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Charkhi Dadri News: खाद आते ही उमड़े किसान, टोकन लेने के लिए लगी रही होड़
Mon, 28 Jul 2025 10:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 28 Jul 2025 10:33 PM IST
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कस्बे के खाद बिक्री केंद्र पर खाद के लिए उमड़ी किसानों की भीड़। संवाद
फोटो -36
कस्बे के बिक्री केंद्र पर खाद के लिए उमड़ी किसानों की भीड़। संवाद
- सोमवार को सहकारी केंद्र पर 50 गांवों के किसानों के लिए पहुंचे डीएपी खाद के 1000 बैग, भीड़ से अव्यवस्था होने पर पुलिस को संभालना पड़ा मोर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
बाढड़ा। डीएपी खाद के लिए बाढड़ा में सोमवार को किसानों की भीड़ बनी रही। वहीं, पहले खाद लेने के लिए उनमें टोकन लेने की होड़ लगी रही। सहकारी केंद्र के बाहर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा।
सोमवार को डीएपी की बिक्री शुरू होते ही सुबह से इंतजार में बैठे पुरुष व महिला किसानों में पहले पाने की होड़ शुरू गई। भीड़ के सामने सहकारी विभाग के अधिकारियों को परेशानी हुई। इसी बीच पुलिस जवानों, कृषि विभाग व प्रशासनिक अधिकारियों ने मोर्चा संभाला। लोगों की भीड़ को समझाकर दो घंटे की मशक्कत के बाद किसानों की लाइन बनवाई गई तब जाकर खाद वितरित की गई।
सहकारिता विभाग के लोहारू रोड स्थित खाद वितरण केंद्र के बाहर डीएपी खाद लेने के लिए पुरुष व महिला किसान पहुंच गए। पहले खाद का टोकन लेने की होड़ में अव्यवस्था बन गई। सहकारी केंद्र में 50 गांवों के किसानों के लिए एक हजार बैग पहुंचे। बिक्री अधिकारियों ने पुलिस व कृषि विभाग को सूचित किया।
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तत्पश्चात मौके पर पहुंचे कृषि अधिकारी व पुलिस टीम ने स्थित को नियंत्रण में किया। इस दौरान किसान नारेबाजी करने लगे। पुलिस कर्मचारियों ने किसानों को लाइनों में लगवाया। पहले टोकन व फिर खाद का वितरण किया गया।
किसानों ने बताया कि क्षेत्र में नाममात्र की डीएपी व यूरिया खाद आ रही है। किसानों को घंटों लंबी लाइनों में खड़ा होकर खाद लेनी पड़ रही है। प्राइवेट खाद विक्रेताओं से खाद लेने पर खाद के बैग के साथ अधिक कीमत के अन्य रसायन खरीदने पर विवश किया जा रहा है।
किसानों ने कहा कि मौजूदा समय में कपास में डीएपी, बाजरा में यूरिया खाद के छिड़काव की जरूरत है। खाद वितरण केंद्रों पर नाममात्र की आपूर्ति होने से परेशानी बनी हुई है।
वर्सन
सप्ताह में चौथी बार दो हजार बैग यूरिया व एक हजार बैग डीएपी पहुंची है। खाद का लगातार वितरण करवाया जा रहा है।
-जयबीर श्यामकलां, प्रबंधक, सहकारी समिति
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कस्बे के बिक्री केंद्र पर खाद के लिए उमड़ी किसानों की भीड़। संवाद
- सोमवार को सहकारी केंद्र पर 50 गांवों के किसानों के लिए पहुंचे डीएपी खाद के 1000 बैग, भीड़ से अव्यवस्था होने पर पुलिस को संभालना पड़ा मोर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
बाढड़ा। डीएपी खाद के लिए बाढड़ा में सोमवार को किसानों की भीड़ बनी रही। वहीं, पहले खाद लेने के लिए उनमें टोकन लेने की होड़ लगी रही। सहकारी केंद्र के बाहर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा।
सोमवार को डीएपी की बिक्री शुरू होते ही सुबह से इंतजार में बैठे पुरुष व महिला किसानों में पहले पाने की होड़ शुरू गई। भीड़ के सामने सहकारी विभाग के अधिकारियों को परेशानी हुई। इसी बीच पुलिस जवानों, कृषि विभाग व प्रशासनिक अधिकारियों ने मोर्चा संभाला। लोगों की भीड़ को समझाकर दो घंटे की मशक्कत के बाद किसानों की लाइन बनवाई गई तब जाकर खाद वितरित की गई।
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सहकारिता विभाग के लोहारू रोड स्थित खाद वितरण केंद्र के बाहर डीएपी खाद लेने के लिए पुरुष व महिला किसान पहुंच गए। पहले खाद का टोकन लेने की होड़ में अव्यवस्था बन गई। सहकारी केंद्र में 50 गांवों के किसानों के लिए एक हजार बैग पहुंचे। बिक्री अधिकारियों ने पुलिस व कृषि विभाग को सूचित किया।
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तत्पश्चात मौके पर पहुंचे कृषि अधिकारी व पुलिस टीम ने स्थित को नियंत्रण में किया। इस दौरान किसान नारेबाजी करने लगे। पुलिस कर्मचारियों ने किसानों को लाइनों में लगवाया। पहले टोकन व फिर खाद का वितरण किया गया।
किसानों ने बताया कि क्षेत्र में नाममात्र की डीएपी व यूरिया खाद आ रही है। किसानों को घंटों लंबी लाइनों में खड़ा होकर खाद लेनी पड़ रही है। प्राइवेट खाद विक्रेताओं से खाद लेने पर खाद के बैग के साथ अधिक कीमत के अन्य रसायन खरीदने पर विवश किया जा रहा है।
किसानों ने कहा कि मौजूदा समय में कपास में डीएपी, बाजरा में यूरिया खाद के छिड़काव की जरूरत है। खाद वितरण केंद्रों पर नाममात्र की आपूर्ति होने से परेशानी बनी हुई है।
वर्सन
सप्ताह में चौथी बार दो हजार बैग यूरिया व एक हजार बैग डीएपी पहुंची है। खाद का लगातार वितरण करवाया जा रहा है।
-जयबीर श्यामकलां, प्रबंधक, सहकारी समिति