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कोर्ट परिसर से किराये के भवन में शिफ्ट की कंज्यूमर कोर्ट
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वर्क सस्पेंड कर धरने पर बैठे वकीलों के समक्ष अपने विचार रखते बार प्रधान सुरेंद्र मैहड़ा।
- फोटो : CharkhiDadri
कंज्यूमर कोर्ट को कोर्ट परिसर से बुधवार को किराये के भवन में शिफ्ट कर दिया गया है। इसके चलते जिले के अधिवक्ताओं में कड़ा रोष है। इसको लेकर बार एसोसिएशन ने आपात बैठक की और रोष प्रदर्शन करते हुए अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। इसके कारण कोर्ट में विभिन्न मुकदमों की सुनवाई भी प्रभावित हुई और लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
कंज्यूमर कोर्ट को किराये के भवन में शिफ्ट करने से अधिवक्ताओं में कड़ा रोष है। इस लेकर बार एसोसिएशन के सदस्य प्रधान सुरेंद्र मैहड़ा के अध्यक्षता में डीसी राजेश जोगपाल को मिला। उन्होंने बताया कि कंज्यूमर कोर्ट को सरदार झाडू सिंह चौक के समीप एक किराये के भवन में शिफ्ट किया गया है, जबकि बार एसोसिएशन ने कोर्ट परिसर में कंज्यूमर कोर्ट शुरू करने के लिए अपने स्तर पर तमाम व्यवस्थाएं तक की थीं। इन व्यवस्थाओं पर बार एसोसिएशन ने पांच लाख रुपये खर्च किए थे। कोर्ट परिसर में कोर्ट सुचारु रूप से चल रही थी और किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं थी। अधिकारियों ने सरकार के पैसे का दुरुपयोग करके आमजन व अधिवक्ताओं को परेशानी दी है। उन्होंने बताया कि जहां उपभोक्ता कोर्ट के लिए किराये की जगह ली है वहां पर वकीलों को पहुंचने में काफी समय लगेगा। उन्होंने कहा कि कंज्यूमर कोर्ट तुरंत प्रभाव से वापस कोर्ट परिसर में शिफ्ट होनेे चाहिए और यह मांग पूरी होने तक जिले के अधिवक्ता हड़ताल पर रहेंगे।
बिना सूचना के कोर्ट शिफ्ट करने के लगाए आरोप
बार एसोसिएशन पदाधिकारियों ने बताया कि कंज्यूमर कोर्ट के अधिकारियों ने बार एसोसिएशन को बिना कोई सूचना दिए जगह शिफ्ट कर ली। बार एसोसिएशन द्वारा कंज्यूमर कोर्ट के लिए जो समान दिया गया था, उसे भी बिना बताए साथ ले गए।
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वकीलों के वर्क सस्पेंड के चलते नहीं हुई 150 मामलों की सुनवाई
कंज्यूमर कोर्ट शिफ्टिंग के विरोध में सभी अधिवक्ताओं ने वर्क सस्पेंड कर दिया और इसके कारण मामलों की कोर्ट में सुनवाई नहीं हो पाई। बार प्रधान सुरेंद्र मैहड़ा ने बताया कि वकीलों का पूर्ण रूप से वर्क सस्पेंड रहा और इसके कारण करीब 150 मामलों की बुधवार को सुनवाई नहीं हो पाई है।
डेढ़ साल पहले जिले में शुरू हुई थी कंज्यूमर कोर्ट
दादरी में कंज्यूमर कोर्ट करीब डेढ़ साल पहले ही शुरू हुई थी। इस पहले कंज्यूमर कोर्ट से जुड़े मामलों की सुनवाई भिवानी में होती थी। दादरी में शुरू की गई कंज्यूमर कोर्ट में एक दिन में आठ से दस मामलों की सुनवाई होती है।
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वर्जन::
बार एसोसिएशन को बताए बिना ही सामान कोर्ट परिसर की बजाय किराये के भवन में शिफ्ट किया गया है। इस फैसले का हम पुरजोर विरोध करते हैं और मांग पूरी होने तक सभी अधिवक्ता वर्क सस्पेंड रखेंगे। कोर्ट परिसर से बाहर कंज्यूमर कोर्ट शिफ्ट करने पर हर किसी को परेशानी होगी।
सुरेंद्र मैहड़ा, प्रधान, दादरी बार एसोसिएशन
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फोटो 34
वर्क सस्पेंड कर धरनेश पर बैठे वकीलों के समक्ष अपने विचार रखते बार प्रधान सुरेंद्र मैहड़ा।
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कंज्यूमर कोर्ट को किराये के भवन में शिफ्ट करने से अधिवक्ताओं में कड़ा रोष है। इस लेकर बार एसोसिएशन के सदस्य प्रधान सुरेंद्र मैहड़ा के अध्यक्षता में डीसी राजेश जोगपाल को मिला। उन्होंने बताया कि कंज्यूमर कोर्ट को सरदार झाडू सिंह चौक के समीप एक किराये के भवन में शिफ्ट किया गया है, जबकि बार एसोसिएशन ने कोर्ट परिसर में कंज्यूमर कोर्ट शुरू करने के लिए अपने स्तर पर तमाम व्यवस्थाएं तक की थीं। इन व्यवस्थाओं पर बार एसोसिएशन ने पांच लाख रुपये खर्च किए थे। कोर्ट परिसर में कोर्ट सुचारु रूप से चल रही थी और किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं थी। अधिकारियों ने सरकार के पैसे का दुरुपयोग करके आमजन व अधिवक्ताओं को परेशानी दी है। उन्होंने बताया कि जहां उपभोक्ता कोर्ट के लिए किराये की जगह ली है वहां पर वकीलों को पहुंचने में काफी समय लगेगा। उन्होंने कहा कि कंज्यूमर कोर्ट तुरंत प्रभाव से वापस कोर्ट परिसर में शिफ्ट होनेे चाहिए और यह मांग पूरी होने तक जिले के अधिवक्ता हड़ताल पर रहेंगे।
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बिना सूचना के कोर्ट शिफ्ट करने के लगाए आरोप
बार एसोसिएशन पदाधिकारियों ने बताया कि कंज्यूमर कोर्ट के अधिकारियों ने बार एसोसिएशन को बिना कोई सूचना दिए जगह शिफ्ट कर ली। बार एसोसिएशन द्वारा कंज्यूमर कोर्ट के लिए जो समान दिया गया था, उसे भी बिना बताए साथ ले गए।
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वकीलों के वर्क सस्पेंड के चलते नहीं हुई 150 मामलों की सुनवाई
कंज्यूमर कोर्ट शिफ्टिंग के विरोध में सभी अधिवक्ताओं ने वर्क सस्पेंड कर दिया और इसके कारण मामलों की कोर्ट में सुनवाई नहीं हो पाई। बार प्रधान सुरेंद्र मैहड़ा ने बताया कि वकीलों का पूर्ण रूप से वर्क सस्पेंड रहा और इसके कारण करीब 150 मामलों की बुधवार को सुनवाई नहीं हो पाई है।
डेढ़ साल पहले जिले में शुरू हुई थी कंज्यूमर कोर्ट
दादरी में कंज्यूमर कोर्ट करीब डेढ़ साल पहले ही शुरू हुई थी। इस पहले कंज्यूमर कोर्ट से जुड़े मामलों की सुनवाई भिवानी में होती थी। दादरी में शुरू की गई कंज्यूमर कोर्ट में एक दिन में आठ से दस मामलों की सुनवाई होती है।
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वर्जन::
बार एसोसिएशन को बताए बिना ही सामान कोर्ट परिसर की बजाय किराये के भवन में शिफ्ट किया गया है। इस फैसले का हम पुरजोर विरोध करते हैं और मांग पूरी होने तक सभी अधिवक्ता वर्क सस्पेंड रखेंगे। कोर्ट परिसर से बाहर कंज्यूमर कोर्ट शिफ्ट करने पर हर किसी को परेशानी होगी।
सुरेंद्र मैहड़ा, प्रधान, दादरी बार एसोसिएशन
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वर्क सस्पेंड कर धरनेश पर बैठे वकीलों के समक्ष अपने विचार रखते बार प्रधान सुरेंद्र मैहड़ा।