{"_id":"60ec94d18ebc3e027202591a","slug":"civic-problum-charkhidadri-news-rtk6173816184","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर के सीवर पानी को कब तक झेलती रहेगी सीसीआई की खाली पड़ी जगह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर के सीवर पानी को कब तक झेलती रहेगी सीसीआई की खाली पड़ी जगह
विज्ञापन
महज तीन एमएम बारिश ने ही शहर के बाजारों को तालाब बना दिया। कहने को तो दो एसटीपी शहर में है मगर सीवर व्यवस्था के चलते बारिश का पानी सड़क और सीसीआई की जगह में ही जमा है। करीब एक माह पूर्व ही व्यापारियों ने उपायुक्त को इस समस्या से अवगत कराते हुए चेताया था। उपायुक्त ने डैमेज लाइनें बदलवाने और पानी निकासी के लिए पंप व मोटर लगवाने का आश्वासन भी दिया। उपायुक्त का आश्वासन ही रहा और शहरवासी जलभराव से परेशान रहे। इसी मसले पर हरियाणा प्रदेश सब्जीमंडी एसोसिएशन ने बैठक कर चेतावनी दी कि 15 जुलाई तक समस्या का समाधान नहीं किया गया तो 16 से लघु सचिवालय के बाहर आंदोलन शुरू किया जाएगा।
जलभराव और ठप सीवर व्यवस्था से खफा व्यापारियों की बैठक सब्जी मंडी कार्यालय में हुई। हरियाणा प्रदेश सब्जी मंडी एसोसिएशन के अध्यक्ष नितिन जांघू ने बताया कि आठ जून को दादरी के गणमान्य व्यक्तियों ने सीवर व्यवस्था एवं पीने के पानी की समस्या को लेकर उपायुक्त अमरजीत सिंह मान के समक्ष मांग उठाई थी। उपायुक्त ने आश्वासन दिया था कि डैमेज सीवर लाइनों का एस्टीमेट बनवाकर जल्द ही उन्हें बदलवाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके साथ-साथ नगर में मोटर एवं इंजन भी लगवा दिए जाएंगे। एक महीने पहले दिए आश्वासन पर अब तक अमल नहीं हुआ। रविवार को हुई बारिश ने सारी व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया कि 15 जुलाई तक प्रशासन समस्याओं का समाधान करें अन्यथा आंदोलन किया जाएगा। 16 जुलाई से उपायुक्त कार्यालय के सामने आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी गई है। इस अवसर पर नंदलाल ठुकराल, जयभगवान मस्ताना, राजकुमार सैनी, नेंद्र दहिया, रामफल सैनी, ओमप्रकाश सांगवान, दीपक शर्मा, योगेंद्र फौगाट, अंकित सिंगला, सुनील फौगाट, कृष्ण सैनी, अनिल चहल, योगेंद्र यादव, प्रवीन पार्षद, राजबीर जांघू, दीपक जून, मोनू जांघू, मुकेश शर्मा आदि उपस्थित थे।
सीसीआई की खाली जगह में डाला जा रहा दूषित पानी
इस समय दूषित पानी सीसीआई की खाली जगह में डाला जा रहा है। एसटीपी तक बहुत कम मात्रा में पानी पहुंच रहा है। विभाग के पास बारिश के पानी के प्रबंधन के लिए फिलहाल कोई विकल्प नहीं है। जनस्वास्थ्य विभाग ने शहर के बारिश एवं दूषित पानी निकासी के लिए दो एसटीपी बनाए है मगर दोनों ही नाकाफी साबित हो रहे है। दरअसल दोनो एसटीपी सही तरीके से कार्य नहीं कर रहे। दिल्ली रोड पर बने एसटीपी का कुछ हिस्सा तो एनएच 152-डी के दायरे में आ गया है, जिससे अब यहां स्टोरेज क्षमता घट गई है। दूसरे रामनगर के समीप बने एसटीपी के आसपास भी पानी की स्टोरेज का कोई प्रबंधन नहीं है जिससे शहर से मेन लाइनों के जरिये पानी की निकासी नहीं हो पाती है। शहर में 35 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन है। शहर का अधिकतर सीवर का पानी शहर से सटे सीसीआई परिसर में डाला जा रहा है। शहर से पंप व मोटरों के जरिये पानी वहां डाला जा रहा है।
विज्ञापन
लाइनें ब्लॉक, सुपर सकर मशीन भी फेल
अप्रोच लाइनों का पानी मेन लाइनों में डाल दिया जाता है। मेन लाइनें रुक जाने से पानी आगे नहीं बढ़ पाता। प्रतिदिन मशीन से सीवर लाइनों की सफाई की जाती है। भिवानी से भी सुपर सकर मशीन मंगवाई जाती है लेकिन सीवर ब्लॉकेज नहीं खुल पाती है। सफाई कर्मचारी बांस की फट्टी से मेनहॉल को खोलने की कोशिश करते हैं लेकिन बात नहीं बन पाती है।
31 करोड़ का प्रोजेक्ट अधूरा
एसटीपी सेे आगे पानी की निकासी के लिए 31 करोड़ के बजट का पाइप लाइन बिछाने का प्रोजेक्ट भी पूरा नहीं हो सका है। एसटीपी से गांव छुछकवास तक करीब 25 किलोमीटर लंबी सीवर पाइप लाइन बिछाई जानी है ताकि एसटीपी के पानी को फिल्टकर ड्रेन आठ में डाला जा सके।
इस संबंध में जनस्वास्थ्य विभाग केे जेई पवन कुमार का कहना है कि नालों की सफाई की जा रही है। पंप व मोटर तैयार कर दिए गए हैं। शहर में बारिश होने पर जलभराव नहीं होने दिया जाएगा।
पवन कुमार, जेई जनस्वास्थ्य विभाग
विज्ञापन
जलभराव और ठप सीवर व्यवस्था से खफा व्यापारियों की बैठक सब्जी मंडी कार्यालय में हुई। हरियाणा प्रदेश सब्जी मंडी एसोसिएशन के अध्यक्ष नितिन जांघू ने बताया कि आठ जून को दादरी के गणमान्य व्यक्तियों ने सीवर व्यवस्था एवं पीने के पानी की समस्या को लेकर उपायुक्त अमरजीत सिंह मान के समक्ष मांग उठाई थी। उपायुक्त ने आश्वासन दिया था कि डैमेज सीवर लाइनों का एस्टीमेट बनवाकर जल्द ही उन्हें बदलवाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके साथ-साथ नगर में मोटर एवं इंजन भी लगवा दिए जाएंगे। एक महीने पहले दिए आश्वासन पर अब तक अमल नहीं हुआ। रविवार को हुई बारिश ने सारी व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया कि 15 जुलाई तक प्रशासन समस्याओं का समाधान करें अन्यथा आंदोलन किया जाएगा। 16 जुलाई से उपायुक्त कार्यालय के सामने आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी गई है। इस अवसर पर नंदलाल ठुकराल, जयभगवान मस्ताना, राजकुमार सैनी, नेंद्र दहिया, रामफल सैनी, ओमप्रकाश सांगवान, दीपक शर्मा, योगेंद्र फौगाट, अंकित सिंगला, सुनील फौगाट, कृष्ण सैनी, अनिल चहल, योगेंद्र यादव, प्रवीन पार्षद, राजबीर जांघू, दीपक जून, मोनू जांघू, मुकेश शर्मा आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन
सीसीआई की खाली जगह में डाला जा रहा दूषित पानी
इस समय दूषित पानी सीसीआई की खाली जगह में डाला जा रहा है। एसटीपी तक बहुत कम मात्रा में पानी पहुंच रहा है। विभाग के पास बारिश के पानी के प्रबंधन के लिए फिलहाल कोई विकल्प नहीं है। जनस्वास्थ्य विभाग ने शहर के बारिश एवं दूषित पानी निकासी के लिए दो एसटीपी बनाए है मगर दोनों ही नाकाफी साबित हो रहे है। दरअसल दोनो एसटीपी सही तरीके से कार्य नहीं कर रहे। दिल्ली रोड पर बने एसटीपी का कुछ हिस्सा तो एनएच 152-डी के दायरे में आ गया है, जिससे अब यहां स्टोरेज क्षमता घट गई है। दूसरे रामनगर के समीप बने एसटीपी के आसपास भी पानी की स्टोरेज का कोई प्रबंधन नहीं है जिससे शहर से मेन लाइनों के जरिये पानी की निकासी नहीं हो पाती है। शहर में 35 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन है। शहर का अधिकतर सीवर का पानी शहर से सटे सीसीआई परिसर में डाला जा रहा है। शहर से पंप व मोटरों के जरिये पानी वहां डाला जा रहा है।
विज्ञापन
लाइनें ब्लॉक, सुपर सकर मशीन भी फेल
अप्रोच लाइनों का पानी मेन लाइनों में डाल दिया जाता है। मेन लाइनें रुक जाने से पानी आगे नहीं बढ़ पाता। प्रतिदिन मशीन से सीवर लाइनों की सफाई की जाती है। भिवानी से भी सुपर सकर मशीन मंगवाई जाती है लेकिन सीवर ब्लॉकेज नहीं खुल पाती है। सफाई कर्मचारी बांस की फट्टी से मेनहॉल को खोलने की कोशिश करते हैं लेकिन बात नहीं बन पाती है।
31 करोड़ का प्रोजेक्ट अधूरा
एसटीपी सेे आगे पानी की निकासी के लिए 31 करोड़ के बजट का पाइप लाइन बिछाने का प्रोजेक्ट भी पूरा नहीं हो सका है। एसटीपी से गांव छुछकवास तक करीब 25 किलोमीटर लंबी सीवर पाइप लाइन बिछाई जानी है ताकि एसटीपी के पानी को फिल्टकर ड्रेन आठ में डाला जा सके।
इस संबंध में जनस्वास्थ्य विभाग केे जेई पवन कुमार का कहना है कि नालों की सफाई की जा रही है। पंप व मोटर तैयार कर दिए गए हैं। शहर में बारिश होने पर जलभराव नहीं होने दिया जाएगा।
पवन कुमार, जेई जनस्वास्थ्य विभाग