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चुनाव संपन्न करवाने में पीओ, एपीओ और पोलिंग पार्टी महत्वपूर्ण कड़ी : राहुल नरवाल
Wed, 11 Sep 2024 02:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 11 Sep 2024 02:47 AM IST
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जनता कॉलेज में आयोजित प्रशिक्षण शिविर में मौजूद पीओ, एपीओ और सेक्टर मजिस्ट्रेट। स्रोत: जनसंपर्क
जनता कॉलेज सभागार में मंगलवार को आयोजित की गई पीओ, एपीओ और सेक्टर मजिस्ट्रेट की पहली ट्रेनिंग
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। पीओ व एपीओ निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव की धुरी हैं। मतदान के दौरान आने वाली ज्यादातर समस्याओं का हल पीओ-एपीओ अपने विवेक से कर सकते हैं। इसके लिए पीओ व एपीओ को प्रशिक्षण में बताई जाने वाली प्रत्येक सूचना एवं दिशा निर्देशों की जानकारी होनी चाहिए। पीओ व एपीओ ट्रेनिंग में अपनी सभी शंकाओं एवं सवालों का समाधान करवाकर ही जाएं।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त राहुल नरवाल ने जनता काॅलेज के सभागार में आयोजित पीओ एपीओ व सेक्टर मजिस्ट्रेट की पहली ट्रेनिंग में ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि चुनाव को संपन्न करवाने के लिए पीओ एपीओ आदि पूरी पोलिंग पार्टी सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव का आधार भी यही टीम है। इस टीम के प्रत्येक सदस्य को निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशों की पूरी जानकारी होनी जरूरी है। इसको ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन की ओर से पीओ एपीओ की दो दिनों के दौरान ट्रेनिंग चार चरणों में करवाने का निर्णय लिया है ताकि ट्रेनिंग के दौरान पीओ एपीओ के सभी सवालों एवं शंकाओं का समाधान किया जा सके।
उन्होंने कहा कि जब तक पोलिंग पार्टी को मतदान प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं होगी और वे समस्याओं को लेकर स्पष्ट नहीं होंगे तब तक चुनाव के दौरान बाधा आने की आशंका बनी रहती है। निर्वाचन आयोग के नियमों में पीओ को ही निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव का आधार माना गया है। उसी के अनुसार पीओ को मतदान केंद्र की प्रक्रिया को सुचारु रखने के लिए शक्तियां भी प्रदान की गई हैं।
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पोलिंग पार्टियों के लिए की जाएंगी व्यवस्थाएं
उपायुक्त ने कहा कि चुनाव कार्य में लगी पोलिंग पार्टियों के रहने व खाने आदि का प्रबंध जिला प्रशासन करेगा और किसी को कोई परेशानी नहीं होगी। पोलिंग पार्टी केवल निष्पक्ष एवं पारदर्शी मतदान की ओर ध्यान दें।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि ड्यूटी पर तैनात कोई भी पुलिसकर्मी मतदान केंद्र के अंदर नहीं जा सकता है। ड्यूटी पर भेजे गए पुलिसकर्मी को भी मतदान केंद्र के बाहर ही रहना होता है।
- ईवीएम ले जाने के लिए सरकारी वाहन होंगे प्रयोग
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि मतदान के पहले दिन ईवीएम, वीवीपैट व अन्य दस्तावेज आदि प्राप्त करने से लेकर उनको वोटिंग के बाद मतगणना केंद्रों पर जमा करवाने तक केवल सरकारी वाहन या जिला प्रशासन की ओर से उपलब्ध करवाए गए वाहन में ही ले जाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों की अवहेलना के लिए माफी का कोई स्थान नहीं है।
फोटो 05
जनता कॉलेज में आयोजित प्रशिक्षण शिविर में मौजूद पीओ, एपीओ और सेक्टर मजिस्ट्रेट। स्रोत : जनसंपर्क विभाग
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चरखी दादरी। पीओ व एपीओ निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव की धुरी हैं। मतदान के दौरान आने वाली ज्यादातर समस्याओं का हल पीओ-एपीओ अपने विवेक से कर सकते हैं। इसके लिए पीओ व एपीओ को प्रशिक्षण में बताई जाने वाली प्रत्येक सूचना एवं दिशा निर्देशों की जानकारी होनी चाहिए। पीओ व एपीओ ट्रेनिंग में अपनी सभी शंकाओं एवं सवालों का समाधान करवाकर ही जाएं।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त राहुल नरवाल ने जनता काॅलेज के सभागार में आयोजित पीओ एपीओ व सेक्टर मजिस्ट्रेट की पहली ट्रेनिंग में ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि चुनाव को संपन्न करवाने के लिए पीओ एपीओ आदि पूरी पोलिंग पार्टी सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव का आधार भी यही टीम है। इस टीम के प्रत्येक सदस्य को निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशों की पूरी जानकारी होनी जरूरी है। इसको ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन की ओर से पीओ एपीओ की दो दिनों के दौरान ट्रेनिंग चार चरणों में करवाने का निर्णय लिया है ताकि ट्रेनिंग के दौरान पीओ एपीओ के सभी सवालों एवं शंकाओं का समाधान किया जा सके।
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उन्होंने कहा कि जब तक पोलिंग पार्टी को मतदान प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं होगी और वे समस्याओं को लेकर स्पष्ट नहीं होंगे तब तक चुनाव के दौरान बाधा आने की आशंका बनी रहती है। निर्वाचन आयोग के नियमों में पीओ को ही निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव का आधार माना गया है। उसी के अनुसार पीओ को मतदान केंद्र की प्रक्रिया को सुचारु रखने के लिए शक्तियां भी प्रदान की गई हैं।
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पोलिंग पार्टियों के लिए की जाएंगी व्यवस्थाएं
उपायुक्त ने कहा कि चुनाव कार्य में लगी पोलिंग पार्टियों के रहने व खाने आदि का प्रबंध जिला प्रशासन करेगा और किसी को कोई परेशानी नहीं होगी। पोलिंग पार्टी केवल निष्पक्ष एवं पारदर्शी मतदान की ओर ध्यान दें।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि ड्यूटी पर तैनात कोई भी पुलिसकर्मी मतदान केंद्र के अंदर नहीं जा सकता है। ड्यूटी पर भेजे गए पुलिसकर्मी को भी मतदान केंद्र के बाहर ही रहना होता है।
- ईवीएम ले जाने के लिए सरकारी वाहन होंगे प्रयोग
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि मतदान के पहले दिन ईवीएम, वीवीपैट व अन्य दस्तावेज आदि प्राप्त करने से लेकर उनको वोटिंग के बाद मतगणना केंद्रों पर जमा करवाने तक केवल सरकारी वाहन या जिला प्रशासन की ओर से उपलब्ध करवाए गए वाहन में ही ले जाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों की अवहेलना के लिए माफी का कोई स्थान नहीं है।
फोटो 05
जनता कॉलेज में आयोजित प्रशिक्षण शिविर में मौजूद पीओ, एपीओ और सेक्टर मजिस्ट्रेट। स्रोत : जनसंपर्क विभाग