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Charkhi Dadri News: फसल पंजीकरण का आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में 54,000 एकड़ कम

Sun, 05 Jan 2025 01:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Sun, 05 Jan 2025 01:15 AM IST
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Crop registration figure is 54,000 acres less than last year
चरखी दादरी। मौजूदा रबी सीजन में अनाज की सरकारी बिक्री के लिए किसानों की रुचि घटी है। इस कारण मेरी फसल, मेरा ब्योरा पोर्टल पर फसल पंजीकरण का आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में 54,000 एकड़ कम है। जिले में 44,960 किसानों ने ही पंजीकरण करवाया है। कुल पंजीकृत बिजित रकबा 2.02 लाख एकड़ है जबकि पोर्टल पर जिले का कुल कृषि रकबा 2.73 लाख एकड़ अपलोड है।
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सरकार हर साल एक अप्रैल से सरकारी खरीद शुरू करती है। पोर्टल पर पंजीकरण करवाने वाले वाले किसानों की फसल ही खरीदी जाती है। जिले में मौजूदा रबी फसल सीजन मेंं किसानों ने सरसों, गेहूं, जौ, मेथी, बरसीम, गन्ना, चना और सब्जियों की बिजाई की है। सरसों का सबसे ज्यादा रकबा करीब 56,000 हेक्टेयर है। उसके बाद गेहूं का रकबा करीब 45,000 हेक्टेयर है। जौ का रकबा भी करीब तीन हजार हेक्टेयर है। गन्ना की भी बिजाई की गई है। सब्जी, फूलों की खेती और बागवानी का भी पंजीकरण हुआ है।
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सरसों का बिजित रकबा पिछले तीन सालों से बढ़ा है क्योंकि सरसों का भाव अच्छा होने की वजह से किसानों का इस फसल के प्रति रुझान बढ़ा है। सरसों में प्रति एकड़ लागत खर्च भी कम आता है। रात को लावारिश पशुओं की रखवाली की भी जरूरत नहीं है। सरसों की एक ही सिंचाई से काम चल जाता है जबकि गेहूं में चार से पांच सिंचाई करनी पड़ती है। किसान को 24 घंटे खेत की लावारिस पशुओं से रखवाली करनी पड़ती है।
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20 जनवरी तक पंजीकरण करवा सकते हैं किसान : इस समय मेरी फसल, मेरा ब्योरा पोर्टल खुला है। ऐसे में किसान 20 जनवरी तक पोर्टल पर बिक्री के लिए पंजीकरण करवा सकते हैं। जिले में 44,960 किसानों ने पोर्टल पर पंजीकरण करवाया है। कुल 2.02 लाख एकड़ फसल का पंजीकरण हुआ है जबकि पोर्टल पर 2.73 लाख एकड़ जमीन अपलोड है। हर साल पंजीकरण के बाद ही सरकार टोकन प्रणाली से खरीद करती है। खरीद के बाद भुगतान राशि किसान के बैंक खाते में पहुंचती है। जमीन का डाटा ऑनलाइन होने पर किसान अपने हर खेत का खसरा, खतौनी नंबर के जरिये पंजीकरण करवा सकते हैं। इसके लिए उसे पटवारी आदि से सत्यापित करवाने की भी जरूरत नहीं है। पूरा डाटा पोर्टल पर फैमिली आईडी से जोड़ा गया है। पंजीकरण करने से पहले फैमिली आईडी अंकित करनी होती है। उसके बाद जमीन का पूरा डाटा स्वत: खुल जाता है।
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