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Charkhi Dadri News: 6 जिलों के अधिकारियों को कमान, ओवरलोडिंग फिर भी बेलगाम
Fri, 05 Jan 2024 01:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 05 Jan 2024 01:08 AM IST
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चरखी दादरी। जिला प्रशासन की चेतावनी देने और सरकार के दूसरे जिलों के छह अफसर तैनात करने के बाद भी जिले में ओवरलोडिंग नहीं रुक सकी है। इसकी बानगी वीरवार को रावलधी-भिवानी लिंकमार्ग पर देखने के लिए मिली। इस संवाददाता ने वीरवार दोपहर दो से तीन बजे तक इस मार्ग से गुजरने वाले वाहनों का जायजा लिया तो चौंकाने वाली स्थिति सामने आई।
कुल 60 मिनट के अंदर इस मार्ग से 104 डंपर और ट्राले गुजरे, जिनमें से 42 ओवरलोड थे। पांच भारी वाहन चालकों ने नंबर प्लेट को ग्रीस और मिट्टी लगाकर ढक दिया था जबकि नौ भारी वाहनों पर नंबर प्लेट ही नहीं थी। वहीं, एक घंटे की अवधि के दौरान इस मार्ग पर न तो छह जिलों के अधिकारी चेकिंग करते नजर आए और न ही स्थानीय आरटीए टीम। ऐसे में स्पष्ट है कि छह जिलों के अफसरों को कमान देने के बाद भी दादरी जिले में ओवरलोडिंग बेलगाम है।
लघु सचिवालय में आयोजित कष्ट निवारण समिति की बैठक में ओवरलोडिंग का मुद्दा दो बार उठ चुका है। पहली बार तो कष्ट निवारण समिति के अध्यक्ष एवं राज्यमंत्री अनूप धानक ने शिकायतकर्ता से शपथपत्र मांगा था जबकि दूसरी बार शिकायतकर्ता को बैठक कक्ष से बाहर कर डीसी मनदीप कौर को स्वयं मामले की जांच का आदेश दिया था। बैठक में ये मुद्दा जोर-शोर से उठने के बाद सरकार ने छह जिलों के एक-एक अधिकारी की दादरी में चेकिंग के लिए विशेष ड्यूटी लगाई थी। वीरवार को धरातल पर जांच करने के बाद सामने आया कि प्रशासन की चेतावनी और सरकार की ओर से की गई अफसरों की तैनाती का ओवरलोड माफिया पर कोई असर नहीं पड़ रहा।
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- नंबर प्लेट नहीं, हादसा हुआ तो कैसे लगेगा पता
वीरवार दोपहर दो से तीन बजे तक लिंक रोड से कुल 104 भारी वाहन निर्माण सामग्री लेकर गुजरे। 16 ऐसे वाहन मिले जो ओवरलोड थे और उन पर नंबर प्लेट नहीं थी या फिर नंबर प्लेट पर कीचड़ या ग्रीस लगा था। ऐसे में अगर इनसे हादसा हो जाए तो नंबर न होने की वजह से चालक का पता ही नहीं लग पाएगा। वहीं, सूत्रों के अनुसार चालान की कार्रवाई से बचने के लिए भी जान-बूझकर नंबर प्लेट पर मिट्टी या कीचड़ लगाई जाती है।
- डीसी गठित कर चुकीं स्पेशल टास्क फोर्स
डीसी मनदीप कौर ओवरलोडिंग और अवैध खनन रोकने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स गठित कर चुकी हैं। इसमें एसडीएम, खनन विभाग, आरटीए, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पुलिस विभाग से डीएसपी स्तर के अधिकारी को शामिल किया गया है।
- अगली बैठक में डीसी को देनी है रिपोर्ट
शिकायतकर्ता संजीव तक्षक के पिछली बैठक में ओवरलोडिंग और अवैध खनन का मुद्दा उठाने के बाद राज्यमंत्री अनूप धानक ने डीसी मनदीप कौर को स्वयं स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए थे। उस दौरान मंत्री धानक ने कहा था कि जो भी स्थिति मिले उसकी जानकारी अगली बैठक में दें। अगर अधिकारियों की ओर से दिए गए तर्क झूठे निकले तो उन पर कार्रवाई की जाएगी।
- ज्यादातर हादसों का कारण भारी वाहन
जिले में रोजाना पांच हजार से अधिक डंपर और ट्राले चलते हैं। पिछले एक साल में जिले के अंदर 150 से ज्यादा सड़क हादसे हुए हैं और सबसे अधिक हादसे भारी वाहनों से हुए हैं। बुधवार रात भी जिले में भारी वाहनों से दो हादसे हुए जिनमें दो युवकों को जान गंवानी पड़ी और उनके परिवारों को जीवनभर का दर्द मिला।
कोट
दूसरे जिलों के जिन छह अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है, उन्हें नियमित रूप से चेकिंग करनी चाहिए। आरटीए टीम को कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। अगर अधिकारी अपना काम नहीं कर रहे हैं तो इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। मनदीप कौर, डीसी, चरखी दादरी
फोटो 31
डीसी मनदीप कौर।
फोटाे 15
रावलधी-भिवानी लिंकमार्ग से गुजरता ओवरलोड वाहन। संवाद
फोटो 16
चरखी दादरी में बिना नंबर प्लेट के गुजरता भवन निर्माण सामग्री से भरा डंपर। संवाद
फोटो 17
चरखी दादरी में डंपर की नंबर प्लेट पर लगी धूल। संवाद
फोटो 18
चरखी दादरी में लिंकमार्ग से गुजरती रोड़ियों से भरी ट्रॉली। संवाद
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कुल 60 मिनट के अंदर इस मार्ग से 104 डंपर और ट्राले गुजरे, जिनमें से 42 ओवरलोड थे। पांच भारी वाहन चालकों ने नंबर प्लेट को ग्रीस और मिट्टी लगाकर ढक दिया था जबकि नौ भारी वाहनों पर नंबर प्लेट ही नहीं थी। वहीं, एक घंटे की अवधि के दौरान इस मार्ग पर न तो छह जिलों के अधिकारी चेकिंग करते नजर आए और न ही स्थानीय आरटीए टीम। ऐसे में स्पष्ट है कि छह जिलों के अफसरों को कमान देने के बाद भी दादरी जिले में ओवरलोडिंग बेलगाम है।
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लघु सचिवालय में आयोजित कष्ट निवारण समिति की बैठक में ओवरलोडिंग का मुद्दा दो बार उठ चुका है। पहली बार तो कष्ट निवारण समिति के अध्यक्ष एवं राज्यमंत्री अनूप धानक ने शिकायतकर्ता से शपथपत्र मांगा था जबकि दूसरी बार शिकायतकर्ता को बैठक कक्ष से बाहर कर डीसी मनदीप कौर को स्वयं मामले की जांच का आदेश दिया था। बैठक में ये मुद्दा जोर-शोर से उठने के बाद सरकार ने छह जिलों के एक-एक अधिकारी की दादरी में चेकिंग के लिए विशेष ड्यूटी लगाई थी। वीरवार को धरातल पर जांच करने के बाद सामने आया कि प्रशासन की चेतावनी और सरकार की ओर से की गई अफसरों की तैनाती का ओवरलोड माफिया पर कोई असर नहीं पड़ रहा।
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- नंबर प्लेट नहीं, हादसा हुआ तो कैसे लगेगा पता
वीरवार दोपहर दो से तीन बजे तक लिंक रोड से कुल 104 भारी वाहन निर्माण सामग्री लेकर गुजरे। 16 ऐसे वाहन मिले जो ओवरलोड थे और उन पर नंबर प्लेट नहीं थी या फिर नंबर प्लेट पर कीचड़ या ग्रीस लगा था। ऐसे में अगर इनसे हादसा हो जाए तो नंबर न होने की वजह से चालक का पता ही नहीं लग पाएगा। वहीं, सूत्रों के अनुसार चालान की कार्रवाई से बचने के लिए भी जान-बूझकर नंबर प्लेट पर मिट्टी या कीचड़ लगाई जाती है।
- डीसी गठित कर चुकीं स्पेशल टास्क फोर्स
डीसी मनदीप कौर ओवरलोडिंग और अवैध खनन रोकने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स गठित कर चुकी हैं। इसमें एसडीएम, खनन विभाग, आरटीए, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पुलिस विभाग से डीएसपी स्तर के अधिकारी को शामिल किया गया है।
- अगली बैठक में डीसी को देनी है रिपोर्ट
शिकायतकर्ता संजीव तक्षक के पिछली बैठक में ओवरलोडिंग और अवैध खनन का मुद्दा उठाने के बाद राज्यमंत्री अनूप धानक ने डीसी मनदीप कौर को स्वयं स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए थे। उस दौरान मंत्री धानक ने कहा था कि जो भी स्थिति मिले उसकी जानकारी अगली बैठक में दें। अगर अधिकारियों की ओर से दिए गए तर्क झूठे निकले तो उन पर कार्रवाई की जाएगी।
- ज्यादातर हादसों का कारण भारी वाहन
जिले में रोजाना पांच हजार से अधिक डंपर और ट्राले चलते हैं। पिछले एक साल में जिले के अंदर 150 से ज्यादा सड़क हादसे हुए हैं और सबसे अधिक हादसे भारी वाहनों से हुए हैं। बुधवार रात भी जिले में भारी वाहनों से दो हादसे हुए जिनमें दो युवकों को जान गंवानी पड़ी और उनके परिवारों को जीवनभर का दर्द मिला।
कोट
दूसरे जिलों के जिन छह अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है, उन्हें नियमित रूप से चेकिंग करनी चाहिए। आरटीए टीम को कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। अगर अधिकारी अपना काम नहीं कर रहे हैं तो इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। मनदीप कौर, डीसी, चरखी दादरी
फोटो 31
डीसी मनदीप कौर।
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रावलधी-भिवानी लिंकमार्ग से गुजरता ओवरलोड वाहन। संवाद
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चरखी दादरी में बिना नंबर प्लेट के गुजरता भवन निर्माण सामग्री से भरा डंपर। संवाद
फोटो 17
चरखी दादरी में डंपर की नंबर प्लेट पर लगी धूल। संवाद
फोटो 18
चरखी दादरी में लिंकमार्ग से गुजरती रोड़ियों से भरी ट्रॉली। संवाद