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दंपती सुसाइड मामला : पुलिस जांच के लिए लैब भेजेगी सुसाइड नोट

Fri, 31 Mar 2023 11:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Fri, 31 Mar 2023 11:58 PM IST
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Couple suicide case: Police will send suicide note to lab for investigation
चरखी दादरी। बाढड़ा क्षेत्र निवासी बुजुर्ग दंपती के आत्महत्या मामले में बरामद सुसाइड नोट आरोपों की पुष्टि का आधार बनेगा। इसके लिए जिला पुलिस सुसाइड नोट जांच के लिए लैब में भेजेगी। फिलहाल पुलिस अधिकारी इसे जांच का अहम हिस्सा बताते हुए कुछ भी जानकारी साझा करने से इन्कार कर रहे हैं। लगातार दूसरे दिन भी यह मामला लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।
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बता दें कि बाढड़ा में रह रहे जगदीशचंद और उनकी पत्नी भागली देवी ने अपनों की प्रताड़ना से तंग आकर वीरवार रात घर पर जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। इसके बाद जगदीशचंद ने जहर निगलने की जानकारी स्वयं पुलिस को दी थी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम को उन्होंने एक नोट भी सौंपा था जिसमें प्रताड़ना की दास्तां लिखी थी। उपचार के दौरान बुजुर्ग दंपती की मौत होने पर पुलिस ने सुसाइड नोट को आधार बनाते हुए मृतक दंपती के एक बेटे और दो पुत्रवधू समेत चार लोगों पर केस दर्ज किया है।
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मृतक दंपती का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंपने के बाद पुलिस अब इस मामले की जांच शुरू करेगी। जांच में सुसाइड नोट अहम भूमिका निभाएगा। सूत्रों के अनुसार लैब में लिखाई का मिलान होते ही पुलिस की ओर से आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। वहीं, डीएसपी हेडक्वार्टर विरेंद्र सिंह का कहना है कि सुसाइड नोट जांच के लिए लैब भेजना जांच का हिस्सा है। इस मामले की अभी जांच चल रही है और जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
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- पैतृक गांव में किया गया अंतिम संस्कार, बेटे ने दी मुखाग्नि

मृतक दंपती का दाह-संस्कार वीरवार को उनके पैतृक गांव गोपी में किया गया। दाह-संस्कार में करीब 150 लोग शरीक हुए जिनमें बाढड़ा कस्बा के दुकानदार, व्यापार मंडल और आर्य समाज के पदाधिकारी शामिल रहे। उनके बेटे विरेंद्र ने मुखाग्नि दी जबकि वो इस मामले में आरोपी भी हैं।




- ऐसा कदम उठाने के बजाय बुजुर्ग कानूनी प्रावधान का लें सहारा

एडवोकेट संजीव तक्षक ने बताया कि अगर किसी बुजुर्ग के साथ उसकी संतान गलत करती है तो वो ऐसा कदम उठाने के बजाय सीनियर सिटीजन एक्ट में कई गए प्रावधान किए गए हैं। जिनका सहारा वे ले सकते हैं। आत्महत्या कोई समाधान नहीं है, प्रत्येक नागरिक को संविधान ने कानूनी अधिकार दिए हैं जिनका सहारा लेकर अपने हक की लड़ाई लड़ी जा सकती है। अगर बुजुर्ग ने संपत्ति अपने बच्चों के नाम कर दी है और वे उसकी सही से देखभाल नहीं कर रहे हैं तो ऐसी स्थिति में वे सीधे एसडीएम के समक्ष पेश होकर अपनी व्यथा रख सकते हैं। अगर उनको मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जा रहा है तो वे इस बारे में संबंधित थाने में शिकायत दे सकते हैं।
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