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दादरी का दंपती आत्महत्या मामला: परिवार के पक्ष में आया आर्य समाज और कन्या गुरुकुल समिति, जनसंगठनों का ये तर्क
Mon, 03 Apr 2023 03:33 PM IST
नवीन दलाल
संवाद न्यूज एजेंसी, दादरी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, दादरी (हरियाणा)
Published by: नवीन दलाल
Updated Mon, 03 Apr 2023 03:33 PM IST
सार
दादरी के बाढड़ा में रह रहे जगदीशचंद और भागली देवी नामक बुजुर्ग दंपती ने गत 29 मार्च की रात घर पर जहरीला पदार्थ निगलकर आत्महत्या कर ली थी। मामले में आर्य समाज बाढड़ा और कन्या गुरुकुल महाविद्यालय प्रबंधन समिति परिवार के पक्ष में उतर आए है।
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बुजुर्ग दंपती
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बुजुर्ग दंपती मौत मामले में आर्य समाज बाढड़ा और कन्या गुरुकुल महाविद्यालय प्रबंधन समिति परिवार के पक्ष में उतर आए है। सोमवार को बाढड़ा थाने में पहुंचकर एसएचओ कप्तान सिंह से मुलाकात की और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। जनसंगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि मृतक जगदीशचंद आर्य ने सुसाइड नोट मानसिक परेशानी के चलते लिखा और इसमें लिखी गईं सभी बातें सही नहीं है। उन्होंने कहा कि मृतक दंपती का बेटा और पुत्रवधु ऐसे नहीं हैं।
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जगदीशचंद ने मानसिक परेशानी के चलते सुसाइड नोट में परिवार के खिलाफ लगी बातें
आर्य समाज बाढड़ा और कन्या गुरुकुल महाविद्यालय की ओर से इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग के लिए अलग-अलग ज्ञापन भी दिए गए। आर्य समाज और कन्या गुरुकुल महाविद्यालय प्रबंधन समिति की ओर से दिए गए ज्ञापन में बताया गया कि जगदीशचंद और उनकी पत्नी भागली देवी का आत्महत्या करना बेहद दर्दनाक और ह्दयविधारक घटना है। करीब तीन साल पहले भागली देवी को लकवा आ गया था। तब से वे अपने बेटे विरेंद्र के पास रहे रहे थे।
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आर्य समाज के कार्यक्रमों में दान करते थे
समाज के लोग जब भी उनसे मिलने जाते थे तो वो साफ-सुथरे वस्त्रों में और अच्छे बिस्तर पर मिलते थे। वो पुत्र विरेंद्र व पुत्रवधु सुनीता के सेवा कार्य की प्रशंसा करते थे। उन्होंने कभी भी सेवा में कमी की चर्चा नहीं की। जगदीशचंद दानी प्रवृत्ति के व्यक्ति थे। वो समय-समय पर अपनी इच्छा अनुसार कन्या गुरुकुल पंचगांव, गरुकुल दादरी, बाढड़ा, भांडवा, आर्यनगर, बेरला, पांडवान व अन्य स्थानों पर आयोजित आर्य समाज के कार्यक्रमों में दान भी करते थे।
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जगदीशचंद आर्य कन्या गुरुकुल पंचगांव के आजीवन सदस्य रहे और वर्षों तक अधिकारी के तौर पर भी गुरुकुल की सेवा की। उन्होंने आवेश में आकर ये सब लिख और बहुत गलत कदम उठाया। इससे परिवार कलंकित हुआ है और समाज में गलत संदेश गया है। प्रशासन से मांग है कि पूरी और सही जांच कर मामले को
निरस्त किया जाए।
क्या है मामला
मूलरूप से गोपी निवासी और फिलहाल बाढड़ा में रह रहे जगदीशचंद और भागली देवी नामक बुजुर्ग दंपती ने गत 29 मार्च की रात घर पर जहरीला पदार्थ निगलकर आत्महत्या कर ली थी। मृतक जगदीशचंद ने मरने से पहले पुलिस को एक सुसाइड नोट सौंपा था। इसमें उन्होंने अपने बेटे और दो पुत्रवधु पर प्रताड़ित करने और सही से देखभाल न करने का आरोप लगाया था। इसके आधार पर पुलिस ने मृतक के बेटे और दो पुत्रवधु समेत चार के खिलाफ केस दर्ज दर्ज किया था।