछा जाएगा कि वे नियमित रूप से राशन क्यों नहीं ले रहे हैं और उनकी मौजूदा आर्थिक स्थिति क्या है। राशन कार्ड में दर्ज सदस्यों की संख्या के साथ परिवार के आय के साधनों की भी पड़ताल की जाएगी।
आयकर देने वाले भी ले रहे राशन : विभागीय स्तर पर सामने आया है कि कुछ स्थानों पर आयकरदाता भी सरकारी राशन योजना का लाभ ले रहे हैं।
इतना ही नहीं, कंपनियों में निदेशक स्तर पर जिम्मेदारी संभालने वाले लोग भी योजना का लाभ उठाते पाए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। ऐसे मामलों ने विभाग की चिंता बढ़ा दी है। अब घर-घर सर्वे के दौरान इस तरह के मामलों की वास्तविकता की जांच की जाएगी।
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इसके तहत 14 खाद्य निरीक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है जो अपने-अपने क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर लाभार्थी परिवारों की वास्तविक स्थिति की जानकारी जुटाएंगे। जांच में परिवार की आर्थिक स्थिति, आय के साधन, सदस्यों की संख्या और राशन लेने की स्थिति समेत कई बिंदुओं को खंगाला जाएगा।
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जिले में करीब 72 हजार लोग केंद्र सरकार की योजना के तहत हर माह निशुल्क राशन का लाभ उठा रहे हैं। पात्र परिवारों को योजना के तहत गेहूं, चावल सहित निर्धारित खाद्यान्न उपलब्ध करवाया जाता है। अब विभाग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि सरकारी योजना का लाभ केवल उन्हीं परिवारों तक पहुंचे, जो वास्तव में इसके हकदार हैं।
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कई माह बाद राशन लेने वालों पर रहेगी नजर : विभाग की जांच में उन राशन कार्ड धारकों पर विशेष नजर रहेगी, जो कई-कई माह के अंतराल के बाद राशन लेने पहुंचते हैं। ऐसे परिवारों से पूछा जाएगा कि वे नियमित रूप से राशन क्यों नहीं ले रहे हैं और उनकी मौजूदा आर्थिक स्थिति क्या है। राशन कार्ड में दर्ज सदस्यों की संख्या के साथ परिवार के आय के साधनों की भी पड़ताल की जाएगी।
आयकर देने वाले भी ले रहे राशन : विभागीय स्तर पर सामने आया है कि कुछ स्थानों पर आयकरदाता भी सरकारी राशन योजना का लाभ ले रहे हैं।
इतना ही नहीं, कंपनियों में निदेशक स्तर पर जिम्मेदारी संभालने वाले लोग भी योजना का लाभ उठाते पाए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। ऐसे मामलों ने विभाग की चिंता बढ़ा दी है। अब घर-घर सर्वे के दौरान इस तरह के मामलों की वास्तविकता की जांच की जाएगी।