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कोरोना रिपोर्ट में देरी: एडीजी की जांच के बाद कोरोना नोडल अधिकारी बदला, माइक्रोबायोलॉजिस्ट और अन्य से भी मांगा स्पष्टीकरण
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Corona report delayed: Corona nodal officer revenge, sought clarification from microbiologists and others
- फोटो : CharkhiDadri
कोरोना जांच के लिए सैंपल भेजने की बजाय स्थानीय लैब में रखने की लापरवाही पर स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा संज्ञान लिया है। स्वास्थ्य सेवाओं के एडीजी जितेंद्र ग्रेवाल के निरीक्षण के बाद जिला स्वास्थ्य विभाग ने देर शाम कोरोना नोडल अधिकारी बदल दिया। वहीं, माइक्रोबायोलॉजिस्ट समेत अन्य कर्मचारियों से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। सूत्रों के अनुसार अगले तीन से चार दिन में जिला स्वास्थ्य विभाग अपनी जांच रिपोर्ट तैयार कर देगा। दूसरी ओर विभाग ने लंबित सभी सैंपलों को जांच के लिए छह जिलों की लैब में भेज दिया है। इनमें से 4 हजार सैंपलोें की रिपोर्ट आ गई है, जिसमें से 14 लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं।
गत पांच दिसंबर को एसडीएम विरेंद्र सिंह ने सिविल अस्पताल के कमरा नंबर 15 का निरीक्षण किया था। इस कमरे में कोरोना टेस्ट के सैंपल लेकर रखे जाते हैं। एसडीएम को निरीक्षण के दौरान यहां 5257 सैंपल मिले थे। इसकी रिपोर्ट तैयार कर उन्होंने हेड ऑफिस भेज दी थी। वीरवार को एडीजी जितेंद्र ग्रेवाल ने दादरी अस्पताल समेत कमरा नंबर 15 का बारीकी से निरीक्षण किया। इसके बाद मामले से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों से भी स्पष्टीकरण मांगा। हालांकि एडीजी ने मीडिया के सामने केवल इतना ही कहा था कि ये जांच का विषय है। एडीजी के निरीक्षण के तुरंत बाद जिला स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना नोडल अधिकारी को बदल दिया है। डॉ. चंचल तोमर की जगह अब डॉ. गौरव को कोरोना नोडल अधिकारी लगाया है। इसके अलावा डॉ. संदीप को अतिरिक्त कोरोना नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार इस मामले में माइक्रोबायोलॉजिस्ट समेत कुछ अन्य कर्मचारियों की लापरवाही की बात भी सामने आई है और इस पर ही उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। जिला स्वास्थ्य विभाग भी मामले की जांच कर रहा है, जिसकी रिपोर्ट सोमवार या मंगलवार तक तैयार होने की उम्मीद है।
सभी सैंपल भेजे, अब नहीं बचा कोई लंबित
कोरोना नोडल अधिकारी गौरव भारद्वाज ने बताया कि लंबित सभी सैंपल जांच के लिए लैब में भेजे जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि कुछ सैंपल छह और सात दिसंबर को जबकि बाकी बचे सैंपल वीरवार को भिजवा दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि वीरवार रात दो बजे तक सैंपल भेजने से पहले की प्रक्रिया पूरी करवाई गई और सभी सैंपल जिला अस्पताल की लैब से भेजे जा चुके हैं।
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लंबित रखे सैंपलों में से 14 की रिपोर्ट आई पॉजिटिव
बता दें कि एसडीएम विरेंद्र सिंह ने पांच दिसंबर को सिविल अस्पताल का निरीक्षण किया था जिसमें चूक पकड़ी गई थी। इसके अगले दो दिन जिला स्वास्थ्य विभाग ने सैंपल जांच के लिए अलग-अलग लैब में भेजे थे, जिनमें से करीब 4000 सैंपलों की रिपोर्ट आ गई हैं और इनमें 14 लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि इन संक्रमितों के संपर्क में और कितने लोग आए।
900 से एक हजार तक लिए जा रहे प्रतिदिन सैंपल
त्योहारी सीजन के दौरान स्वास्थ्य विभाग ने सैंपल लेने की प्रक्रिया तेज की थी। पिछले कुछ समय से जिले में एक दिन में औसतन 900 से अधिक सैंपल लिए जा रहे हैं। पीजीआई प्रतिदिन 500 और बीपीएस खानपुुर 200 सैंपल ही रिसीव कर रहा है।
किस जिले में जांच के लिए भेजे गए कितने सैंपल
जिला इतने सैंपल भेजे
रोहतक पीजीआई 500
बीपीएस खानपुर 200
यमुनानगर लैब 1280
अंबाला लैब 1000
पंचकूला लैब 1500
रेवाड़ी लैब 963
जानिए... कोरोना रिपोर्ट में देरी से अटके लोगों के काम
केस-1- दादरी निवासी जोगेंद्र ने बताया कि वह गुरुग्राम में एक प्राइवेट नौकरी में जॉब करता था। आइसोलेशन के चलते वह अवकाश पर था। अब उसका आइसोलेशल का समय पूरा हो गया है, लेकिन दूसरे सैंपल की रिपोर्ट अब तक नहीं आई है। रिपोर्ट आने के बाद ही मैं नौकरी ज्वाइन कर सकूंगा। एक सप्ताह से चक्कर लगा रहा हूं, लेकिन रिपोर्ट नहीं आई है।
केस-2- रावलधी निवासी रमेश ने बताया कि वह एक सॉफ्टवेयर कंपनी में इंटरव्यू पास कर चुका है। उसे गत आठ दिसंबर को ज्वाइनिंग करनी थी। दो दिसंबर को उसने सैंपल दिया था जिसकी रिपोर्ट अब तक नहीं आई है। वह कोविड कंट्रोल रूम में फोन करने के अलावा खुद भी अस्पताल आ चुका है, लेकिन हर बार उसे रिपोर्ट न आने की बात कहकर भेज दिया जाता है।
सैंपल देरी से भेजने के मामले की जांच अभी जारी है। एडीजी अपने स्तर पर ही मामले की जांच कर रहे हैं। जल्द ही हम जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप देंगे।
डॉ. गौरव भारद्वाज, कोरोना नोडल अधिकारी
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गत पांच दिसंबर को एसडीएम विरेंद्र सिंह ने सिविल अस्पताल के कमरा नंबर 15 का निरीक्षण किया था। इस कमरे में कोरोना टेस्ट के सैंपल लेकर रखे जाते हैं। एसडीएम को निरीक्षण के दौरान यहां 5257 सैंपल मिले थे। इसकी रिपोर्ट तैयार कर उन्होंने हेड ऑफिस भेज दी थी। वीरवार को एडीजी जितेंद्र ग्रेवाल ने दादरी अस्पताल समेत कमरा नंबर 15 का बारीकी से निरीक्षण किया। इसके बाद मामले से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों से भी स्पष्टीकरण मांगा। हालांकि एडीजी ने मीडिया के सामने केवल इतना ही कहा था कि ये जांच का विषय है। एडीजी के निरीक्षण के तुरंत बाद जिला स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना नोडल अधिकारी को बदल दिया है। डॉ. चंचल तोमर की जगह अब डॉ. गौरव को कोरोना नोडल अधिकारी लगाया है। इसके अलावा डॉ. संदीप को अतिरिक्त कोरोना नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार इस मामले में माइक्रोबायोलॉजिस्ट समेत कुछ अन्य कर्मचारियों की लापरवाही की बात भी सामने आई है और इस पर ही उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। जिला स्वास्थ्य विभाग भी मामले की जांच कर रहा है, जिसकी रिपोर्ट सोमवार या मंगलवार तक तैयार होने की उम्मीद है।
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सभी सैंपल भेजे, अब नहीं बचा कोई लंबित
कोरोना नोडल अधिकारी गौरव भारद्वाज ने बताया कि लंबित सभी सैंपल जांच के लिए लैब में भेजे जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि कुछ सैंपल छह और सात दिसंबर को जबकि बाकी बचे सैंपल वीरवार को भिजवा दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि वीरवार रात दो बजे तक सैंपल भेजने से पहले की प्रक्रिया पूरी करवाई गई और सभी सैंपल जिला अस्पताल की लैब से भेजे जा चुके हैं।
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लंबित रखे सैंपलों में से 14 की रिपोर्ट आई पॉजिटिव
बता दें कि एसडीएम विरेंद्र सिंह ने पांच दिसंबर को सिविल अस्पताल का निरीक्षण किया था जिसमें चूक पकड़ी गई थी। इसके अगले दो दिन जिला स्वास्थ्य विभाग ने सैंपल जांच के लिए अलग-अलग लैब में भेजे थे, जिनमें से करीब 4000 सैंपलों की रिपोर्ट आ गई हैं और इनमें 14 लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि इन संक्रमितों के संपर्क में और कितने लोग आए।
900 से एक हजार तक लिए जा रहे प्रतिदिन सैंपल
त्योहारी सीजन के दौरान स्वास्थ्य विभाग ने सैंपल लेने की प्रक्रिया तेज की थी। पिछले कुछ समय से जिले में एक दिन में औसतन 900 से अधिक सैंपल लिए जा रहे हैं। पीजीआई प्रतिदिन 500 और बीपीएस खानपुुर 200 सैंपल ही रिसीव कर रहा है।
किस जिले में जांच के लिए भेजे गए कितने सैंपल
जिला इतने सैंपल भेजे
रोहतक पीजीआई 500
बीपीएस खानपुर 200
यमुनानगर लैब 1280
अंबाला लैब 1000
पंचकूला लैब 1500
रेवाड़ी लैब 963
जानिए... कोरोना रिपोर्ट में देरी से अटके लोगों के काम
केस-1- दादरी निवासी जोगेंद्र ने बताया कि वह गुरुग्राम में एक प्राइवेट नौकरी में जॉब करता था। आइसोलेशन के चलते वह अवकाश पर था। अब उसका आइसोलेशल का समय पूरा हो गया है, लेकिन दूसरे सैंपल की रिपोर्ट अब तक नहीं आई है। रिपोर्ट आने के बाद ही मैं नौकरी ज्वाइन कर सकूंगा। एक सप्ताह से चक्कर लगा रहा हूं, लेकिन रिपोर्ट नहीं आई है।
केस-2- रावलधी निवासी रमेश ने बताया कि वह एक सॉफ्टवेयर कंपनी में इंटरव्यू पास कर चुका है। उसे गत आठ दिसंबर को ज्वाइनिंग करनी थी। दो दिसंबर को उसने सैंपल दिया था जिसकी रिपोर्ट अब तक नहीं आई है। वह कोविड कंट्रोल रूम में फोन करने के अलावा खुद भी अस्पताल आ चुका है, लेकिन हर बार उसे रिपोर्ट न आने की बात कहकर भेज दिया जाता है।
सैंपल देरी से भेजने के मामले की जांच अभी जारी है। एडीजी अपने स्तर पर ही मामले की जांच कर रहे हैं। जल्द ही हम जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप देंगे।
डॉ. गौरव भारद्वाज, कोरोना नोडल अधिकारी