{"_id":"60a2bb538ebc3e6acb012be0","slug":"covid-19-charkhidadri-news-rtk608920531","type":"story","status":"publish","title_hn":"एकांतावास में खान-पान और सकारात्मक सोच पर दिया जोर, 16 दिनों में रिकॉर्ड 1408 संक्रमित हुए ठीक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एकांतावास में खान-पान और सकारात्मक सोच पर दिया जोर, 16 दिनों में रिकॉर्ड 1408 संक्रमित हुए ठीक
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कोरोना की दूसरी लहर खत्म होने को है और जिले के करीब ढाई हजार लोग इस लहर से भी पार पा चुके हैं। अगर मई के 16 दिनों की बात करें तो जिले में 1608 संक्रमित स्वस्थ हुए हैं। इनमें से 1442 संक्रमितों ने तो घर पर रहकर कोरोना को मात दी है। इन संक्रमितों ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि घर पर एकांतवास में रहते हुए उन्होंने न केवल सोच को सकारात्मक रखा, बल्कि खान पान पर विशेष ध्यान दिया। 16 दिनों का रिकवरी रेट 95 प्रतिशत से ऊपर है, जो कि राहत की बात है।
जिले में स्वास्थ्य विभाग कोरोना जांच के लिए 1.70 लाख सैंपल ले चुका है। 30 अप्रैल तक जिले में संक्रमितों की संख्या 2404 थी। इनमें से 39 की मौत हुई थी, जबकि 1697 ने कोरोना को मात दी थी। अब 16 मई तक कोरोना संक्रमितों की संख्या 4095 पहुंच चुकी है, जबकि कोरोना को हराने वाले लोगों का आंकड़ा भी बढ़कर 3305 पहुंच चुका है। ऐसे में मई के 16 दिनों में 1691 नए संक्रमित मिले हैं, जबकि 1608 स्वस्थ हुए हैं। इस समयावधि में 59 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 26 महिलाएं और 33 पुरुष शामिल हैं। जो 1608 संक्रमित मई में स्वस्थ हुए हैं उनमें से 1442 होम आइसोलेट थे, जबकि इस समयावधि में 166 संक्रमितों ने कोविड अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में रहकर कोरोना को हराया है। एक से 16 मई के बीच स्वास्थ्य विभाग ने 11598 सैंपल लिए हैं। इनमें से 11528 सैंपलों की रिपोर्ट निगेटिव आई है।
जानिए... 20 वर्षीय युवक और 65 साल के व्यक्ति ने कैसे दी कोरोना को मात
केस:-1: घर पर रहकर कोविड गाइडलाइन का किया पालन, दस दिन में हुआ ठीक
शहर के चंपापुरी क्षेत्र निवासी 20 वर्षीय युवक ने बताया कि पांच मई को उसकी कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसका पता चलते ही उसने खुद को घर में आइसेलेट कर लिया। एकांतवास में खान पान का पूरा ख्याल रखा और अपनी सोच हमेशा सकारात्मक रखी। इसी के बलबूते दस दिन के अंदर कोरोना को हराने में कामयाब हुआ।
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केस: 2- परिवार ने बढ़ाया हौसला तो कोरोना को हराने में रहा कामयाब
पुराना शहर क्षेत्र निवासी 65 वर्षीय व्यक्ति ने बताया कि वह चार मई को कोरोना संक्रमित मिला था। इसके बाद परिजनों के कहने पर उसने खुद को कोविड अस्पताल की बजाय होम आइसोलेट कर लिया। परिजनों से उसने दूरी बनाए रखी और एक घर में होने के बावजूद फोन पर बातचीत की। परिजनों के हौसला बढ़ाने और सकारात्मक सोच के बलबूते कोरोना को मात दी।
होम आइसोलेशन की समयावधि भी हुई कम
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार अब होम आइसोलेशन पीरियड की समय अवधि अब कम कर दी गई है। पहले संक्रमित को 17 दिनों तक खुद को होम आइसोलेट रखना पड़ता था, लेकिन अब केवल दस दिन ही होम आइसोलेट रहना पड़ रहा है।
होम आइसोलेशन में इन बातों का रखें ख्याल
- खुद के संपर्क में परिवार के एक सदस्य को ही आने दें जबकि बाकियों को दूर रखें।
- संक्रमित अलग से शौचालय और बाथरूम प्रयोग करें और इनमें बाकी सदस्य न जाएं।
- खान-पान का विशेष ध्यान रखें और टीम द्वारा दी गई दवाएं समय पर लें।
- संक्रमित को अगर किसी प्रकार की दिक्कत होती है तो तत्काल कोविड कंट्रोल रूम को सूचित करें।
- नकारात्मक विचारों को हावी न होने दें, नियमित योग करें और विचारों को सकारात्मक रखें।
मई में होम आइसोलेट संक्रमितों ने गाइडलाइन का पालन कर कोरोना से जंग जीती है। एक से 16 मई तक 1606 संक्रमित स्वस्थ हुए हैं जिनमें से ज्यादातर होम आइसोलेट थे। गाइडलाइन का पालन कर घर पर रहकर भी कोरोना को आसानी से मात दी जा सकती है।
डॉ. सुदर्शन पंवार, सीएमओ
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जिले में स्वास्थ्य विभाग कोरोना जांच के लिए 1.70 लाख सैंपल ले चुका है। 30 अप्रैल तक जिले में संक्रमितों की संख्या 2404 थी। इनमें से 39 की मौत हुई थी, जबकि 1697 ने कोरोना को मात दी थी। अब 16 मई तक कोरोना संक्रमितों की संख्या 4095 पहुंच चुकी है, जबकि कोरोना को हराने वाले लोगों का आंकड़ा भी बढ़कर 3305 पहुंच चुका है। ऐसे में मई के 16 दिनों में 1691 नए संक्रमित मिले हैं, जबकि 1608 स्वस्थ हुए हैं। इस समयावधि में 59 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 26 महिलाएं और 33 पुरुष शामिल हैं। जो 1608 संक्रमित मई में स्वस्थ हुए हैं उनमें से 1442 होम आइसोलेट थे, जबकि इस समयावधि में 166 संक्रमितों ने कोविड अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में रहकर कोरोना को हराया है। एक से 16 मई के बीच स्वास्थ्य विभाग ने 11598 सैंपल लिए हैं। इनमें से 11528 सैंपलों की रिपोर्ट निगेटिव आई है।
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जानिए... 20 वर्षीय युवक और 65 साल के व्यक्ति ने कैसे दी कोरोना को मात
केस:-1: घर पर रहकर कोविड गाइडलाइन का किया पालन, दस दिन में हुआ ठीक
शहर के चंपापुरी क्षेत्र निवासी 20 वर्षीय युवक ने बताया कि पांच मई को उसकी कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसका पता चलते ही उसने खुद को घर में आइसेलेट कर लिया। एकांतवास में खान पान का पूरा ख्याल रखा और अपनी सोच हमेशा सकारात्मक रखी। इसी के बलबूते दस दिन के अंदर कोरोना को हराने में कामयाब हुआ।
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केस: 2- परिवार ने बढ़ाया हौसला तो कोरोना को हराने में रहा कामयाब
पुराना शहर क्षेत्र निवासी 65 वर्षीय व्यक्ति ने बताया कि वह चार मई को कोरोना संक्रमित मिला था। इसके बाद परिजनों के कहने पर उसने खुद को कोविड अस्पताल की बजाय होम आइसोलेट कर लिया। परिजनों से उसने दूरी बनाए रखी और एक घर में होने के बावजूद फोन पर बातचीत की। परिजनों के हौसला बढ़ाने और सकारात्मक सोच के बलबूते कोरोना को मात दी।
होम आइसोलेशन की समयावधि भी हुई कम
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार अब होम आइसोलेशन पीरियड की समय अवधि अब कम कर दी गई है। पहले संक्रमित को 17 दिनों तक खुद को होम आइसोलेट रखना पड़ता था, लेकिन अब केवल दस दिन ही होम आइसोलेट रहना पड़ रहा है।
होम आइसोलेशन में इन बातों का रखें ख्याल
- खुद के संपर्क में परिवार के एक सदस्य को ही आने दें जबकि बाकियों को दूर रखें।
- संक्रमित अलग से शौचालय और बाथरूम प्रयोग करें और इनमें बाकी सदस्य न जाएं।
- खान-पान का विशेष ध्यान रखें और टीम द्वारा दी गई दवाएं समय पर लें।
- संक्रमित को अगर किसी प्रकार की दिक्कत होती है तो तत्काल कोविड कंट्रोल रूम को सूचित करें।
- नकारात्मक विचारों को हावी न होने दें, नियमित योग करें और विचारों को सकारात्मक रखें।
मई में होम आइसोलेट संक्रमितों ने गाइडलाइन का पालन कर कोरोना से जंग जीती है। एक से 16 मई तक 1606 संक्रमित स्वस्थ हुए हैं जिनमें से ज्यादातर होम आइसोलेट थे। गाइडलाइन का पालन कर घर पर रहकर भी कोरोना को आसानी से मात दी जा सकती है।
डॉ. सुदर्शन पंवार, सीएमओ