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दो लाख के लोन का झांसा दे ऑनलाइन कंपनी के कर्मचारी से ठगे 1.43 लाख
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दो लाख रुपये का लोन देने का झांसा देकर बंगलूरू में बैठे ठग ने एक ऑनलाइन कंपनी के कर्मचारी से एक लाख 43 हजार रुपये ठग लिए। इसके बाद ठग ने जब 91 हजार रुपये फोन पे के जरिये देने की मांग की तो आवेदन करने वाले शख्स ने इनकार कर दिया। पीड़ित ने जब फोन पे पर की गई ट्रांजेक्शन के रुपये वापस मांगे, तो ठग ने देने से इनकार कर दिया। इसके बाद पीड़ित सदर थाने पहुंचा और पुलिस को शिकायत दी।
पुलिस को दी शिकायत में छपार निवासी दीपक ने बताया कि वह धारूहेड़ा में एक ऑनलाइन कंपनी में बतौर कूरियर डिलिवरी ब्वॉय है। तीन दिन पहले उसके पास एक लोन की रिक्वेस्ट आई थी। उसने जब आवेदन किया तो उसके व्हाट्सएप नंबर पर लोन स्वीकृत होने का एक सर्टिफिकेट भेजा गया। उसके बाद ठग ने लोन आवेदन फीस के तौर पर 1250 रुपये जमा करवाने की बात कही। उसने यह राशि फोन पे के जरिये एक मोबाइल नंबर पर ट्रांसफर कर दी। इसके बाद उसे व्हाट्सएप पर लोन स्वीकृत होने का मैसेज आया। इसके बाद ठग ने फोन कर लोन फीस के बदले 5905 रुपये फोन पे करने के लिए कहा। यह राशि फोन पे करते ही उसे दोबारा फोन आया और लोन फीस 5905 की बजाय 5904 रुपये जमा करवाने की बात कही। पीड़ित ने यह राशि भी उसनेे खाते में डाल दी। पीड़ित ने बताया कि 18 और 19 जनवरी को ठग ने उससे 12 ट्रांजेक्शन करवाकर एक लाख 43 हजार की चपत लगा दी। पीड़ित के अनुसार उसे ठगी का देरी से पता चला। उसने बताया कि आरोपी उससे दो और ट्रांजेक्शन करवा रहे थे, लेकिन उसने मना कर दिया और थाने में पहुंचकर पुलिस को शिकायत दी। थाना प्रभारी जगबीर सिंह ने बताया कि पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बैंक और फाइनेंस कंपनी के नाम से भेजे लेटर
दीपक के अनुसार उसे पहले बजाज फाइनेंस के नाम से एक लेटर भेजा गया। इसके बाद लोन स्वीकृति का उसे जो लेटर भेजा गया, उस पर भारतीय रिजर्व बैंक लिखा था। इसके बदले उसे खाते में 12 हजार रुपये फीस डलवाने की बात कही गई।
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18 जनवरी को आठ तो 19 को करवाईं चार ट्रांजेक्शन
पीड़ित दीपक ने बताया कि आरोपियों ने 12 ट्रांजेक्शन करवाकर उससे ठगी की है। 18 जनवरी को उससे आठ ट्रांजेक्शन करवाई गईं, जो 1250, 5905, 5904, 12 हजार, 15800, 20 हजार और दो ट्रांजेक्शन 18-18 हजार रुपये की करवाई गईं। 19 जनवरी को चार ट्रांजेक्शन करवाई गईं, जिनमें 10 हजार, तीन हजार, 3700 और 3726 रुपये की है।
यूं भी जिले में हुईं ऑनलाइन ठगी
- करीब छह महीने पूर्व शहर निवासी एक प्रोफेसर के पास कॉल कर ठग ने खुद को परिचित बताकर 20 हजार रुपये ट्रांसफर करवा लिए। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस को शिकायत दी। यह मामला अभी अनट्रेस है।
- झोझूकलां क्षेत्र निवासी 70 वर्षीय पेंशनधारक से खाते की जानकारी लेकर ठग ने 95 हजार रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर कर लिए। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस को शिकायत दी। यह मामला भी अनट्रेस है।
- ढाणी फौगाट निवासी एक रिटायर्ड सैनिक के खाते से अज्ञात ने 35 हजार रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर कर लिए, जबकि एटीएम कार्ड पीड़ित के पास था। पुलिस ने इस संबंध में पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज किया था, लेकिन आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
किसी प्रकार के झांसे में न आएं उपभोक्ता, सावधान रहें
बड़े शहरों में बैठकर ठग इस तरह की वारदात को अंजाम देते हैं। पुलिस समय-समय पर बैंक उपभोक्ताओं के लिए हिदायतें जारी करती रहती हैं। करीब एक माह पहले भी हमने इस संबंध में एडवाइजरी जारी की थी। बैंक उपभोक्ताओं से अपील है कि वे ठगों के झांसे में आकर अपने बैंक खाते या एटीएम से जुड़ीं जानकारियां साझा न करें। उपभोक्ता सतर्कता बरतकर अपना बचाव करें।
- जोगेंद्र सिंह, डीएसपी हेड क्वार्टर
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पुलिस को दी शिकायत में छपार निवासी दीपक ने बताया कि वह धारूहेड़ा में एक ऑनलाइन कंपनी में बतौर कूरियर डिलिवरी ब्वॉय है। तीन दिन पहले उसके पास एक लोन की रिक्वेस्ट आई थी। उसने जब आवेदन किया तो उसके व्हाट्सएप नंबर पर लोन स्वीकृत होने का एक सर्टिफिकेट भेजा गया। उसके बाद ठग ने लोन आवेदन फीस के तौर पर 1250 रुपये जमा करवाने की बात कही। उसने यह राशि फोन पे के जरिये एक मोबाइल नंबर पर ट्रांसफर कर दी। इसके बाद उसे व्हाट्सएप पर लोन स्वीकृत होने का मैसेज आया। इसके बाद ठग ने फोन कर लोन फीस के बदले 5905 रुपये फोन पे करने के लिए कहा। यह राशि फोन पे करते ही उसे दोबारा फोन आया और लोन फीस 5905 की बजाय 5904 रुपये जमा करवाने की बात कही। पीड़ित ने यह राशि भी उसनेे खाते में डाल दी। पीड़ित ने बताया कि 18 और 19 जनवरी को ठग ने उससे 12 ट्रांजेक्शन करवाकर एक लाख 43 हजार की चपत लगा दी। पीड़ित के अनुसार उसे ठगी का देरी से पता चला। उसने बताया कि आरोपी उससे दो और ट्रांजेक्शन करवा रहे थे, लेकिन उसने मना कर दिया और थाने में पहुंचकर पुलिस को शिकायत दी। थाना प्रभारी जगबीर सिंह ने बताया कि पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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बैंक और फाइनेंस कंपनी के नाम से भेजे लेटर
दीपक के अनुसार उसे पहले बजाज फाइनेंस के नाम से एक लेटर भेजा गया। इसके बाद लोन स्वीकृति का उसे जो लेटर भेजा गया, उस पर भारतीय रिजर्व बैंक लिखा था। इसके बदले उसे खाते में 12 हजार रुपये फीस डलवाने की बात कही गई।
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18 जनवरी को आठ तो 19 को करवाईं चार ट्रांजेक्शन
पीड़ित दीपक ने बताया कि आरोपियों ने 12 ट्रांजेक्शन करवाकर उससे ठगी की है। 18 जनवरी को उससे आठ ट्रांजेक्शन करवाई गईं, जो 1250, 5905, 5904, 12 हजार, 15800, 20 हजार और दो ट्रांजेक्शन 18-18 हजार रुपये की करवाई गईं। 19 जनवरी को चार ट्रांजेक्शन करवाई गईं, जिनमें 10 हजार, तीन हजार, 3700 और 3726 रुपये की है।
यूं भी जिले में हुईं ऑनलाइन ठगी
- करीब छह महीने पूर्व शहर निवासी एक प्रोफेसर के पास कॉल कर ठग ने खुद को परिचित बताकर 20 हजार रुपये ट्रांसफर करवा लिए। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस को शिकायत दी। यह मामला अभी अनट्रेस है।
- झोझूकलां क्षेत्र निवासी 70 वर्षीय पेंशनधारक से खाते की जानकारी लेकर ठग ने 95 हजार रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर कर लिए। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस को शिकायत दी। यह मामला भी अनट्रेस है।
- ढाणी फौगाट निवासी एक रिटायर्ड सैनिक के खाते से अज्ञात ने 35 हजार रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर कर लिए, जबकि एटीएम कार्ड पीड़ित के पास था। पुलिस ने इस संबंध में पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज किया था, लेकिन आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
किसी प्रकार के झांसे में न आएं उपभोक्ता, सावधान रहें
बड़े शहरों में बैठकर ठग इस तरह की वारदात को अंजाम देते हैं। पुलिस समय-समय पर बैंक उपभोक्ताओं के लिए हिदायतें जारी करती रहती हैं। करीब एक माह पहले भी हमने इस संबंध में एडवाइजरी जारी की थी। बैंक उपभोक्ताओं से अपील है कि वे ठगों के झांसे में आकर अपने बैंक खाते या एटीएम से जुड़ीं जानकारियां साझा न करें। उपभोक्ता सतर्कता बरतकर अपना बचाव करें।
- जोगेंद्र सिंह, डीएसपी हेड क्वार्टर