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Charkhi Dadri News: सेवा अधिकार दायरे में शामिल हुई सीएम मातृत्व सहायता योजना
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चरखी दादरी। हरियाणा सरकार की ओर से महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से संचालित मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता योजना को सेवा का अधिकार अधिनियम के दायरे में शामिल किया गया है और इसके तहत प्रदान किए जाने लाभों के लिए 45 दिन की समय-सीमा निर्धारित की गई है।
उपायुक्त मुनीष शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता योजना के तहत जिला कार्यक्रम अधिकारी को पदनामित अधिकारी जबकि कार्यक्रम अधिकारी यानि उप-निदेशक को प्रथम शिकायत निवारण प्राधिकारी और संयुक्त निदेशक या अतिरिक्त निदेशक को द्वितीय शिकायत निवारण प्राधिकारी बनाया गया है।
अब 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग महिलाएं, मनरेगा जॉब कार्ड, ई-श्रम कार्ड, बीपीएल राशन कार्ड, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और किसान सम्मान निधि की लाभार्थी महिलाएं इसमें शामिल की गई हैं। योजना के लिए आधार कार्ड अनिवार्य है।
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इस तरह करें आवेदन...
मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता योजना का लाभ लेने के लिए आंगनबाड़ी वर्कर या आशा वर्कर के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं। केंद्र सरकार ने कामगार महिलाओं के लिए पहले से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना संचालित कर रखी है। इसके लिए पांच हजार रुपये की सहायता राशि तीन किस्तों में दी जाती थी। अब सरकार ने नियमों में बदलाव कर सहायता राशि दो किस्तों में देने का निर्णय लिया है।
यह है मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता योजना
महिला एवं बाल विकास विभाग ने गर्भावस्था में मजदूरी के दौरान नुकसान की भरपाई व स्तनपान कराने वाली महिलाओं में पोषण सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता योजना शुरू की है। इस योजना के तहत दूसरे बच्चे के रूप में लड़के को जन्म देने वाली अनुसूचित जाति और जनजाति की महिलाएं इस योजना का लाभ उठा सकती हैं।
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उपायुक्त मुनीष शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता योजना के तहत जिला कार्यक्रम अधिकारी को पदनामित अधिकारी जबकि कार्यक्रम अधिकारी यानि उप-निदेशक को प्रथम शिकायत निवारण प्राधिकारी और संयुक्त निदेशक या अतिरिक्त निदेशक को द्वितीय शिकायत निवारण प्राधिकारी बनाया गया है।
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अब 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग महिलाएं, मनरेगा जॉब कार्ड, ई-श्रम कार्ड, बीपीएल राशन कार्ड, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और किसान सम्मान निधि की लाभार्थी महिलाएं इसमें शामिल की गई हैं। योजना के लिए आधार कार्ड अनिवार्य है।
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इस तरह करें आवेदन...
मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता योजना का लाभ लेने के लिए आंगनबाड़ी वर्कर या आशा वर्कर के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं। केंद्र सरकार ने कामगार महिलाओं के लिए पहले से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना संचालित कर रखी है। इसके लिए पांच हजार रुपये की सहायता राशि तीन किस्तों में दी जाती थी। अब सरकार ने नियमों में बदलाव कर सहायता राशि दो किस्तों में देने का निर्णय लिया है।
यह है मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता योजना
महिला एवं बाल विकास विभाग ने गर्भावस्था में मजदूरी के दौरान नुकसान की भरपाई व स्तनपान कराने वाली महिलाओं में पोषण सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता योजना शुरू की है। इस योजना के तहत दूसरे बच्चे के रूप में लड़के को जन्म देने वाली अनुसूचित जाति और जनजाति की महिलाएं इस योजना का लाभ उठा सकती हैं।