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कोरोना रिपोर्ट में देरी : प्रियंका ज्वाइन नहीं कर पाई नौकरी तो दंपती ने पुलिस निगरानी में गुजारे 10 दिन
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कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल देने वाले लोग स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली से बेहद परेशान हैं। लोगों का आरोप है कि उनके सैंपल भेजने में देरी की जा रही है, जिसके चलते उन्हें रिपोर्ट के लिए एक सप्ताह से दस दिन का इंतजार करना पड़ रहा है। इस देरी के कारण 22 वर्षीय प्रियंका नौकरी ज्वाइन नहीं कर पाई, वहीं एक दंपती को पुलिस निगरानी में दस दिन गुजारने पड़े।
वीरवार को जिला अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे स्वास्थ्य सेवाओं के एडीजी जितेंद्र ग्रेवाल को रिपोर्ट के इंतजार में भटक रहे लोगों ने शिकायत भी सौंपी। एडीजी ने कहा कि यह मामला जांच का विषय है और इस संबंध में वे जिला प्रशासन से भी जानकारी लेंगे।
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार गत शनिवार को एसडीएम विरेंद्र सिंह ने सिविल अस्पताल का निरीक्षण किया था। उस दौरान एसडीएम को यहां नवंबर के सैंपल भी रखे मिले, जिन्हें जांच के लिए पीजीआई भेजा ही नहीं गया। एडीजी के निरीक्षण को भी इसी से जोड़कर देखा जा रहा है। निरीक्षण के दौरान एडीजी करीब आधे घंटे तक उस कमरे में रुके जहां सैंपल रखे हुए थे। हालांकि सीएमओ डॉ. सुदर्शन पंवार ने सैंपल भेजने संबंधी कोई शिकायत न आने की बात कही जबकि एडीजी जितेंद्र ग्रेवाल का कहना है कि यह जांच का विषय है और जिला प्रशासन के निरीक्षण के दौरान जो स्थिति पाई गई, उसकी जानकारी भी वे लेंगे।
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उन्होंने बताया कि कोविड को लेकर किए प्रबंधों समेत उन्होंने सिविल अस्पताल की मौजूदा सेवाओं का निरीक्षण किया है। इस दौरान कुछ खामियां पाई गई और इन खामियों की जानकारी जल्द ही जिला स्वास्थ्य विभाग को दे दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही सिविल अस्पताल को कुछ नई सुविधाएं मिलने वाली हैं और स्थानीय अधिकारियों के साथ उन पर भी मंथन किया गया है।
वीरवार सुबह तक 2533 रिपोर्ट लंबित
दस दिसंबर की सुबह तक जिले से कोरोना टेस्ट के लिए 90 हजार 130 सैंपल लिए जा चुके हैं। इनमें से 86 हजार 193 सैंपलों की रिपोर्ट निगेटिव, जबकि 1404 सैंपलों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। वीरवार सुबह तक 2533 सैंपल की रिपोर्ट लंबित थी। जिले में वीरवार सुबह तक कोरोना को मात देने वालों की संख्या 1226 थी।
जानिए....रिपोर्ट देरी से आने से कैसे परेशान हैं लोग
केस-1- दो बार करवाया टेस्ट पर नहीं आई रिपोर्ट
महराणा निवासी 22 वर्षीय प्रियंका ने वीरवार को एडीजी को शिकायत सौंपी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने गत तीन दिसंबर को सैंपल दिया था। इसके बाद से ही वह रिपोर्ट के लिए चक्कर काट रही है। रिपोर्ट न आने पर उसने 900 रुपये देकर फिर टेस्ट करवाया लेकिन उसकी रिपोर्ट भी अब तक नहीं आई है। प्रियंका का कहना है कि उसे झाड़ली प्लांट में नौकरी ज्वाइन करनी है, लेकिन रिपोर्ट न आने के चलते वह ऐसा नहीं कर पा रही है।
केस-2- एक दिसंबर को दिया था सैंपल, अभी तक नहीं आई रिपोर्ट
वीरवार को एक हेड कांस्टेबल भी कोविड कंट्रोल रूम दो हवालातियों की रिपोर्ट लेने पहुंचा। उक्त पुलिसकर्मी ने बताया कि तिवाला निवासी दंपती को किसी मामले में दस दिन पहले गिरफ्तार किया गया था। एक दिसंबर को उनका सैंपल दिया गया था, लेकिन अब तक रिपोर्ट नहीं आई है। पिछले दस दिनों से दंपती हवालात में है। वीरवार को उन्हें कोर्ट में पेश करना था। जांच अधिकारी नोडल अधिकारी से रिपोर्ट न आने की बात लिखित में भी ले गया।
जल्द ही हम नई व्यवस्था लागू करने जा रहे हैं, जिसके बाद रिपोर्ट घर बैठे ही देखी जा सकेगी। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद रिपोर्ट देरी से मिलने का झंझट खत्म हो जाएगा। जिला अस्पताल में जल्द ही कुछ सेवाएं शुरू होनी हैं और एडीजी उनका ही निरीक्षण करने आए थे।
डॉ.सुदर्शन पंवार, सीएमओ, चरखी दादरी
कोविड के समय में जिला स्वास्थ्य विभाग के प्रबंधों को लेकर मैंने निरीक्षण किया है। इस दौरान कुछ खामियां भी पाई गईं जबकि कुछ जगह व्यवस्था बेहतर मिली है। रिपोर्ट भेजने में देरी करने का मामला जांच का विषय है। मैं जिला प्रशासन से भी इसकी जानकारी लूंगा।
जितेंद्र ग्रेवाल, एडीजी, स्वास्थ्य सेवा
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वीरवार को जिला अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे स्वास्थ्य सेवाओं के एडीजी जितेंद्र ग्रेवाल को रिपोर्ट के इंतजार में भटक रहे लोगों ने शिकायत भी सौंपी। एडीजी ने कहा कि यह मामला जांच का विषय है और इस संबंध में वे जिला प्रशासन से भी जानकारी लेंगे।
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स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार गत शनिवार को एसडीएम विरेंद्र सिंह ने सिविल अस्पताल का निरीक्षण किया था। उस दौरान एसडीएम को यहां नवंबर के सैंपल भी रखे मिले, जिन्हें जांच के लिए पीजीआई भेजा ही नहीं गया। एडीजी के निरीक्षण को भी इसी से जोड़कर देखा जा रहा है। निरीक्षण के दौरान एडीजी करीब आधे घंटे तक उस कमरे में रुके जहां सैंपल रखे हुए थे। हालांकि सीएमओ डॉ. सुदर्शन पंवार ने सैंपल भेजने संबंधी कोई शिकायत न आने की बात कही जबकि एडीजी जितेंद्र ग्रेवाल का कहना है कि यह जांच का विषय है और जिला प्रशासन के निरीक्षण के दौरान जो स्थिति पाई गई, उसकी जानकारी भी वे लेंगे।
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उन्होंने बताया कि कोविड को लेकर किए प्रबंधों समेत उन्होंने सिविल अस्पताल की मौजूदा सेवाओं का निरीक्षण किया है। इस दौरान कुछ खामियां पाई गई और इन खामियों की जानकारी जल्द ही जिला स्वास्थ्य विभाग को दे दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही सिविल अस्पताल को कुछ नई सुविधाएं मिलने वाली हैं और स्थानीय अधिकारियों के साथ उन पर भी मंथन किया गया है।
वीरवार सुबह तक 2533 रिपोर्ट लंबित
दस दिसंबर की सुबह तक जिले से कोरोना टेस्ट के लिए 90 हजार 130 सैंपल लिए जा चुके हैं। इनमें से 86 हजार 193 सैंपलों की रिपोर्ट निगेटिव, जबकि 1404 सैंपलों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। वीरवार सुबह तक 2533 सैंपल की रिपोर्ट लंबित थी। जिले में वीरवार सुबह तक कोरोना को मात देने वालों की संख्या 1226 थी।
जानिए....रिपोर्ट देरी से आने से कैसे परेशान हैं लोग
केस-1- दो बार करवाया टेस्ट पर नहीं आई रिपोर्ट
महराणा निवासी 22 वर्षीय प्रियंका ने वीरवार को एडीजी को शिकायत सौंपी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने गत तीन दिसंबर को सैंपल दिया था। इसके बाद से ही वह रिपोर्ट के लिए चक्कर काट रही है। रिपोर्ट न आने पर उसने 900 रुपये देकर फिर टेस्ट करवाया लेकिन उसकी रिपोर्ट भी अब तक नहीं आई है। प्रियंका का कहना है कि उसे झाड़ली प्लांट में नौकरी ज्वाइन करनी है, लेकिन रिपोर्ट न आने के चलते वह ऐसा नहीं कर पा रही है।
केस-2- एक दिसंबर को दिया था सैंपल, अभी तक नहीं आई रिपोर्ट
वीरवार को एक हेड कांस्टेबल भी कोविड कंट्रोल रूम दो हवालातियों की रिपोर्ट लेने पहुंचा। उक्त पुलिसकर्मी ने बताया कि तिवाला निवासी दंपती को किसी मामले में दस दिन पहले गिरफ्तार किया गया था। एक दिसंबर को उनका सैंपल दिया गया था, लेकिन अब तक रिपोर्ट नहीं आई है। पिछले दस दिनों से दंपती हवालात में है। वीरवार को उन्हें कोर्ट में पेश करना था। जांच अधिकारी नोडल अधिकारी से रिपोर्ट न आने की बात लिखित में भी ले गया।
जल्द ही हम नई व्यवस्था लागू करने जा रहे हैं, जिसके बाद रिपोर्ट घर बैठे ही देखी जा सकेगी। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद रिपोर्ट देरी से मिलने का झंझट खत्म हो जाएगा। जिला अस्पताल में जल्द ही कुछ सेवाएं शुरू होनी हैं और एडीजी उनका ही निरीक्षण करने आए थे।
डॉ.सुदर्शन पंवार, सीएमओ, चरखी दादरी
कोविड के समय में जिला स्वास्थ्य विभाग के प्रबंधों को लेकर मैंने निरीक्षण किया है। इस दौरान कुछ खामियां भी पाई गईं जबकि कुछ जगह व्यवस्था बेहतर मिली है। रिपोर्ट भेजने में देरी करने का मामला जांच का विषय है। मैं जिला प्रशासन से भी इसकी जानकारी लूंगा।
जितेंद्र ग्रेवाल, एडीजी, स्वास्थ्य सेवा