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कोरोना ने दी फिर दस्तक, विभाग ने बढ़ाई सैंपलिंग, लैब अभी भी बंद
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कोरोना ने दी फिर दस्तक, विभाग ने बढ़ाई सैंपलिंग, लैब अभी भी बंद
जिले में लिए जा रहे 600 से 700 सैंपल, प्रतिदिन जांच के लिए भेजे जा रहे खानपुर मेडिकल कॉलेज
सैंपलिंग के लिए जिले में 25 टीमें फिर से हुईं सक्रिय, स्टाफ तैनाती के लिए मुख्यालय भेजी डिमांड
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। कोरोना ने जिले में एक बार फिर से दस्तक दे दी है। इसे देखते हए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। विभाग ने अब सैंपलिंग बढ़ा दी है और प्रतिदिन टीमों को करीब 700 सैंपल लेने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग के लिए सबसे बड़ी चिंता की बात मॉलीकुलर लैब बंद होना है। यहां स्टाफ की तैनाती नहीं होने से कोरोना सैंपलों की जांच नहीं हो पा रही है। विभाग को सैंपल प्रतिदिन खानपुर मेडिकल कॉलेज भेजने पड़ रहे हैं। दूसरी ओर, विभाग ने कोरोना संक्रमित केस मिलने के चलते मुख्यालय से स्टाफ तैनाती की मांग की है।
दादरी जिले में कोरोना के अब तीन केस सक्रिय हैं। इनमें एक महिला और दो पुरुष हैं। शहर में एक और गांवों में दो सक्रिय केस हैं। स्वास्थ्य विभाग ने 25 टीमों को सैंपलिंग के लिए दोबारा फील्ड में उतारा है। ये टीमें सिविल अस्पताल समेत पीएचसी और सीएचसी स्तर पर बनाई गई हैं। ये टीमें स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा सार्वजनिक स्थानों पर जाकर भी सैंपल ले रही हैं। नोडल अधिकारी डॉक्टर संदीप ने बताया कि कोरोना केस मिलने के बाद सैंपलिंग बढ़ाई गई है।
उन्होंने बताया कि उच्चाधिकारियों की तरफ से भी अब 12 से 14 आयुवर्ग के किशोरों के वैक्सीनेशन की गति को बढ़ाने के निर्देश मिले हैं। जल्द से जल्द अब इस आयुवर्ग के किशोरों को कवर करने का लक्ष्य रहेगा। उन्होंने बताया कि 22 टीमें गांवों के लिए और तीन टीमें शहर में सैंपलिंग के लिए बनाई गई हैं। उन्होंने बताया कि एलटी की तैनाती नहीं होने के चलते कोरोना जांच लैब वर्किंग में नहीं है। मजबूरी में सैंपल खानपुर भेजने पड़ रहे हैं।
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ट्रू-नेट मशीन ही सैंपल जांच का विकल्प
दरअसल, कोविड स्टाफ के तौर पर तैनात किए गए 36 कर्मचारियों को विभाग ने 31 मार्च को हटा दिया था। इसके बाद से करीब 35 लाख की लागत से बनाई गई कोविड जांच लैब बंद है। अगर सैंपल देने पहुंचे किसी मरीज में लक्षण मिलते हैं, तो उसके सैंपल की जांच के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग के पास अब ट्रू-नेट मशीन ही एकमात्र विकल्प है। इसमें करीब दो घंटों में दो सैंपलों की रिपोर्ट आती है।
चार मोबाइल टीमें भी उतारी फील्ड में
स्वास्थ्य विभाग ने 12 पीएचसी पर 15 और तीन सीएचसी पर पांच टीमें सैंपलिंग के बनाई हैं। इसके अलावा सिविल अस्पताल और एमसीएच में सैंपलिंग के लिए तीन टीमें बनाई गई हैं। चार मोबाइल टीमें भी विभाग ने सैंपल लेने के लिए फील्ड में उतार दी हैं और इसकी पुष्टि कोविड नोडल अधिकारी डॉक्टर संदीप ने की है।
वर्जन::
कोरोना केस मिलने के बाद सैंपलिंग बढ़ा दी गई है। मॉलीकुलर लैब बंद है और इसके चलते सैंपल खानपुर मेडिकल कॉलेज में भेजे जा रहे हैं।
डॉ. संजय गुप्ता, डिप्टी सीएमओ, चरखी दादरी
फोटो 13
सिविल अस्पताल में युवक को वैक्सीन लगाती स्टाफ नर्स।
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जिले में लिए जा रहे 600 से 700 सैंपल, प्रतिदिन जांच के लिए भेजे जा रहे खानपुर मेडिकल कॉलेज
सैंपलिंग के लिए जिले में 25 टीमें फिर से हुईं सक्रिय, स्टाफ तैनाती के लिए मुख्यालय भेजी डिमांड
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। कोरोना ने जिले में एक बार फिर से दस्तक दे दी है। इसे देखते हए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। विभाग ने अब सैंपलिंग बढ़ा दी है और प्रतिदिन टीमों को करीब 700 सैंपल लेने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग के लिए सबसे बड़ी चिंता की बात मॉलीकुलर लैब बंद होना है। यहां स्टाफ की तैनाती नहीं होने से कोरोना सैंपलों की जांच नहीं हो पा रही है। विभाग को सैंपल प्रतिदिन खानपुर मेडिकल कॉलेज भेजने पड़ रहे हैं। दूसरी ओर, विभाग ने कोरोना संक्रमित केस मिलने के चलते मुख्यालय से स्टाफ तैनाती की मांग की है।
दादरी जिले में कोरोना के अब तीन केस सक्रिय हैं। इनमें एक महिला और दो पुरुष हैं। शहर में एक और गांवों में दो सक्रिय केस हैं। स्वास्थ्य विभाग ने 25 टीमों को सैंपलिंग के लिए दोबारा फील्ड में उतारा है। ये टीमें सिविल अस्पताल समेत पीएचसी और सीएचसी स्तर पर बनाई गई हैं। ये टीमें स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा सार्वजनिक स्थानों पर जाकर भी सैंपल ले रही हैं। नोडल अधिकारी डॉक्टर संदीप ने बताया कि कोरोना केस मिलने के बाद सैंपलिंग बढ़ाई गई है।
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उन्होंने बताया कि उच्चाधिकारियों की तरफ से भी अब 12 से 14 आयुवर्ग के किशोरों के वैक्सीनेशन की गति को बढ़ाने के निर्देश मिले हैं। जल्द से जल्द अब इस आयुवर्ग के किशोरों को कवर करने का लक्ष्य रहेगा। उन्होंने बताया कि 22 टीमें गांवों के लिए और तीन टीमें शहर में सैंपलिंग के लिए बनाई गई हैं। उन्होंने बताया कि एलटी की तैनाती नहीं होने के चलते कोरोना जांच लैब वर्किंग में नहीं है। मजबूरी में सैंपल खानपुर भेजने पड़ रहे हैं।
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ट्रू-नेट मशीन ही सैंपल जांच का विकल्प
दरअसल, कोविड स्टाफ के तौर पर तैनात किए गए 36 कर्मचारियों को विभाग ने 31 मार्च को हटा दिया था। इसके बाद से करीब 35 लाख की लागत से बनाई गई कोविड जांच लैब बंद है। अगर सैंपल देने पहुंचे किसी मरीज में लक्षण मिलते हैं, तो उसके सैंपल की जांच के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग के पास अब ट्रू-नेट मशीन ही एकमात्र विकल्प है। इसमें करीब दो घंटों में दो सैंपलों की रिपोर्ट आती है।
चार मोबाइल टीमें भी उतारी फील्ड में
स्वास्थ्य विभाग ने 12 पीएचसी पर 15 और तीन सीएचसी पर पांच टीमें सैंपलिंग के बनाई हैं। इसके अलावा सिविल अस्पताल और एमसीएच में सैंपलिंग के लिए तीन टीमें बनाई गई हैं। चार मोबाइल टीमें भी विभाग ने सैंपल लेने के लिए फील्ड में उतार दी हैं और इसकी पुष्टि कोविड नोडल अधिकारी डॉक्टर संदीप ने की है।
वर्जन::
कोरोना केस मिलने के बाद सैंपलिंग बढ़ा दी गई है। मॉलीकुलर लैब बंद है और इसके चलते सैंपल खानपुर मेडिकल कॉलेज में भेजे जा रहे हैं।
डॉ. संजय गुप्ता, डिप्टी सीएमओ, चरखी दादरी
फोटो 13
सिविल अस्पताल में युवक को वैक्सीन लगाती स्टाफ नर्स।